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1 अप्रैल 2026 से बदलेगा Gold-Silver ETF के कैलकुलेशन का फॉर्मूला, निवेशकों के लिए अहम अपडेट

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1 अप्रैल 2026 से गोल्ड और सिल्वर ETF की एनएवी भारतीय एक्सचेंजों की घरेलू स्पॉट कीमतों के आधार पर तय होगी, निवेशकों की यूनिट्स और टैक्स नियमों में कोई बदलाव नहीं

Last Updated- February 27, 2026 | 1:23 PM IST
Gold and Silver ETF NAV Calculation Formula

NAV Calculation Formula: सेबी ने म्युचुअल फंड स्कीमों के पास रखे भौतिक सोने और चांदी की वैल्यू तय करने का तरीका बदल दिया है। 1 अप्रैल 2026 से म्युचुअल फंड को अपने बुलियन होल्डिंग की कीमत तय करने के लिए मान्यता प्राप्त भारतीय स्टॉक एक्सचेंजों द्वारा जारी घरेलू स्पॉट प्राइस का इस्तेमाल करना होगा। सरल शब्दों में कहें तो अब आपके गोल्ड या सिल्वर ETF का रोज का NAV Calculation का तरीका बदलने वाला है।

NAV Calculation: अभी कैसे तय होती है कीमत?

अभी तक गोल्ड और सिल्वर ETF अपने पास रखे सोने-चांदी की वैल्यू तय करने के लिए लंदन बुलियन मार्केट एसोसिएशन यानी एलबीएमए की एएम फिक्सिंग कीमत को आधार बनाते हैं। इसके बाद उस कीमत में कई तरह के बदलाव किए जाते हैं, जैसे डॉलर से रुपये में बदलना, कस्टम ड्यूटी जोड़ना, आयात और ढुलाई का खर्च जोड़ना, और टैक्स व अन्य शुल्क शामिल करना। यानी अभी की प्रक्रिया कई चरणों से होकर गुजरती है।

अब क्या बदलेगा?

अप्रैल 2026 से ETF को भारतीय एक्सचेंजों द्वारा जारी ‘पोल्ड स्पॉट प्राइस’ का इस्तेमाल करना होगा। ये वही कीमतें हैं, जिनका इस्तेमाल एमसीएक्स या एनएसई जैसे भारतीय एक्सचेंजों पर असली सोना-चांदी की डिलीवरी वाले सौदों का हिसाब करने में किया जाता है।

इस बदलाव का मकसद यह है कि ETF का एनएवी सीधे उसी कीमत को दिखाए, जिस पर भारत के फिजिकल बाजार में उस समय सोना या चांदी कारोबार कर रहा है। इससे विदेशी कीमत से रुपये में बदलने और अन्य जोड़-घटाव की जरूरत खत्म हो जाएगी।

निवेशकों पर क्या असर?

सेबी ने साफ किया है कि इस बदलाव से निवेशकों की यूनिट्स पर कोई असर नहीं पड़ेगा।

न तो आपकी होल्डिंग बदलेगी,
न टैक्स नियम बदलेंगे,
और न ही ETF खरीदने या बेचने की प्रक्रिया में कोई बदलाव होगा।

सिर्फ एनएवी निकालने का तरीका बदलेगा।

आगे की प्रक्रिया

म्युचुअल फंड उद्योग की संस्था एम्फी को सेबी के साथ मिलकर इस बदलाव के लिए एक समान नीति बनाने की जिम्मेदारी दी गई है। ताकि सभी फंड हाउस एक ही तरीके से नए नियम लागू करें। कुल मिलाकर, निवेशकों के लिए यह बड़ा स्ट्रक्चरल बदलाव है। आपके सोना और चांदी के निवेश पहले की तरह सुरक्षित रहेंगे, लेकिन अब उनके रोज के दाम ज्यादा ‘भारतीय’ बाजार के हिसाब से तय होंगे।

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First Published - February 27, 2026 | 1:14 PM IST

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