SIP: पश्चिम एशिया में तनाव के चलते भारत समेत दुनियाभर के बजारों में उतार-चढ़ाव के बावजूद म्युचुअल फंड्स में खुदरा निवेशकों का भरोसा बरकरार है। सिस्टेमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान (SIP) के जरिए निवेशक ताबड़तोड़ पैसा लगा रहे हैं। एसोसिएशन ऑफ म्युचुअल फंड्स इन इंडिया (AMFI) की ओर से जारी आंकड़ों के मुताबिक, वित्त वर्ष 2026 में SIP के जरिए निवेश 20.81 फीसदी बढ़कर 3,49,589 करोड़ रुपये पर पहुंच गया, जो वित्त वर्ष 2025 में 2,89,352 करोड़ रुपये था। बीते महीने मार्च में, तो SIP इनफ्लो 32,087 करोड़ रुपये के ऑल-टाइम हाई पर पहुंच गया। एक्सपर्ट्स के मुताबिक, SIP निवेश म्युचुअल फंड इंडस्ट्री का ग्रोथ इंजन बना हुआ है। यह आंकड़ा दिखाता है कि बाजार में उतार-चढ़ाव के बावजूद निवेशकों का रुझान लंबी अवधि के निवेश की ओर बना हुआ है।
वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच एसआईपी (SIP) निवेश ने मजबूती से अपना प्रदर्शन जारी रखा है। AMFI के आंकड़ों के अनुसार, मार्च में खुदरा निवेशकों ने एसआईपी के माध्यम से म्युचुअल फंड्स में 32,087 करोड़ रुपये का रिकॉर्ड निवेश किया, जो अब तक का उच्चतम स्तर है। इससे पहले फरवरी में यह आंकड़ा 29,845 करोड़ रुपये रहा था, जबकि जनवरी में निवेशकों ने 31,002 करोड़ रुपये का निवेश किया था।
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| Month | FY 26 (₹ crore) |
|---|---|
| April | 26,632 |
| May | 26,688 |
| June | 27,269 |
| July | 28,464 |
| August | 28,265 |
| September | 29,361 |
| October | 29,529 |
| November | 29,445 |
| December | 31,002 |
| January | 31,002 |
| February | 29,845 |
| March | 32,087 |
| Total (FY26) | 3,49,589 |
Source- AMFI
मिरे असेट में डिस्ट्रीब्यूशन एवं स्ट्रैटेजिक एलायंसेज़ की हेड सुरंजना बोरठाकुर कहती हैं, “फरवरी छोटा महीना होने के कारण आमतौर पर महीने के अंत में होने वाली SIP किस्तें मार्च की शुरुआत में प्रोसेस होती हैं। इसी स्पिल-ओवर के चलते मार्च में SIP निवेश फिर से 32,000 करोड़ रुपये के ऊपर पहुंच गया। इसके साथ ही FY26 SIP के लिहाज से एक रिकॉर्ड साल साबित हुआ है। बाजार में उतार-चढ़ाव के बावजूद सिस्टमैटिक निवेश (SIP) कभी डगमगाया नहीं।
उन्होंने आगे कहा कि घरेलू निवेशक अब बाजार के नए आधार बन चुके हैं। घरेलू संस्थागत निवेशक (DII) अब सिर्फ सहारा देने तक सीमित नहीं हैं, बल्कि उतार-चढ़ाव वाले सत्रों में बाजार का स्तर तय करने में एक्टिव भूमिका निभा रहे हैं।
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मार्च 2026 में कुल SIP खातों की संख्या करीब 10.44 करोड़ रही। इस महीने 52.82 लाख नए SIP खाते जुड़े, जबकि 53.38 लाख SIP बंद या पूरे हो गए। यानी नए और बंद होने वाले SIP लगभग बराबर रहे। फिर भी 9.71 करोड़ खाते ऐसे रहे जो नियमित निवेश कर रहे थे, जिससे पता चलता है कि निवेशकों का भरोसा बना हुआ है।
पूरे साल में SIP खातों में अच्छी बढ़ोतरी देखने को मिली। FY26 में कुल 7.19 करोड़ नए SIP जुड़े, जबकि 6.79 करोड़ SIP बंद हुए या पूरे हुए। इसके बावजूद कुल SIP खातों की संख्या बढ़कर 10.44 करोड़ तक पहुंच गई। FY25 में यह करीब 10.05 करोड़ थे। सालभर में औसतन 9.71 करोड़ खाते लगातार निवेश करते रहे, जो SIP की मजबूत पकड़ को दिखाता है।
| Month | Total SIP Accounts (lakh) | New SIPs Registered (lakh) | SIPs Discontinued/Completed (lakh) |
|---|---|---|---|
| April | 889.08 | 46.01 | 162.32 |
| May | 905.57 | 59.15 | 42.66 |
| June | 919.32 | 61.91 | 48.16 |
| July | 944.97 | 68.69 | 43.04 |
| August | 959.04 | 55.23 | 41.15 |
| September | 972.74 | 57.73 | 44.03 |
| October | 987.88 | 60.25 | 45.10 |
| November | 1,001.84 | 57.14 | 43.18 |
| December | 1,010.73 | 60.46 | 51.57 |
| January | 1,029.38 | 74.11 | 55.46 |
| February | 1,045.40 | 65.72 | 49.70 |
| March | 1,044.84 | 52.82 | 53.38 |
| Total (FY26) | 1,044.84 | 719.22 | 679.75 |
Source- AMFI
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ICRA एनालिटिक्स की एक रिपोर्ट के मुताबिक, SIP के तहत एसेट अंडर मैनेजमेंट (AUM) 16.64 लाख करोड़ रुपये है, जो म्युचुअल फंड इंडस्ट्री के कुल AUM का करीब 20.29 फीसदी हिस्सा बनाता है।
कुल मिलाकर, आंकड़े बताते हैं कि FY26 में SIP की ग्रोथ मजबूत बनी रही। बाजार में अस्थिरता के बावजूद निवेशक लगातार अनुशासित तरीके से लंबी अवधि के लिए निवेश कर रहे हैं।
ICRA एनालिटिक्स ने कहा कि भारत में खुदरा निवेशकों की म्युचुअल फंड में दिलचस्पी तेजी से बढ़ रही है। पिछले कुछ सालों में आए आर्थिक और व्यवहारिक बदलावों ने इस रुझान को और मजबूत किया है।
कई इंडस्ट्री रिपोर्ट् और नियामकीय आंकड़े बताते हैं कि म्युचुअल फंड, खासकर इक्विटी आधारित योजनाएं और SIP, अब लंबी अवधि की बचत का एक पसंदीदा विकल्प बनकर उभरे हैं।