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Gold-Silver ETFs में Nippon India नंबर वन, AUM ₹1 लाख करोड़ के पार; देखें टॉप-10 AMCs की लिस्ट

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NSE के आंकड़ों के मुताबिक, 28 जनवरी 2026 तक निप्पॉन इंडिया गोल्ड ईटीएफ (Nippon India’s Gold ETF) का AUM 55,124 करोड़ रुपये था, जबकि सिल्वर ईटीएफ का AUM 47,392 करोड़ रुपये रहा

Last Updated- January 28, 2026 | 5:06 PM IST
Gold-Silver ETF

अगर आप म्युचुअल फंड के जरिए सोने या चांदी में निवेश करते हैं, तो संभव है कि आपके पोर्टफोलियो में एक्सचेंज-ट्रेडेड फंड (ETF) का भी एक्सपोजर हो। भले ही आप यह एक्टिव रूप से न देखते हों कि उसे कौन-सी फंड हाउस मैनेज कर रही है। इस हफ्ते इस इकोसिस्टम ने एक अहम मुकाम हासिल किया।

AUM ₹1 लाख करोड़ के पार

निप्पॉन इंडिया म्युचुअल फंड के गोल्ड और सिल्वर ईटीएफ की ज्वाइंट एसेट अंडर मैनेजमेंट (AUM) 1 लाख करोड़ रुपये के पार पहुंच गई है, जिससे वह भारत में कीमती धातुओं के ईटीएफ (precious metals ETFs) का सबसे बड़ा मैनेजर बन गया है। NSE के आंकड़ों के मुताबिक, 28 जनवरी 2026 तक निप्पॉन इंडिया गोल्ड ईटीएफ (Nippon India’s Gold ETF) का AUM 55,124 करोड़ रुपये था, जबकि सिल्वर ईटीएफ का AUM 47,392 करोड़ रुपये रहा। इस तरह दोनों का कुल AUM 1.02 लाख करोड़ रुपये पर पहुंच गया।

Also Read: Budget 2026: क्या डेट म्युचुअल फंड्स में लौटेगा इंडेक्सेशन बेनिफिट? जानें निवेशकों के लिए क्यों है यह जरूरी

व्यक्तिगत निवेशकों के लिए यह आंकड़ा अपने आप में उतना मायने नहीं रखता, जितना यह संकेत देता है कि सोना और चांदी अब पोर्टफोलियो में तेजी से मुख्यधारा की निवेश संपत्ति बन रहे हैं और निवेशक इन्हें ETF के जरिए अपनाना पसंद कर रहे हैं।

Gold-Silver ETF में Nippon India नंबर वन

गोल्ड और सिल्वर ईटीएफ मैनेज करने वाली टॉप 10 एसेट मैनेजमेंट कंपनियों (AMCs) में निप्पॉन इंडिया म्युचुअल फंड का ज्वाइंट एसेट अंडर मैनेजमेंट (AUM) सबसे ज्यादा है। यह आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल म्युचुअल फंड (₹48,165.7 करोड़), एचडीएफसी म्युचुअल फंड (₹34,075.7 करोड़) और एसबीआई म्युचुअल फंड (₹33,103.6 करोड़) जैसे प्रतिस्पर्धियों से आगे है।

कुल मिलाकर, टॉप 10 AMCs गोल्ड और सिल्वर ईटीएफ में 2.76 लाख करोड़ रुपये की संपत्ति को मैनेज कर रही हैं।

Asset Management Company (AMC) Gold ETF AUM (₹ crore) Silver ETF AUM (₹ crore) Total AUM (₹ crore)
Nippon India MF 55,124.5 47,392.0 102,516.5
ICICI Prudential MF 24,586.6 23,579.1 48,165.7
HDFC MF 22,985.0 11,090.7 34,075.7
SBI MF 24,194.4 8,909.2 33,103.6
Kotak MF 15,595.0 4,222.5 19,817.5
Tata MF 5,109.5 6,987.3 12,096.8
Axis MF 5,264.7 2,709.8 7,974.5
Aditya Birla Sun Life MF 2,909.8 4,968.6 7,878.3
UTI MF 4,320.5 2,248.0 6,568.4
Mirae Asset MF 3,022.1 1,263.3 4,285.4

गोल्ड और सिल्वर ईटीएफ के एसेट्स में तेज बढ़ोतरी यह दर्शाती है कि निवेशक प्रेशियस मेटल्स में निवेश के लिए पारदर्शी, लिक्विड और रेगुलेटेड विकल्पों को ज्यादा प्राथमिकता दे रहे हैं। गोल्ड ईटीएफ का इस्तेमाल पोर्टफोलियो में डायवर्सिफिकेशन लाने और महंगाई से बचाव के साधन के तौर पर किया जा रहा है, जबकि सिल्वर ईटीएफ को प्रेशियस मेटल होने के साथ-साथ इंडस्ट्रियल मेटल की दोहरी भूमिका के चलते तेजी से अपनाया जा रहा है।

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सोना-चांदी में निवेश का पसंदीदा जरिया ETF

कई सालों तक भारत में सोने में निवेश का मतलब गहने या फिजिकल गोल्ड बार खरीदना होता था। लेकिन अब रिटेल, HNIs और संस्थागत निवेशकों का एक बड़ा वर्ग सोना-चांदी में निवेश के लिए ETF को चुन रहा है।

इसके पीछे वजहें साफ हैं-

  • स्टोरेज और शुद्धता (प्योरिटी) की कोई चिंता नहीं
  • बाजार भाव से जुड़ी पारदर्शी कीमत
  • स्टॉक एक्सचेंज के जरिए आसानी से खरीद-फरोख्त
  • रेगुलेटेड ढांचा और रोजाना खुलासे

Gold vs Silver: निवेशक कैसे कर रहे हैं इस्तेमाल

1 लाख करोड़ रुपये के इस आंकड़े में गोल्ड और सिल्वर का बंटवारा भी कई संकेत देता है।

गोल्ड अब भी उन निवेशकों को ज्यादा आकर्षित कर रहा है जो लंबे समय के लिए स्थिरता चाहते हैं, खासकर करेंसी में उतार-चढ़ाव, भू-राजनीतिक तनाव या शेयर बाजार में गिरावट के दौर में। वहीं, सिल्वर को पिछले दो सालों में तेजी से अपनाया गया है, जिसकी वजहें हैं-

  • रिन्यूएबल एनर्जी, इलेक्ट्रॉनिक्स और इलेक्ट्रिक व्हीकल्स (EV) में इसकी बढ़ती भूमिका।
  • कीमतों में ज्यादा उतार-चढ़ाव, जो टैक्टिकल निवेशकों को पसंद आता है।
  • गोल्ड के मुकाबले कम निवेश राशि (लोअर टिकट साइज)।
  • अब कई निवेशक दोनों धातुओं में निवेश कर रहे हैं- स्थिरता के लिए गोल्ड और बेहतर रिटर्न की संभावनाओं में हिस्सेदारी के लिए सिल्वर।

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First Published - January 28, 2026 | 5:06 PM IST

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