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Quant MF ने उतारा नया SIF, सेक्टर रोटेशन स्ट्रैटेजी पर फोकस; किसे करना चाहिए निवेश?

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NFO Alert: फंड अधिकतम चार ऐसे सेक्टर्स में निवेश करेगा, जिनमें अच्छी ग्रोथ की संभावना हो। यह निवेश इक्विटी और उससे जुड़े इंस्ट्रूमेंट्स में किया जाएगा

Last Updated- April 29, 2026 | 3:48 PM IST
NFO
प्रतीकात्मक तस्वीर | फाइल फोटो

NFO Alert: स्पेशलाइज्ड इन्वेस्टमेंट फंड (SIF) सेगमेंट में इन दिनों तेजी से हलचल बढ़ रही है, जहां फंड हाउसों के बीच नई-नई रणनीतियों के साथ स्कीम लॉन्च करने की होड़ लगी हुई है। इसी कड़ी में क्वांट म्युचुअल फंड ने QSIF सेक्टर रोटेशन लॉन्ग-शॉर्ट फंड पेश किया है। इस स्कीम का मकसद लंबे समय में पूंजी बढ़ाना है। फंड अधिकतम चार ऐसे सेक्टर्स में निवेश करेगा, जिनमें अच्छी ग्रोथ की संभावना हो। यह निवेश इक्विटी और उससे जुड़े इंस्ट्रूमेंट्स में किया जाएगा। साथ ही, कुछ मामलों में डेरिवेटिव्स के जरिए सीमित शॉर्ट पोजीशन भी ली जाएगी, ताकि गिरते सेक्टर्स से फायदा उठाया जा सके और जोखिम के हिसाब से बेहतर रिटर्न हासिल हो सके। इस SIF का न्यू फंड ऑफर (NFO) 27 अप्रैल 2026 से सब्सक्रिप्शन के खुला है और 11 मई को बंद होगा।

QSIF Sector Rotation Long-Short Fund की डिटेल

फंड का नाम- QSIF सेक्टर रोटेशन लॉन्ग-शॉर्ट फंड

फंड टाइप- सेक्टर रोटेशन लॉन्ग-शॉर्ट फंड

NFO ओपन डेट- 27 अप्रैल 2026

NFO क्लोजिंग डेट- 11 मई 2026

मिनिमम निवेश- ₹10 लाख

मिनिमम SIP निवेश- ₹10,000 (फंड के दोबारा खुलने के बाद)

एग्जिट लोड- यूनिट्स के आवंटन की तारीख से 15 दिनों के भीतर रिडीम या स्विच आउट करने पर 1% शुल्क लागू होगा।

बेंचमार्क- Nifty 500 (TRI)

रिस्क लेवल- बहुत ज्यादा जोखिम (very high risk)

फंड मैनेजर- संदीप टंडन, जिग्नेश शाह, अंकित पांडे, समीर केट और संजीव शर्मा

Also Read: Tata MF का नया SIF: Titanium Equity Long-Short Fund हर बाजार में कैसे देगा कमाई का मौका?

सेक्टर रोटेशन स्ट्रैटेजी पर फोकस

यह स्कीम SIF फ्रेमवर्क के तहत एक ओपन-एंडेड इक्विटी-ओरिएंटेड फंड के रूप में तैयार की गई है, जो पोर्टफोलियो बनाने में ज्यादा लचीलापन देती है। इसमें डेरिवेटिव्स के जरिए सीमित शॉर्ट पोजीशन लेने की भी अनुमति है।

यह फंड सेक्टर रोटेशन रणनीति अपनाएगा, जिसके तहत बदलते मार्केट साइकल के अनुसार चुनिंदा सेक्टर्स में निवेश किया जाएगा। जो सेक्टर बेहतर प्रदर्शन करने की संभावना रखते हैं, उनमें लॉन्ग पोजीशन ली जाएगी, जबकि कमजोर रहने वाले सेक्टर्स में शॉर्ट पोजीशन ली जा सकती है।

यह रणनीति आमतौर पर सीमित संख्या में, अक्सर एक समय में अधिकतम चार सेक्टर्स पर फोकस करती है, ताकि साइकलिकल अवसरों का फायदा उठाया जा सके और बेहतर रिटर्न की संभावना बढ़ाई जा सके।

फंड की इन्वेस्टमेंट स्ट्रैटेजी क्या होगी?

