facebookmetapixel
Advertisement
राज्य की प्रतिक्रिया और अभिव्यक्ति की सीमाएं testtestभारत का डिफेंस प्रोडक्शन ऑल-टाइम हाई पर, FY26 में15.6% बढ़कर ₹1.78 लाख करोड़ पर पहुंचाHCL Tech के नतीजों की तारीख तय, 13 जुलाई को आएगा रिपोर्ट कार्ड; डिविडेंड पर भी होगा फैसलारिटर्न कहीं और, निवेश कहीं और! क्या सही फंड चुन रहे हैं निवेशक? एक्सपर्ट से समझेंAI के दम पर नई छलांग की तैयारी में Coforge? शेयर में 50% तक तेजी की उम्मीद, एक्सपर्ट्स बुलिशकच्चा तेल सस्ता हो रहा है, फिर पेट्रोल-डीजल क्यों नहीं?20 लाख रुपये से ज्यादा पैकेज वाली नौकरियों में उछाल, ब्रोकरेज ने बताए 4 पसंदीदा IT स्टॉक्सJio IPO का इंतजार खत्म! ₹4 अरब के मेगा IPO की तैयारी तेज, जल्द दाखिल होंगे ड्राफ्ट पेपरसरकार के आदेश के खिलाफ Telegram का पलटवार, Delhi HC पहुंची याचिकाब्राजील में पेट्रोल से 70% सस्ता, भारत में सिर्फ 20%: क्या फ्लेक्स-फ्यूल बनेगा हिट? बता रहे एक्सपर्ट

Top-10 Gold ETFs: 1 साल में 63% तक रिटर्न, क्या आपके पोर्टफोलियो में है ये फंड?

Advertisement

रिटेल और संस्थागत– दोनों तरह के निवेशकों ने गोल्ड ईटीएफ में दिलचस्पी दिखाई है, जिससे यह निवेश का एक पसंदीदा विकल्प बनकर उभरा है

Last Updated- April 15, 2026 | 5:43 PM IST
Gold ETF

Top-10 Gold ETFs: पिछले एक साल में गोल्ड एक्सचेंज-ट्रेडेड फंड्स (Gold ETFs) ने शानदार प्रदर्शन किया है, जहां टॉप-10 स्कीम्स ने करीब 63 फीसदी तक का रिटर्न दिया है। सोने की कीमतों में तेज उछाल और बढ़ती भू-राजनीतिक अनिश्चितता के बीच निवेशकों का रुझान तेजी से गोल्ड ईटीएफ की ओर बढ़ा है। ICRA एनालिटिक्स के मुताबिक, इस माहौल में रिटेल और संस्थागत– दोनों तरह के निवेशकों ने गोल्ड ईटीएफ में दिलचस्पी दिखाई है, जिससे यह निवेश का एक पसंदीदा विकल्प बनकर उभरा है।

क्यों निवेशकों को लुभा रहा Gold ETFs

पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच निवेशकों ने गोल्ड ईटीएफ को अपने पोर्टफोलियो में एक सुरक्षित और रणनीतिक निवेश विकल्प के रूप में सक्रिय रूप से अपनाया है।

ICRA एनालिटिक्स के सीनियर वाइस प्रेसिडेंट और मार्केट डेटा के हेड अश्विनी कुमार ने कहा, “हाल के समय में बढ़ती भू-राजनीतिक अस्थिरता और सोने की कीमतों में तेज बढ़ोतरी के दौर में गोल्ड ईटीएफ के प्रति निवेशकों की पसंद में साफ तौर पर बढ़ोतरी देखी गई है। रिटेल और संस्थागत– दोनों तरह के निवेशकों ने इन्हें अपने पोर्टफोलियो में एक डिफेंसिव और टैक्टिकल एसेट के रूप में एक्टिव रूप से इस्तेमाल किया है। यह रुझान वैश्विक अनिश्चितता और सोने से मिले मजबूत रिटर्न के दोहरे प्रभाव के कारण बढ़ा है, जिसने इसे एक सुरक्षित निवेश (सेफ हेवन) के रूप में उसकी पारंपरिक भूमिका को और मजबूत किया है।”

Also Read: तेजी-मंदी की चाल में MFs का कैसा रहा हाल: स्मॉलकैप से फ्लेक्सी कैप तक किसने दिया सबसे मजबूत रिटर्न

टॉप-10 Gold ETFs ने दिया 63% तक रिटर्न

इस समय बाजार में कुल 26 गोल्ड ईटीएफ उपलब्ध हैं, जिनमें से 6 स्कीम्स 2025-26 में लॉन्च हुई हैं। गोल्ड ईटीएफ के रिटर्न के एक विश्लेषण से पता चलता है कि अधिकांश फंड्स में 1 साल का औसत रिटर्न करीब 58.81% से 62.85% के बीच रहा है। वहीं, 5 साल का CAGR रिटर्न ज्यादातर फंड्स में लगभग 25.78% से 26.11% के दायरे में रहा है।

