NFO Alert: इनवेस्को म्युचुअल फंड ने गुरुवार को इनवेस्को इंडिया बीएसई सेंसेक्स इंडेक्स फंड (एक ओपन-एंडेड स्कीम, जो बीएसई सेंसेक्स इंडेक्स को ट्रैक करती है) और इनवेस्को इंडिया निफ्टी बैंक इंडेक्स फंड (ओपन-एंडेड स्कीम, जो निफ्टी बैंक इंडेक्स को ट्रैक करती है) लॉन्च करने की घोषणा की। ये फंड निवेशकों को भारत के प्रमुख इक्विटी और बैंकिंग सेक्टर में पैसिव निवेश का विकल्प प्रदान करने के लिए बनाए गए हैं। दोनों स्कीम का न्यू फंड ऑफर (NFO) आज यानी 23 अप्रैल, 2026 से सब्सक्रिप्शन के लिए खुल गया है। निवेशक 7 मई, 2026 तक इस फंड में पैसा लगा सकते है।
दोनों योजनाओं में NFO के दौरान न्यूनतम एकमुश्त निवेश राशि ₹100 है और इसके बाद ₹1 के मल्टीपल में निवेश किया जा सकता है। SIP निवेश के लिए दोनों योजनाएं ये विकल्प देती हैं– दैनिक (न्यूनतम ₹20, केवल डिजिटल प्लेटफॉर्म पर), साप्ताहिक (न्यूनतम ₹100), मासिक (न्यूनतम ₹100) और तिमाही (न्यूनतम ₹300)। इसके बाद निवेश ₹1 रुपये के मल्टीपल में किया जा सकता है। निवेशकों से कोई एग्जिट लोड नहीं लिया जाएगा। अभिषेक बहिनीपति दोनों स्कीम के फंड मैनेजर हैं।
Also Read: WhiteOak Capital MF के इन 16 फंड्स में नहीं लगेगा एग्जिट लोड; निवेशकों को सीधा फायदा
इनवेस्को इंडिया बीएसई सेंसेक्स इंडेक्स फंड, BSE Sensex Index की संरचना के अनुसार इक्विटी और उससे जुड़े इंस्ट्रूमेंट में पैसिव निवेश करेगा, जिसमें कुछ हद तक ट्रैकिंग एरर संभव है।
BSE Sensex भारत के सबसे ज्यादा ट्रैक किए जाने वाले इक्विटी बेंचमार्क में से एक है, जो देश की 30 बड़ी, लाभकारी और विभिन्न प्रमुख सेक्टर्स की लीडिंग कंपनियों का प्रतिनिधित्व करता है। अपने मजबूत ट्रैक रिकॉर्ड के साथ यह इंडेक्स लंबे समय से भारत की आर्थिक वृद्धि के साथ तालमेल बनाए हुए है और निवेशकों को इक्विटी बाजार में भागीदारी का एक सरल, पारदर्शी और किफायती माध्यम उपलब्ध कराता है।
यह स्कीम BSE Sensex में शामिल कंपनियों में उसी अनुपात (वेटेज) में निवेश करेगी, जैसा इंडेक्स में है, और इसका मकसद ट्रैकिंग एरर को कम से कम रखना होगा।
इनवेस्को इंडिया निफ्टी बैंक इंडेक्स फंड, Nifty Bank Index की संरचना के अनुसार इक्विटी और उससे जुड़े इंस्ट्रूमेंट में पैसिव निवेश करेगा। इसमें कुछ हद तक ट्रैकिंग एरर हो सकता है।
Nifty Bank Index में भारत के प्रमुख बैंक शामिल होते हैं, जिनमें प्राइवेट और पब्लिक सेक्टर दोनों के बैंक आते हैं। यह सेक्टर देश की आर्थिक वृद्धि में अहम भूमिका निभाता है।
यह स्कीम पैसिव निवेश रणनीति अपनाएगी और इंडेक्स में शामिल कंपनियों में उसी वेटेज के अनुसार निवेश करेगी। इसका मकसद ट्रैकिंग एरर को कम रखना होगा। इससे निवेशकों को बैंकिंग सेक्टर में सीधा निवेश का मौका मिलेगा, साथ ही अलग-अलग बड़े बैंकों में निवेश के जरिए बेहतर डाइवर्सिफिकेशन भी मिलेगा।
भारत का मजबूत मैक्रोइकोनॉमिक माहौल– जैसे मजबूत घरेलू खपत, अनुकूल जनसंख्या, नीतिगत सुधार और बढ़ते वित्तीय बाजार– लंबे समय में धन बनाने में मदद करता है। इन दोनों फंड्स को इस तरह बनाया गया है कि निवेशकों को भारत की लंबी अवधि की ग्रोथ में पैसिव निवेश के जरिए कम लागत और पारदर्शी तरीके से भाग लेने का मौका मिल सके।
(डिस्क्लेमर: यहां NFO की डीटेल दी गई है। ये निवेश की सलाह नहीं है। म्युचुअल फंड में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेश संबंधी फैसला करने से पहले अपने एडवाइजर से परामर्श कर लें।)