स्कीम इनफार्मेशन डॉक्यूमेंट (SID) के अनुसार, यह फंड बाजार के साइकल और मैक्रोइकोनॉमिक ट्रेंड्स का फायदा उठाने के लिए बनाया गया है। फंड अपनी कुल एसेट का कम से कम 80% हिस्सा इक्विटी और उससे जुड़े इंस्ट्रूमेंट्स में निवेश करेगा। यह निवेश अधिकतम चार चुने हुए सेक्टर्स में किया जाएगा, जिन्हें ग्रोथ और बाजार के मौके को ध्यान में रखकर चुना जाएगा।

इस रणनीति में डेरिवेटिव्स के जरिए अधिकतम 25% तक शॉर्ट पोजीशन ली जा सकती है। अगर किसी सेक्टर में शॉर्ट पोजीशन ली जाती है, तो उस सेक्टर के सभी स्टॉक्स में एक समान शॉर्ट पोजीशन रखी जाएगी, ताकि जोखिम नियंत्रित रहे।

फंड आमतौर पर 80% से 100% तक निवेश लॉन्ग इक्विटी पोजीशन में रखेगा। साथ ही, 20% तक रकम कैश या मनी मार्केट इंस्ट्रूमेंट्स में रखी जा सकती है, ताकि जरूरत पड़ने पर लिक्विडिटी और पोर्टफोलियो में बदलाव किया जा सके। 25% से ज्यादा डेरिवेटिव्स का उपयोग केवल हेजिंग (जोखिम कम करने) और पोर्टफोलियो के रीबैलेंसिंग के लिए किया जाएगा।

इस तरह फंड बदलते हुए सेक्टर ट्रेंड्स के अनुसार खुद को एडजस्ट करता है, जोखिम को नियंत्रित करता है और बेहतर रिटर्न हासिल करने की कोशिश करता है।

Also Read: SIF बाजार में आने को तैयार फंडों की नई कतार, AUM ₹10,000 करोड़ के पार पहुंचा

किसे करना चाहिए निवेश?

QSIF सेक्टर रोटेशन लॉन्ग-शॉर्ट फंड उन निवेशकों के लिए तैयार किया गया है जो बाजार के बदलते साइकिल के हिसाब अलग-अलग सेक्टर्स में मौजूद ग्रोथ की संभावना का फायदा उठाना चाहते है। इस स्कीम का मकसद लंबे समय में पूंजी बढ़ाना है। फंड अधिकतम चार ऐसे सेक्टर्स में निवेश करेगा, जिनमें अच्छी ग्रोथ की संभावना हो।

SIFs, सेबी द्वारा रेगुलेटेड होते हैं और इनमें टैक्सेशन म्युचुअल फंड्स के जैसे ही लगता है। इनमें निवेश के लिए न्यूनतम राशि 10 लाख रुपये रखी गई है। ये फंड मुख्य रूप से हाई-नेट-वर्थ निवेशकों को ध्यान में रखकर बनाए गए हैं, जो ज्यादा बेहतर रिस्क मैनेजमेंट के साथ इनोवेशन की तलाश में रहते हैं।


(डिस्क्लेमर: यहां NFO की डीटेल दी गई है। ये निवेश की सलाह नहीं है। म्युचुअल फंड में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेश संबंधी फैसला करने से पहले अपने एडवाइजर से परामर्श कर लें।)

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First Published - April 29, 2026 | 3:48 PM IST

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