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म्युचुअल फंड से लेकर शेयर बाजार तक: फाइनेंस की दुनिया में सबसे तेजी से उभरती ताकत बन रहीं महिलाएं

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म्युचुअल फंड, शेयर बाजार, बीमा और बैंकिंग (BFSI) जैसे क्षेत्रों में अब महिलाएं पहले से जल्दी निवेश शुरू कर रही हैं

Last Updated- March 06, 2026 | 3:57 PM IST
Indian Women

Women’s Day 2026: अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर ए़डलवाइस म्युचुअल फंड (Edelweiss Mutual Fund) ने एक नया डिजिटल कैंपेन शुरू किया है। इस कैंपेन में भारत के फाइनैंशियल इकोसिस्टम में हो रहे एक बड़े बदलाव को दिखाया गया है, जहां महिलाएं तेजी से निवेशक (investors) और वित्तीय फैसले (financial decision) लेने वाली बन रही हैं।

म्युचुअल फंड, शेयर बाजार, बीमा और बैंकिंग (BFSI) जैसे क्षेत्रों में अब महिलाएं पहले से जल्दी निवेश शुरू कर रही हैं। उद्योग के रुझान बताते हैं कि महिला निवेशक नियमित रूप से निवेश कर रही हैं और लंबी अवधि के लिए अनुशासित वित्तीय आदतें बना रही हैं। यह देश में वेल्थ क्रिएशन के तरीके में हो रहे बड़े बदलाव को दिखाता है।

महिलाओं की निवेश में बढ़ती भागीदारी

एडलवाइस म्युचुअल फंड की मैनेजिंग डायरेक्टर और सीईओ राधिका गुप्ता ने कहा, “लंबे समय तक महिलाओं और फाइनैंस से जुड़ी चर्चाएं इस बात पर केंद्रित रही हैं कि क्या कमी है- जैसे भागीदारी, पहुंच या आत्मविश्वास की कमी। लेकिन आज हम एक मजबूत बदलाव देख रहे हैं। महिलाएं पहले से जल्दी निवेश कर रही हैं, अनुशासित आदतें विकसित कर रही हैं और अपने वित्तीय भविष्य की जिम्मेदारी खुद संभाल रही हैं। यह कैंपेन इसी बढ़ती गति को पहचानने और ज्यादा महिलाओं को इसका हिस्सा बनने के लिए प्रेरित करने के बारे में है।”

Also Read: निवेश में बढ़ रही महिलाओं की भागीदारी, 56% अब खुद ले रही फैसले; लेकिन फाइनैंशियल प्लानिंग में बड़ा गैप

कैंपेन का रुझान पॉजिटव

फंड हाउस के अनुसार यह अभियान जानबूझकर पॉजिटव रुझान अपनाता है। इसमें केवल कमियों पर ध्यान देने के बजाय महिलाओं की प्रगति और उपलब्धियों को सामने रखा गया है। निवेश और वित्तीय फैसलों में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी को दिखाकर यह पहल फाइनैंशियल इकोसिस्टम में बन रही पॉजिटिव गति को पहचानने और ज्यादा महिलाओं को इसमें शामिल होने के लिए प्रोत्साहित करने का प्रयास करती है।

तेजी से निवेश खाते खोल रही महिलाएं

इस कैंपेन की फिल्म में राधिका गुप्ता मुख्य भूमिका में हैं। फिल्म का मुख्य संदेश है कि आज वित्तीय दुनिया में सबसे तेजी से बढ़ने वाली ताकत कोई उत्पाद या कंपनी नहीं, बल्कि महिलाएं हैं। देशभर में महिलाएं तेजी से निवेश खाते खोल रही हैं। वे सिस्टमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान (SIP) शुरू कर रही हैं। महिलाएं अब पूंजी बाजार में भी ज्यादा भागीदारी कर रही हैं। साथ ही वे लंबी अवधि में संपत्ति बनाने की आदतें भी विकसित कर रही हैं।

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First Published - March 6, 2026 | 3:57 PM IST

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