नुवामा वेल्थ मैनेजमेंट लिमिटेड ने बुधवार को कहा कि उसे मार्केट रेगुलेटर सेबी (SEBI) से अपनी एसेट मैनेजमेंट यूनिट, नुवामा एसेट मैनेजमेंट के जरिए म्युचुअल फंड बिजनेस शुरू करने की मंजूरी मिल गई है। इस मंजूरी के साथ कंपनी के लिए म्युचुअल फंड कारोबार स्थापित करने और अपनी एसेट मैनेजमेंट सेवाओं का विस्तार करने का रास्ता साफ हो गया है।
नुवामा ने कहा कि उसकी एसेट मैनेजमेंट कंपनी शुरुआत में स्पेशलाइज्ड इन्वेस्टमेंट फंड (SIF) फ्रेमवर्क के तहत निवेश उत्पाद लॉन्च करने के लिए नियामकीय मंजूरियां हासिल करेगी। इसके बाद समय के साथ वह म्युचुअल फंड उत्पादों की व्यापक श्रृंखला पेश करेगी।
कंपनी ने एक बयान में कहा कि यह मंजूरी उसे एक इंटीग्रेटेड वेल्थ और एसेट मैनेजमेंट प्लेटफॉर्म के रूप में और मजबूत बनाएगी। साथ ही, इससे वह विभिन्न निवेशक वर्गों की जरूरतों के अनुरूप निवेश समाधानों की ज्यादा व्यापक रेंज उपलब्ध करा सकेगी।
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नुवामा ग्रुप के मैनेजिंग डायरेक्टर और चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफिसर आशीष केहैयर ने कहा, “म्युचुअल फंड बिजनेस शुरू करने के लिए सेबी की मंजूरी, नुवामा के इंटीग्रेटेड वेल्थ और एसेट मैनेजमेंट प्लेटफॉर्म के लिए एक और अहम कदम है। हमारी निवेश विशेषज्ञता, व्यापक वितरण नेटवर्क और मजबूत ग्राहक आधार हमें एक विशिष्ट एसेट मैनेजमेंट कारोबार को बड़े पैमाने पर विकसित करने की मजबूत स्थिति में रखते हैं।”
उन्होंने आगे कहा कि हम शुरुआत स्पेशलाइज्ड इन्वेस्टमेंट फंड्स (SIFs) से करने की योजना बना रहे हैं। सार्वजनिक बाजारों में अलग-अलग निवेश रणनीतियों के प्रबंधन का हमारा अनुभव हमें इस क्षेत्र में विशेष बढ़त देता है और इन क्षमताओं को निवेशकों के एक बड़े वर्ग तक पहुंचाने में सक्षम बनाता है। समय के साथ हम निवेश समाधानों की और व्यापक श्रृंखला पेश करने का इरादा रखते हैं।”
मार्च 2026 तक, नुवामा के पास ग्राहकों की कुल 4.5 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा की परिसंपत्तियां (क्लाइंट एसेट्स) प्रबंधन के तहत थीं। कंपनी देशभर में 13 लाख से अधिक संपन्न (अफ्लुएंट), हाई-नेट-वर्थ इंडिविजुअल (HNI) और अल्ट्रा हाई-नेट-वर्थ इंडिविजुअल (UHNI) ग्राहकों को सेवाएं प्रदान कर रही थी। इसके अलावा, वह 4,750 से ज्यादा समृद्ध परिवारों को भी सेवाएं दे रही थी।
31 मार्च 2026 तक कंपनी के ऑल्टरनेटिव एसेट मैनेजमेंट (AIF) कारोबार के तहत ग्राहकों की परिसंपत्तियां 12,500 करोड़ रुपये से ज्यादा थीं।
नुवामा ऐसे समय में म्युचुअल फंड कारोबार में प्रवेश कर रही है जब भारतीय एसेट मैनेजमेंट उद्योग मजबूत और निरंतर वृद्धि के दौर से गुजर रहा है। उद्योग का कुल एसेट अंडर मैनेजमेंट (AUM) 80 लाख करोड़ रुपये के स्तर को पार कर चुका है।
वित्तीय जागरूकता में बढ़ोतरी, अनुकूल जनसांख्यिकीय रुझानों और सिस्टमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान (SIP) कल्चर के तेजी से विस्तार के चलते घरेलू निवेशकों की भागीदारी लगातार बढ़ रही है। उद्योग जगत का मानना है कि इन कारकों के दम पर भारतीय म्युचुअल फंड उद्योग अगले एक दशक तक मजबूत विकास की राह पर बना रह सकता है।