बेहतर प्रदर्शन करने वालों में Aditya Birla Sun Life Gold ETF ने 62.85% के एक साल के रिटर्न के साथ पहला स्थान हासिल किया। इसके बाद HDFC Gold ETF (62.59%) और UTI Gold ETF (61.60%) रहे। इसके अलावा ICICI Prudential Gold ETF, Kotak Gold ETF और Axis Gold ETF जैसी प्रमुख स्कीम्स ने भी पिछले एक साल में 60% से ज्यादा रिटर्न दिया है।

Scheme Name 1 Year (%) 3 Years (%) 5 Years (%)
Axis Gold ETF 60.33 33.98 26.03
ICICI Prudential Gold ETF 60.65 33.74 26.08
Mirae Asset Gold ETF 60.33 33.69
Kotak Gold ETF 60.45 33.63 25.99
UTI Gold ETF 61.60 33.51 25.91
Quantum Gold Fund – Growth 60.24 33.47 25.98
Invesco India Gold ETF 60.02 33.45 26.06
Nippon India ETF Gold BeES 60.18 33.41 25.78
Aditya Birla Sun Life Gold ETF 62.85 33.35 25.93
HDFC Gold ETF 62.59 33.34 25.83

Source: MFI360Explorer

गिरावट के बावजूद इनफ्लो पॉजिटिव

मार्च 2026 में गोल्ड ईटीएफ में नेट इनफ्लो 2,265.68 करोड़ रुपये रहा, जबकि पिछले साल इसी अवधि में 77.21 करोड़ रुपये का नेट आउटफ्लो हुआ था। मार्च 2021 में गोल्ड ईटीएफ में 662.45 करोड़ रुपये का निवेश आया था। मासिक आधार पर, फरवरी 2026 के 5,254.95 करोड़ रुपये के मुकाबले मार्च 2026 में इनफ्लो 56.88% घट गया।

कुमार ने कहा, “अल्पकालिक गिरावट के दौर में भी गोल्ड ईटीएफ ने निवेशकों के बीच अपनी प्रासंगिकता बनाए रखी। फरवरी और मार्च 2026 में सोने की कीमतों में सुधार और वैश्विक जोखिम से बचाव की भावना में अस्थायी कमी के कारण निवेश में तेज गिरावट आई, लेकिन इसके बावजूद इनफ्लो पॉजिटव बना रहा। यह दर्शाता है कि निवेशकों की रुचि संरचनात्मक रूप से कम नहीं हुई है।”

Also Read: US-ईरान जंग की आंच में चमका Gold ETFs, मार्च तिमाही में निवेशकों ने झोंके ₹31,561 करोड़

Gold ETFs में बरस रहा पैसा

अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच छिड़ी जंग ने सोने की चमक को और तेज कर दिया है। बाजार में उतार-चढ़ाव और अनिश्चितता के बीच निवेशकों ने तेजी से गोल्ड ETFs का रुख किया, जिसका असर निवेश के आंकड़ों में साफ नजर आता है।

एसोसिएशन ऑफ म्युचुअल फंड इन इंडिया (AMFI) के मुताबिक, जनवरी-मार्च तिमाही में गोल्ड ईटीएफ में 31,561 करोड़ रुपये का निवेश हुआ, जो पिछले साल की समान अवधि के मुकाबले लगभग छह गुना ज्यादा है। जनवरी-मार्च 2025 में यह आंकड़ा 5,654 करोड़ रुपये था।

मॉर्निंगस्टार इन्वेस्टमेंट रिसर्च इंडिया की सीनियर एनालिस्ट नेहल मेश्राम ने कहा, “जनवरी में असामान्य रूप से ज्यादा निवेश देखा गया। इसकी मुख्य वजह जोखिम से बचने की प्रवृत्ति, पोर्टफोलियो रीबैलेंसिंग और सोने की कीमतों में तेजी रही। फिर भी मार्च में पॉजिटिव इनफ्लो यह दर्शाता है कि बाजार की अनिश्चितता एवं व्यापक आर्थिक उतार-चढ़ाव के बीच सोना डायवर्सिफिकेशन के टूल के रूप में निवेशकों को आकर्षित करता रहा है।”

Gold ETF का AUM 1 साल में दोगुना बढ़ा

मार्च 2026 में गोल्ड ईटीएफ का कुल एसेट अंडर मैनेजमेंट (AUM) 1,71,468.4 करोड़ रुपये पहुंच गया, जो मार्च 2021 के 14,122.72 करोड़ रुपये के मुकाबले 5 साल में 64.76% की CAGR दर से बढ़ा है। सालाना आधार पर, नेट AUM लगभग दोगुना हो गया है और मार्च 2025 के 58,887.99 करोड़ रुपये की तुलना में करीब 191.18% की वृद्धि दर्ज की गई है।

मजबूत रिटर्न के चलते साल भर में गोल्ड ईटीएफ के फोलियो 54.28 लाख बढ़कर मार्च 2026 में 1.24 करोड़ हो गए, जो मार्च 2025 में 69.69 लाख थे। यह दर्शाता है कि निवेशकों का रुझान सोने से जुड़े फंड्स की ओर तेजी से बढ़ रहा है।

Advertisement
First Published - April 15, 2026 | 5:43 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement