facebookmetapixel
Advertisement
राज्य की प्रतिक्रिया और अभिव्यक्ति की सीमाएं testtestभारत का डिफेंस प्रोडक्शन ऑल-टाइम हाई पर, FY26 में15.6% बढ़कर ₹1.78 लाख करोड़ पर पहुंचाHCL Tech के नतीजों की तारीख तय, 13 जुलाई को आएगा रिपोर्ट कार्ड; डिविडेंड पर भी होगा फैसलारिटर्न कहीं और, निवेश कहीं और! क्या सही फंड चुन रहे हैं निवेशक? एक्सपर्ट से समझेंAI के दम पर नई छलांग की तैयारी में Coforge? शेयर में 50% तक तेजी की उम्मीद, एक्सपर्ट्स बुलिशकच्चा तेल सस्ता हो रहा है, फिर पेट्रोल-डीजल क्यों नहीं?20 लाख रुपये से ज्यादा पैकेज वाली नौकरियों में उछाल, ब्रोकरेज ने बताए 4 पसंदीदा IT स्टॉक्सJio IPO का इंतजार खत्म! ₹4 अरब के मेगा IPO की तैयारी तेज, जल्द दाखिल होंगे ड्राफ्ट पेपरसरकार के आदेश के खिलाफ Telegram का पलटवार, Delhi HC पहुंची याचिकाब्राजील में पेट्रोल से 70% सस्ता, भारत में सिर्फ 20%: क्या फ्लेक्स-फ्यूल बनेगा हिट? बता रहे एक्सपर्ट

बैलेंस्ड एडवांटेज फंड्स ने इक्विटी में बढ़ाया निवेश, 1 साल में 42% से बढ़कर 55% तक पहुंचा एक्सपोजर

Advertisement

बैलेंस्ड एडवांटेज फंडों ने हाल में इक्विटी में अपना निवेश बढ़ाया है और कई योजनाओं का अब 60 प्रतिशत से अधिक निवेश इक्विटी में है।

Last Updated- September 22, 2025 | 10:28 PM IST
Balanced Advantage Funds

बैलेंस्ड एडवांटेज फंडों (बीएएफ) में इक्विटी आवंटन पिछले एक साल में बढ़ा है और अब अधिकांश योजनाओं में मुख्य रूप से इक्विटी में निवेश किया जा रहा है। ये फंड बाजार की स्थितियों के आधार पर इक्विटी और डेट के बीच बदलाव करते हैं। पिछले अगस्त में इक्विटी बाजार के मूल्यांकन में भारी वृद्धि के कारण बैलेंस्ड एडवांटेज फंडों का शुद्ध इक्विटी निवेश उनके निचले स्तर पर पहुंच गया था क्योंकि उस समय रिस्क-रिवार्ड का संतुलन डेट की ओर हो गया था।

इस श्रेणी की शीर्ष पांच योजनाओं (एडलवाइस बीएएफ को छोड़कर जो एक अलग तरह का आवंटन मॉडल अपनाती हैं) का अगस्त के अंत में औसत शुद्ध इक्विटी निवेश 55.5 प्रतिशत था जो एक साल पहले के 42.8 प्रतिशत से अ​धिक है।

फंड्सइंडिया के वरिष्ठ शोध प्रबंधक जिराल मेहता ने कहा, ‘बैलेंस्ड एडवांटेज फंडों ने हाल में इक्विटी में अपना निवेश बढ़ाया है और कई योजनाओं का अब 60 प्रतिशत से अधिक निवेश इक्विटी में है। यह बढ़ोतरी मॉडल आधारित संकेतों (मूल्यांकन और धारणाओं के आधार पर) और बाजार की उम्मीदों में बदलाव दोनों को दर्शाती है, जिसमें मुद्रास्फीति पर नियंत्रण के साथ निरंतर वृद्धि की उम्मीद शामिल है।’

हालांकि इन फंडों के पास इक्विटी और डेट के बीच सही संतुलन तय करने के लिए अलग-अलग मॉडल हैं। लेकिन ज्यादातर मॉडलों में एक मुख्य पैरामीटर इक्विटी मूल्यांकन है। टाटा ऐसेट मैनेजमेंट के मुख्य निवेश अधिकारी (सीआईओ-इक्विटी) राहुल सिंह के अनुसार इक्विटी मूल्यांकन में गिरावट इक्विटी आवंटन में बढ़ोतरी का मुख्य कारण रही है।

उन्होंने कहा, ‘तीन या छह महीने पहले की तुलना में आज के कम पीई रेश्यो को ध्यान में रखते हुए इक्विटी आवंटन बढ़ाया गया है। दूसरा, मॉडल में टेक्निकल और मोमेंटम फैक्टर के आधार पर स्कोरिंग भी शामिल है जो अभी भी ठीक-ठाक पॉजिटिव बनी हुई है। इन दोनों फैक्टरों के संयोजन ने हमें फंड में इक्विटी का हिस्सा बढ़ाने के लिए प्रेरित किया है।’

पिछले एक साल में इक्विटी बाजार में कीमत और समय दोनों में गिरावट देखी गई है। इस दौरान निफ्टी 500 का पिछले 12 महीने का पीई रेश्यो 27.2 से घटकर 24.3 रह गया। बाजार की स्थितियों के अनुसार खुद को बदलने की क्षमता के कारण हाल के वर्षों में ऊंचे इक्विटी मूल्यांकन और वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच बैलेंस्ड एडवांटेज फंडों सहित हाइब्रिड फंड सबसे ज्यादा पसंदीदा निवेश विकल्प रहे हैं। कम जोखिम लेने वाले निवेशकों के लिए बैलेंस्ड एडवांटेज फंडों को सदाबहार और अच्छा निवेश विकल्प माना जाता है।

शेयर डॉट मार्केट (फोनपे वेल्थ) के प्रमुख (इन्वेस्टमेंट प्रोडक्ट्स) नीलेश डी नाइक ने कहा, ‘बाजार की स्थिति कैसी भी हो, ये फंड उन सतर्क निवेशकों के लिए अच्छा निवेश विकल्प है जो इक्विटी की दीर्घाव​धि बढ़ोतरी की संभावना में हिस्सा लेना चाहते हैं और साथ ही अल्पाव​धि जोखिम भी कम करना चाहते हैं। निवेशकों के सामने सबसे बड़ी चुनौतियों में से एक व्यवहार संबंधी पूर्वग्रहों से बचना है। बैलेंस्ड एडवांटेज फंड ऐसे पूर्वग्रहों को दूर करने में मदद करते हैं क्योंकि उनके आवंटन निर्णय आमतौर पर पहले से तय ऐसेट आवंटन मॉडल पर आधारित होते हैं, जिनमें विकास और मूल्यांकन स्तर जैसे विभिन्न पैरामीटर शामिल हैं।’

कुछ महीने पहले तक इक्विटी में कम निवेश होने से बैलेंस्ड एडवांटेज फंडों को सकारात्मक रिटर्न मिला जबकि अधिकांश इक्विटी फंडों का रिटर्न नकारात्मक रहा था। एक साल की अवधि में उन्होंने औसतन 3 प्रतिशत का रिटर्न दिया है।

Advertisement
First Published - September 22, 2025 | 10:23 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement