NFO Alert: HSBC म्युचुअल फंड ने मंगलवार को अपना पहला स्पेशलाइज्ड इन्वेस्टमेंट फंड (SIF) रेडहेक्स हाइब्रिड लॉन्ग-शॉर्ट फंड (RedHex Hybrid Long-Short Fund) लॉन्च करने की घोषणा की है। यह न्यू फंड ऑफर (NFO) सब्सक्रिप्शन के लिए 2 जून से 16 जून तक खुला रहेगा। इस SIF का मकसद रेगुलर इनकम और कैपिटल एप्रिसिएशन के साथ-साथ विभिन्न मार्केट साइकिल में बेहतर रिस्क-एडजेस्टेड रिटर्न देना है। इसके लिए यह फंड कई तरह के एसेट में निवेश करेगा, जिनमें फिक्स्ड-इनकम सिक्योरिटीज, इक्विटी आर्बिट्राज अवसर तथा रियल एस्टेट इन्वेस्टमेंट ट्रस्ट्स (REITs) और इंफ्रास्ट्रक्चर इन्वेस्टमेंट ट्रस्ट्स (InvITs) की यूनिट्स शामिल हैं।
फंड का नाम- रेडहेक्स हाइब्रिड लॉन्ग-शॉर्ट फंड
फंड टाइप- हाइब्रिड लॉन्ग-शॉर्ट फंड
NFO ओपन डेट- 2 जून 2026
NFO क्लोजिंग डेट- 16 जून 2026
मिनिमम निवेश- ₹10 लाख
एग्जिट लोड- यदि यूनिट्स को आवंटन की तारीख से 1 साल के भीतर रिडीम या स्विच-आउट किया जाता है, तो: 2% शुल्क लागू होगा।
बेंचमार्क- NIFTY 50 Hybrid Composite Debt 50:50 Index
रिस्क लेवल- रिस्क बैंड 2
फंड मैनेजर- वेणुगोपाल मंगहट, श्रीराम रमनथन, प्रवीण आयथान और मयंक चतुर्वेदी
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स्कीम इनफार्मेशन डॉक्यूमेंट (SID) के अनुसार, यह रणनीति अलग-अलग प्रकार की एसेट में डायवर्सिफाइड तरीके से निवेश करेगी। इसका मुख्य उद्देश्य रेगुलर इनकम जनरेट करना है। साथ ही, यह रणनीति उतार-चढ़ाव को कम रखने की कोशिश करेगी ताकि रिटर्न ज्यादा अस्थिर न हों। अपने निवेश का मकसद हासिल करने के लिए यह फंड फिक्स्ड-इनकम इंस्ट्रूमेंट, इक्विटी और इक्विटी से जुड़े इंस्ट्रूूमेंट में निवेश करेगी। इसमें डेरिवेटिव्स के माध्यम से इक्विटी और डेट में सीमित शॉर्ट पोजीशन भी ली जा सकती है।
डेट हिस्सा मुख्य रूप से ज्यादा यील्ड देने वाली डेट सिक्योरिटीज में निवेश कर सकता है, जिनमें अपेक्षाकृत ज्यादा क्रेडिट जोखिम हो सकता है। वहीं, इक्विटी हिस्से की रणनीति मुख्य रूप से आर्बिट्राज अवसरों का लाभ उठाकर रिटर्न जनरेट करने और पोर्टफोलियो में उतार-चढ़ाव को कम करने पर आधारित होगी।
रेडहेक्स हाइब्रिड लॉन्ग-शॉर्ट फंड उन निवेशकों के लिए तैयार किया गया है जो विभिन्न बाजार परिस्थितियों में एक डायवर्सिफाइड निवेश विकल्प की तलाश कर रहे हैं। इस रणनीति का मकसद मध्यम से लंबी अवधि में रेगुलर इनकम के साथ कैपिटल ग्रोथ हासिल करना है। रिस्कोमीटर पर इस SIF को रिस्क बैंड 2 की कैटेगरी में रखा गया है।
बता दें कि SIFs, सेबी द्वारा रेगुलेटेड होते हैं और इनमें टैक्सेशन म्युचुअल फंड्स के जैसे ही लगता है। इनमें निवेश के लिए न्यूनतम राशि 10 लाख रुपये रखी गई है। ये फंड मुख्य रूप से हाई-नेट-वर्थ निवेशकों को ध्यान में रखकर बनाए गए हैं, जो ज्यादा बेहतर रिस्क मैनेजमेंट के साथ इनोवेशन की तलाश में रहते हैं।
(डिस्क्लेमर: यहां NFO की डीटेल दी गई है। ये निवेश की सलाह नहीं है। म्युचुअल फंड में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेश संबंधी फैसला करने से पहले अपने एडवाइजर से परामर्श कर लें।)