NFO Alert: देश की सबसे बड़ी एसेट मैनजमेंट कंपनी, एसबीआई म्युचुअल फंड ने बुधवार को दो नए एक्सचेंज ट्रेडेड फंड (ETF) लॉन्च करने की घोषणा की। इनमें से पहला ETF- एसबीआई निफ्टी 200 वैल्यू 30 ईटीएफ है और दूसरे का नाम एसबीआई निफ्टी स्मॉलकैप 250 ईटीएफ है। दोनों स्कीम निवेशकों को वैल्यू और स्मॉलकैप इक्विटी सेगमेंट में पैसिव निवेश का एक्सपोजर देने के लिए डिजाइन की गई है। इनका न्यू फंड ऑफर (NFO) 7 मई को खुलेगा और 18 मई को बंद होगा। फंड हाउस ने कहा कि दोनों स्कीमें अपने-अपने इंडेक्स के हिसाब से रिटर्न देने की कोशिश करेंगी, लेकिन इसमें थोड़ा फर्क (ट्रैकिंग एरर) हो सकता है और रिटर्न की कोई गारंटी नहीं है।
एसबीआई निफ्टी स्मॉलकैप 250 ईटीएफ, निफ्टी स्मॉलकैप 250 इंडेक्स को रिप्लिकेट/ट्रैक करेगा। इस इंडेक्स में निफ्टी 500 इंडेक्स के अंतर्गत 251 से 500 रैंक वाली 250 कंपनियां शामिल हैं। इस इंडेक्स का मकसद स्मॉल-कैप कंपनियों के प्रदर्शन को दर्शाना है। फिलहाल यह फ्री-फ्लोट मार्केट कैपिटलाइजेशन का लगभग 5.20% हिस्सा रखता है।
वहीं, एसबीआई निफ्टी200 वैल्यू 30 ईटीएफ, निफ्टी200 वैल्यू 30 इंडेक्स को ट्रैक करेगा, जो निफ्टी 200 में से 30 कंपनियों का चयन वैल्यू आधारित मानकों के आधार पर करता है। इन मानकों में अर्निंग्स-टू-प्राइस रेशियो, बुक वैल्यू-टू-प्राइस रेशियो, सेल्स-टू-प्राइस रेशियो और डिविडेंड यील्ड शामिल हैं।
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एनएफओ के दौरान इन दोनों ETF में न्यूनतम आवेदन राशि 5,000 रुपये है और इसके बाद 1 रुपये के मल्टीपल में निवेश किया जा सकता है। विरल छडवा दोनों ईटीएफ के फंड मैनेजर हैं। वे दिसंबर 2020 से एसबीआई फंड्स मैनेजमेंट से जुड़े हुए हैं और फंड हाउस द्वारा पेश की जाने वाली कई पैसिव स्कीमों को मैनेज करते हैं।
एसबीआई फंड्स मैनेजमेंट के एमडी और सीईओ नंद किशोर ने कहा, “जैसे-जैसे निवेशकों की पसंद बदल रही है, पैसिव निवेश अब एक्टिव रणनीतियों के साथ पोर्टफोलियो निर्माण का एक महत्वपूर्ण हिस्सा बनकर उभरा है।”
एसबीआई फंड्स मैनेजमेंट के ज्वाइंट सीईओ डी पी सिंह ने कहा कि इन ETF के लॉन्च से हमारी इक्विटी पैसिव पेशकश और मजबूत हुई है। इससे निवेशकों व डिस्ट्रीब्यूटर्स के लिए उपलब्ध विकल्पों का दायरा बढ़ा है। यह अलग-अलग पोर्टफोलियो जरूरतों को पूरा करता है। जैसे फंडामेंटल आधार पर चुने गए स्टॉक्स के जरिए वैल्यू-ओरिएंटेड एक्सपोजर देना, और स्मॉल-कैप सेगमेंट की लंबी अवधि की ग्रोथ संभावनाओं तक पहुंच प्रदान करना।
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SBI Nifty200 Value 30 ETF अपने कुल एसेट्स का कम से कम 95% और अधिकतम 100% हिस्सा Nifty200 Value 30 Index में शामिल सिक्योरिटीज में निवेश करेगा। वहीं, SBI Nifty Smallcap 250 ETF अपने एसेट्स का कम से कम 95% और अधिकतम 100% हिस्सा Nifty Smallcap 250 Index में शामिल सिक्योरिटीज में निवेश करेगा।
दोनों फंड्स में बचा हुआ अधिकतम 5% हिस्सा सरकारी प्रतिभूतियों (जैसे G-Secs, SDLs और ट्रेजरी बिल्स), थर्ड पार्टी रेपो और लिक्विड म्युचुअल फंड की यूनिट्स में निवेश किया जा सकता है।
(डिस्क्लेमर: यहां NFO की डीटेल दी गई है। ये निवेश की सलाह नहीं है। म्युचुअल फंड में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेश संबंधी फैसला करने से पहले अपने एडवाइजर से परामर्श कर लें।)