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सोना-चांदी के भाव में गिरावट का असर: गोल्ड-सिल्वर ईटीएफ से 3,000 करोड़ रुपये की ऐतिहासिक निकासी

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गोल्ड और सिल्वर ईटीएफ में लगभग छह महीने तक जबरदस्त निवेश आने के बाद अब पैसे बाहर निकल रहे हैं

Last Updated- June 11, 2026 | 11:41 PM IST
Gold Silver ETF

कीमती धातुओं के दामों में जबरदस्त तेजी के बाद अब उनमें नरमी आ रही है। इस कारण गोल्ड और सिल्वर एक्सचेंज-ट्रेडेड फंडों (ईटीएफ) के निवेशक भी अपने पैसे निकाल रहे हैं। मई में निवेशकों ने गोल्ड और सिल्वर ईटीएफ से लगभग 3,000 करोड़ रुपये निकाले, जो इन दोनों श्रेणियों से किसी महीने में अब तक की सबसे ज्यादा निकासी है। इसी तरह अकेले गोल्ड ईटीएफ से मई में 725 करोड़ रुपये की शुद्ध निकासी हुई, जो इस श्रेणी के लिए अब तक की सबसे ज्यादा निकासी है और करीब एक साल में पहली बार मासिक रीडम्पशन हुआ है।

इस साल 29 जनवरी को रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंचने से पहले 2025 में सोने की कीमतों में लगभग 75 फीसदी की बढ़ोतरी हुई थी। जनवरी की ऊंचाई से कीमतों में लगभग 17 फीसदी की गिरावट आई है, जिससे निवेशकों ने अपना मुनाफा वसूलना शुरू कर दिया है। चांदी के मामले में भी ऐसा ही ट्रेंड देखा गया है। हालांकि इसमें गिरावट कहीं ज्यादा तेज रही है। घरेलू बाजार में चांदी की कीमतें अभी जनवरी के अपने उच्चतम स्तर से लगभग 39 फीसदी नीचे हैं।

चांदी की कीमतों में तेजी से आई गिरावट के कारण निवेशकों ने सिल्वर ईटीएफ से भारी निकासी की है। मई में इस श्रेणी से रिकॉर्ड 2,133 करोड़ रुपये की शुद्ध निकासी हुई। इस तरह से लगातार चौथे महीने भी निकासी का सिलसिला बरकरार रहा। इस दौरान निवेशकों ने सिल्वर ईटीएफ से कुल 3,770 करोड़ रुपये निकाले हैं।

गोल्ड और सिल्वर ईटीएफ में लगभग छह महीने तक जबरदस्त निवेश आने के बाद अब पैसे बाहर निकल रहे हैं। जनवरी 2026 तक शुद्ध निवेश और फ़ोलियो की संख्या हर महीने नए रिकॉर्ड बना रही थी क्योंकि कीमती धातुओं के उछलते भावों ने निवेशकों को इस श्रेणी की ओर मोड़ दिया था।

मॉर्निंगस्टार इन्वेस्टमेंट रिसर्च इंडिया में वरिष्ठ विश्लेषक नेहल मेश्राम ने कहा, जनवरी में गोल्ड ईटीएफ में 24,040 करोड़ रुपये का भारी निवेश आने के बाद अगले महीनों में यह रफ्तार धीमी पड़ती गई। इससे संकेत मिलता है कि नए निवेश में धीरे-धीरे कमी आ रही है। ऐसा लगता है कि यह बदलाव सोने की कीमतों में पहले आई तेजी के बाद मुनाफावसूली और निवेशकों की जोखिम लेने की इच्छा में बदलाव के कारण हुआ है, जिसमें कुछ निवेशक सुरक्षित माने जानी वाली परिसंपत्तियों को छोड़कर दूसरे विकल्पों की ओर बढ़ रहे हैं।

फोलियो में शुद्ध जुड़ाव के आंकड़ों से पता चलता है कि बहुत से निवेशक दोनों कीमती मेटल ईटीएफ में अपना निवेश निकाल रहे हैं। गोल्ड ईटीएफ के फोलियो में कम से कम एक साल में पहली बार गिरावट देखी गई। मई में खातों की संख्या 1,34,343 कम हो गई। सिल्वर ईटीएफ के मामले में, खातों की संख्या लगातार दो महीनों से घट रही है। खातों की कुल संख्या मार्च 2026 के 56 लाख के उच्चतम स्तर से करीब 4,00,000 कम हो गई है।

वेलम कैपिटल के सीईओ और पोर्टफोलियो मैनेजर मनीष भंडारी ने कहा, छह महीने पहले कीमतों में लगातार बढ़ोतरी के कारण निवेशकों ने सोने और चांदी की बहुत ज्यादा खरीदारी की थी। अब कीमतों में गिरावट से उन्हें शॉर्ट-टर्म नुकसान हो रहा है। इसकी वजह से वे ईटीएफ से अपना पैसा निकाल रहे हैं। जानकारों के मुताबिक सरकार की ओर से सोने की खरीदारी कम करने की अपील का असर भी गोल्ड ईटीएफ में आने वाले शुद्ध निवेश पर पड़ सकता है।

आनंद राठी वेल्थ के संयुक्त सीईओ फिरोज अजीज ने कहा, गोल्ड ईटीएफ से पैसा निकलने का यह घटनाक्रम लगातार 12 महीनों तक हुए सकारात्मक निवेश के बाद हुआ है और इस दौरान इनमें 70,000 करोड़ रुपये से ज्यादा का निवेश आया था। सोने की कीमतें रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंचने, सरकार की ओर से सोना न खरीदने की अपील और कुछ एएमसी द्वारा ईटीएफ में निवेश रोकने के कारण निवेशक अब ज्यादा व्यावहारिक नजरिया अपनाते दिख रहे हैं। जबरदस्त तेजी के बाद भविष्य में मिलने वाला रिटर्न शायद उतना आकर्षक न लगे, जितना पिछले साल लग रहा था। कुछ निवेशक मुनाफावसूली भी कर रहे होंगे और अपना पैसा दूसरी परिसंपत्तियों खासकर शेयरों में लगा रहे होंगे, जिनमें काफी गिरावट आ चुकी है।

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First Published - June 11, 2026 | 11:37 PM IST

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