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The Wealth Company ने उतारा नया SIF, ग्रोथ पर फोकस; निवेश से पहले जान लें क्या है इसमें खास?

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इस फंड का न्यू फंड ऑफर (NFO) 15 अप्रैल 2026 से सब्सक्रिप्शन के लिए खुलेगा और 29 अप्रैल 2026 को बंद होगा

Last Updated- April 14, 2026 | 7:51 PM IST
NFO Alert

NFO Alert: द वेल्थ कंपनी म्युचुअल फंड ने WSIF इक्विटी एक्स-टॉप 100 लॉन्ग-शॉर्ट फंड (WSIF Equity Ex-Top 100 Long-Short Fund) नाम से एक नया फंड लॉन्च करने की घोषणा की है। यह एक स्पेशलाइज्ड इन्वेस्टमेंट फंड (SIF) स्ट्रैटेजी है। इस फंड का मकसद मुख्य रूप से मार्केट कैपिटलाइजेशन के आधार पर टॉप-100 कंपनियों के बाहर के शेयरों में निवेश करना है। साथ ही डेरिवेटिव्स के माध्यम से सीमित शॉर्ट पोजीशन का उपयोग करते हुए लॉन्ग-टर्म में निवेशकों की दौलत में इजाफा करना है। इस फंड का न्यू फंड ऑफर (NFO) 15 अप्रैल 2026 से सब्सक्रिप्शन के लिए खुलेगा और 29 अप्रैल 2026 को बंद होगा।

WSIF Equity Ex-Top 100 Long-Short Fund की डिटेल

फंड का नाम – WSIF इक्विटी एक्स-टॉप 100 लॉन्ग-शॉर्ट फंड

फंड टाइप – ओपन-एंडेड SIF

NFO ओपन डेट – 15 अप्रैल 2026

NFO क्लोजिंग डेट – 29 अप्रैल 2026

मिनिमम निवेश – ₹10 लाख और उसके बाद ₹100 के मल्टीपल में

एग्जिट लोड – कुछ नहीं

रिस्क बैंड– हाई रिस्क- रिस्क बैंड लेवल 5

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क्या होगी इन्वेस्टमेंट स्ट्रैटेजी?

फंड हाउस के अनुसार, निवेश का मकसद हासिल करने के लिए यह फंड एक एक्टिव और डायनेमिक इन्वेस्टमेंट पर चलेगा। इसके तहत फंड मुख्य रूप से इक्विटी और इक्विटी से जुड़े इंस्ट्रूमेंट में निवेश करेगा, जिसमें डेरिवेटिव्स के माध्यम से सीमित शॉर्ट पोजीशन का उपयोग भी किया जाएगा। यह निवेश मुख्य रूप से लार्ज-कैप के अलावा अन्य कंपनियों के शेयरों में किया जाता है।

इस SIF में क्या है खास?

फंड हाउस के मुताबिक, यह इन्वेस्टमेंट स्ट्रैटेजी मुख्य रूप से टॉप 100 कंपनियों से बाहर की इक्विटी में निवेश कर लंबी अवधि में निवेशकों की दौलत बढ़ाने का लक्ष्य रखती है। यह एक एक्टिव, डायवर्सिफाइड और डेरिवेटिव्स आधारित लचीली पोर्टफोलियो रणनीति अपनाती है।

टॉप 100 कंपनियों से बाहर निवेश का एक्सपोजर: यह रणनीति मुख्य रूप से उन कंपनियों के इक्विटी और इक्विटी से जुड़े इंस्ट्रूमेंट में निवेश करती है, जो मार्केट कैपिटलाइजेशन के आधार पर टॉप 100 कंपनियों की सूची से बाहर हैं। इससे निवेशकों को व्यापक बाजार क्षेत्र में निवेश का अवसर मिलता है।

लॉन्ग-टर्म कैपिटल एप्रिसिएशन: इसका उद्देश्य इक्विटी और इक्विटी से जुड़े इंस्ट्रूमेंट के डायवर्सिफाइड पोर्टफोलियो के माध्यम से लंबी अवधि में निवेशकों की दौलत में इजाफा करना है।

सीमित शॉर्ट एक्सपोजर का उपयोग: यह रणनीति नियामकीय प्रावधानों के अनुसार डेरिवेटिव्स के माध्यम से सीमित शॉर्ट एक्सपोजर (अधिकतम 25% तक) का उपयोग कर सकती है।

एक्टिव और डायनेमिक इन्वेस्टमेंट अप्रोच: यह एक एक्टिव इन्वेस्टमेंट स्ट्रैटेजी अपनाती है, जिसमें बाजार की परिस्थितियों के अनुसार विभिन्न सेगमेंट्स में निवेश आवंटित करने और पोर्टफोलियो पोजिशनिंग के लिए डेरिवेटिव्स का उपयोग करने की लचीलापन होता है।

डायवर्सिफाइड पोर्टफोलियो: यह फंड इक्विटी, इक्विटी से जुड़े इंस्ट्रूमेंट और अन्य अनुमत प्रतिभूतियों में निवेश करता है, जिसका उद्देश्य निवेश रणनीति के ढांचे के भीतर डायवर्सिफिकेशन बनाए रखना है।

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किसे करना चाहिए निवेश?

फंड हाउस के मुताबिक, यह प्रोडक्ट उन निवेशकों के लिए एक बेहतर विकल्प हो सकता है जो इक्विटी और इक्विटी से जुड़े इंस्ट्रूमेंट के डायवर्सिफाइड पोर्टफोलियो में निवेश करके, डेरिवेटिव्स के माध्यम से सीमित शॉर्ट एक्सपोजर का उपयोग करते हुए लंबी अवधि में अपनी पूंजी बढ़ाना चाहते हैं।

इस SIF में पैसा लगाने से पहले निवेशकों को अपने जोखिम सहने की क्षमता पर जरूर ध्यान देना चाहिए। इस फंड में जोखिम बहुत ज्यादा है। रिस्कोमीटर पर इस स्कीम को हाई रिस्क- रिस्क बैंड लेवल 5 की कैटेगरी में रखा गया है।


(डिस्क्लेमर: यहां NFO की डीटेल दी गई है। ये निवेश की सलाह नहीं है। म्युचुअल फंड में निवेश बाजार के जोखिमों के अधीन है। निवेश संबंधी फैसला करने से पहले अपने एडवाइजर से परामर्श कर लें।)

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First Published - April 14, 2026 | 7:51 PM IST

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