Small cap Funds: शेयर बाजारों में गिरावट के बावजूद इक्विटी म्युचुअल फंड पर निवेशकों का भरोसा बना हुआ है। बीते महीने फरवरी में इक्विटी फंड्स में इनफ्लो 8 फीसदी (MoM) ज्यादा रहा। खास बात यह रही कि मिड कैप और स्मॉल कैप जैसी हाई रिस्क कैटेगरी में भी निवेशक जमकर पैसा लगा रहे हैं। खासकर, स्मालकैप फंड्स की बात करें, तो इसमें लगातार निवेश आ रहा है। एक्सपर्ट मानते हैं कि स्माल कैप कंपनियों में ग्रोथ की संभावनाएं अच्छी नजर आ रही है और वैल्यूएशन आकर्षक हुए हैं। बीते एक साल में अगर टॉप स्मालकैप फंड्स का रिटर्न देखें, तो यह 15 फीसदी तक रहा है।
एसोसिएशन ऑफ म्युचुअल फंड्स इन इंडिया (AMFI) की ओर से जारी आंकड़ों के मुताबिक, फरवरी में इक्विटी म्युचुअल फंड्स में 25,978 करोड़ रुपये का निवेश आया। इसमें अकेले स्मॉल कैप फंड में 3,881 करोड़ रुपये का इनफ्लो दर्ज किया गया। इससे पहले इस साल जनवरी में 2,942 करोड़ रुपये निवेशकों ने इस कैटेगरी में लगाए थे। वहीं, दिसंबर 2025 में भी 3823.82 करोड़ रुपये का तगड़ा इनफ्लो इस कैटेगरी में दर्ज हुआ था।
| माह | इनफ्लो (करोड़ रुपये में) |
| फरवरी 2026 | 3881 |
| जनवरी 2026 | 2942 |
| दिसंबर 2025 | 3824 |
| नवंबर 2025 | 4406 |
| अक्टूबर 2025 | 3476 |
| सितंबर 2025 | 4363 |
सोर्स: AMFI
बाजार में भारी उठापटक और हाई रिस्क होने के बावजूद स्मालकैप फंड्स निवेशकों की पसंद बने हुए हैं। बीपीएन फिनकैप के डायरेक्टर अमित कुमार निगम कहते हैं, स्मालकैप को लेकर निवेशकों का आकर्षण खासकर दो वजहों से है। पहला ग्रोथ की संभावना और दूसरा आकर्षक वैल्यूएशन। उनका कहना है, स्मालकैप कंपनियों में ग्रोथ की संभावनाएं खासकर अर्थव्यवस्था के विस्तार के दौर में, ज्यादा होती हैं। वहीं, ज्यादातर स्मालकैप शेयर अपने हाई से काफी नीचे ट्रेड कर रहे हैं, जिसके चलते एक सेफ्टी मार्जिन रहा है। यानी, ये आकर्षक नजर आ रहे हैं।
अबेकस म्युचुअल फंड के सीईओ वैभव चुघ के मुताबिक, इक्विटी मार्केट और इन्वेस्टमेंट प्रोडक्ट्स में निवेशको की दिलचस्पी लगातार बनी हुई है। दुनिया में चल रहे युद्ध और तनाव के चलते बाजार में आए उठापटक के बावजूद बावजूद निवेशक अब वैल्यूएशन में सुधार को बेहतर तरीके से समझने लगे हैं। यही वजह है कि स्मालकैप और मिड कैप कैटेगरी में ताबड़तोड़ निवेश जारी है।
इनक्रेड मनी के सीईओ (एमएफ) नितिन अग्रवाल के मुताबिक, मिड कैप और स्मॉल कैप जैसी कैटेगरी में निवेशकों ने जमकर पैसा लगाया है। इससे संकेत मिलता है कि निवेशक उन क्षेत्रों में निवेश बढ़ा रहे हैं जहां हाल में गिरावट आई है और अब उन्हें अब पहले के मुकाबले बेहतर वैल्यू दिखाई दे रही है।
यूनियन स्मालकैप फंड ने बीते एक साल में 14.92 फीसदी रिटर्न दिया है। इस स्कीम में मिनिमम निवेश 1,000 रुपये और SIP मिनिमम 500 रुपये है। इसका एसेट अंडर मैनेजमेंट (AUM) 1,787 करोड़ रुपये, जबकि एक्सपेंस रेश्यो 2.10% है।
ट्रस्ट एमएफ स्मालकैप फंड ने बीते एक साल में 14.68 फीसदी रिटर्न दिया है। इस स्कीम में मिनिमम निवेश 1,000 रुपये और SIP मिनिमम 1000 रुपये है। इसका एसेट अंडर मैनेजमेंट (AUM) 1,385 करोड़ रुपये, जबकि एक्सपेंस रेश्यो 2.08% है।
DSP स्मालकैप फंड ने बीते एक साल में 12.29 फीसदी रिटर्न दिया है। इस स्कीम में मिनिमम निवेश 100 रुपये और SIP मिनिमम 100 रुपये है। इसका एसेट अंडर मैनेजमेंट (AUM) 16,886 करोड़ रुपये, जबकि एक्सपेंस रेश्यो 1.70% है।
ABSL स्मालकैप फंड ने बीते एक साल में 10.84 फीसदी रिटर्न दिया है। इस स्कीम में मिनिमम निवेश 1,000 रुपये और SIP मिनिमम 100 रुपये है। इसका एसेट अंडर मैनेजमेंट (AUM) 4,882 करोड़ रुपये, जबकि एक्सपेंस रेश्यो 1.90% है।
इन्वेस्को इंडिया स्मालकैप फंड ने बीते एक साल में 10.66 फीसदी रिटर्न दिया है। इस स्कीम में मिनिमम निवेश 100 रुपये और SIP मिनिमम 100 रुपये है। इसका एसेट अंडर मैनेजमेंट (AUM) 9,716 करोड़ रुपये, जबकि एक्सपेंस रेश्यो 1.70% है।
(NAV: 17 मार्च 2026 के आधार पर, AUM और एक्सपेंस रेश्यो 28 फरवरी 2026 तक)
म्युचुअल फंड हाउस स्मॉल कैप फंड्स का निवेश स्मॉल कैप कंपनियों में करते हैं। स्मॉल कैप कंपनियों का मार्केट कैप कम होता है. अमूमन स्मालकैप फंड्स में मार्केट कैप में 251वी रैंक से शुरू होने वाली कंपनियों में निवेश होता है. इन कंपनियों के कारोबार में तेज वृद्धि की उम्मीद रहती है. लेकिन इनमें रिस्क भी ज्यादा रहता है। एसेट मैनेजमेंट कंपनियां निवेश के लिए कंपनी की पहचान उसके ग्रोथ आकलन के आधार पर करती हैं।
एक्सपर्ट कहते हैं कि इक्विटी सेगमेंट की स्माल कैप कैटेगरी को तुलनात्मक रूप से ज्यादा रिस्की माना जाता है। ऐसे में स्माल कैप फंड्स में उन निवेशकों को निवेश करना चाहिए जो बाजार में समय दे सके और बाजार के उतार-चढ़ाव को समझ सके। यानी, लंबे समय का नजरिया रखने वाले एग्रेसिव निवेशकों के लिए स्माल कैप फंड्स एक अच्छा ऑप्शन हो सकता है।
(डिस्क्लेमर: यहां फंड्स की परफॉर्मेंस दी गई है। ये निवेश की सलाह नहीं है। म्युचुअल फंड में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेश संबंधी फैसला करने से पहले अपने एडवाइजर से परामर्श कर लें।)