म्युचुअल फंड कंपनियों (AMC) के लिए चौथी तिमाही की तस्वीर इस बार थोड़ी उलझी हुई नजर आ रही है। एक तरफ उनका असली बिजनेस यानी कोर कमाई मजबूत बनी हुई है, तो दूसरी तरफ बाजार की गिरावट ने कुल मुनाफे पर दबाव डाल दिया है। एंटीक स्टॉक ब्रोकिंग की ताजा रिपोर्ट में इसी मिली-जुली तस्वीर को विस्तार से समझाया गया है।
रिपोर्ट के मुताबिक, पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के कारण बाजार में करीब 15 प्रतिशत की गिरावट आई है। इसका सीधा असर म्युचुअल फंड कंपनियों के इक्विटी AUM (एसेट्स) और उनकी रिपोर्टेड कमाई पर पड़ा है। हालांकि, अच्छी बात यह है कि SIP के जरिए निवेश लगातार आता रहा है, जिससे कुल AUM में मजबूती बनी हुई है। अनुमान है कि AMC कंपनियों का कुल औसत AUM सालाना आधार पर करीब 20 प्रतिशत और तिमाही आधार पर करीब 1 प्रतिशत बढ़ सकता है। इक्विटी AUM में भी करीब 22 प्रतिशत की सालाना बढ़त संभव है।
रिपोर्ट बताती है कि कंपनियों की आय (Revenue) में करीब 19 प्रतिशत की सालाना बढ़त हो सकती है। लेकिन “अन्य आय” (Other Income) में भारी गिरावट देखने को मिल सकती है, जो मुनाफे पर बड़ा असर डालेगी। यही वजह है कि कंपनियों का कुल मुनाफा (PAT) सालाना आधार पर करीब 5 प्रतिशत और तिमाही आधार पर करीब 24 प्रतिशत तक घट सकता है। हालांकि, अगर सिर्फ कोर बिजनेस की बात करें तो EBITDA यानी ऑपरेटिंग कमाई करीब 23 प्रतिशत तक बढ़ सकती है, जो सेक्टर की असली मजबूती दिखाती है।
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रिपोर्ट के अनुसार, ICICI AMC, निप्पॉन AMC (NAM) और HDFC AMC इस तिमाही में रेवेन्यू ग्रोथ के मामले में आगे रह सकती हैं। इन कंपनियों को एक्टिव और पैसिव दोनों तरह के फंड में अच्छे निवेश का फायदा मिल रहा है। वहीं, आदित्य बिड़ला सन लाइफ AMC और UTI AMC की ग्रोथ अपेक्षाकृत धीमी रह सकती है।
ICICI AMC की आय में करीब 23 प्रतिशत की बढ़त हो सकती है और इसका कोर बिजनेस काफी मजबूत दिख रहा है। हालांकि, अन्य आय में गिरावट के कारण मुनाफे पर असर पड़ सकता है। HDFC AMC में भी steady ग्रोथ की उम्मीद है। इसकी आय और AUM दोनों में अच्छी बढ़त होगी, लेकिन मुनाफा कुछ कमजोर रह सकता है। निप्पॉन AMC (NAM) सेक्टर में सबसे तेज ग्रोथ दिखा सकती है, जहां AUM और आय दोनों में मजबूत बढ़त होगी। ABSL AMC में आय बढ़ेगी, लेकिन अन्य आय में भारी गिरावट के कारण मुनाफा काफी घट सकता है। UTI AMC के लिए स्थिति थोड़ी ज्यादा चुनौतीपूर्ण है, जहां ट्रेजरी लॉस के कारण मुनाफे में बड़ी गिरावट आ सकती है, हालांकि कोर बिजनेस स्थिर बना हुआ है।
रिपोर्ट के मुताबिक, इंडस्ट्री का औसत यील्ड थोड़ा घटकर करीब 39.9 बेसिस प्वाइंट पर आ सकता है। इसका कारण फंड के मिश्रण (मिक्स) में बदलाव है। हालांकि, ऑपरेटिंग लेवल पर कंपनियां अपनी लागत को बेहतर तरीके से संभाल रही हैं, जिससे कोर मार्जिन मजबूत बना हुआ है।
मध्यम अवधि में सेक्टर की कहानी अब भी मजबूत मानी जा रही है। भारत में तेजी से बढ़ती रिटेल भागीदारी, SIP का लगातार आना और बचत का निवेश की ओर बढ़ना, इन कंपनियों के लिए बड़े पॉजिटिव फैक्टर हैं। एंटीक का अनुमान है कि FY26 से FY28 के बीच सेक्टर में AUM की ग्रोथ 14 से 20 प्रतिशत और आय व मुनाफे की ग्रोथ 12 से 18 प्रतिशत के बीच रह सकती है। सबसे बड़ा जोखिम बाजार की कमजोरी है। अगर बाजार लंबे समय तक दबाव में रहता है, तो निवेश की रफ्तार और AUM ग्रोथ दोनों प्रभावित हो सकते हैं। इससे कंपनियों की कमाई पर भी असर पड़ेगा।
रिपोर्ट में ICICI AMC और निप्पॉन AMC को टॉप पिक बताया गया है। ब्रोकरेज का मानना है कि ये कंपनियां मौजूदा हालात में भी बेहतर प्रदर्शन कर सकती हैं और निवेशकों के लिए अच्छे विकल्प साबित हो सकती हैं।
(डिस्क्लेमर: यहां दी गई राय ब्रोकरेज की है। बिज़नेस स्टैंडर्ड इन विचारों से सहमत होना जरूरी नहीं समझता और निवेश से पहले पाठकों को अपनी समझ से फैसला करने की सलाह देता है।)