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असम में लगातार तीसरी बार बनी भाजपा की सरकार, पार्टी ने विधान सभा में अब तक का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया

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कांग्रेस का प्रदर्शन काफी खराब रहा और इससे पहले उसे इतनी कम सीटें नहीं मिली थीं। पार्टी 20 सीटें जीतने के लिए संघर्ष करती दिखी

Last Updated- May 04, 2026 | 11:21 PM IST
Himanta Biswa Sarma
असम भाजपा अध्यक्ष दिलीप सेकिया के साथ जीत का जश्न मनाते मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा

भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने 126 सदस्यीय असम विधान सभा में अपना अब तक का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया है। ताजा आंकड़ों एवं रुझानों के अनुसार पार्टी ने राज्य 82 सीटों पर कब्जा जमा लिया। दूसरी तरफ, कांग्रेस का प्रदर्शन काफी खराब रहा और इससे पहले उसे इतनी कम सीटें नहीं मिली थीं। पार्टी 20 सीटें जीतने के लिए संघर्ष करती दिखी।

भाजपा के नेतृत्व वाला सत्तारूढ़ राष्ट्रीय लोकतांत्रिक गठबंधन (राजग) सोमवार को मतगणना के बाद लगातार तीसरी बार सत्ता में आने के साथ असम में 100 सीटों का आंकड़ा पार करने की तरफ बढ़ रहा था। भाजपा ने अपने दम पर 82 सीटें झटक ली हैं। इससे पहले 2016 और 2021 के चुनावों में पार्टी ने 60 सीटें जीती थीं। उसके सहयोगी असम गण परिषद (एजीपी) और बोडो पीपुल्स फ्रंट 10-10 सीटों पर आगे चल रहे थे।

राजग की जीत में राज्य सरकार द्वारा सार्वजनिक अवसंरचना में किए गए निवेश, अरुणोदय 3.0 योजना के माध्यम से महिलाओं तक पहुंच, 2023 में निर्वाचन क्षेत्रों के परिसीमन और ‘घुसपैठियों’ यानी बांग्ला भाषी मुसलमानों को बेदखल करने के ध्रुवीकरण अभियान से हिंदुओं के ध्रुवीकरण ने अहम योगदान दिया।

असम में लगभग 34.22 प्रतिशत आबादी मुसलमानों की है। इनमें से अनुमानित 30 प्रतिशत बांग्लादेशी मूल के बांग्ला भाषी मुसलमान हैं जिन्हें असम में ‘मिया’ भी कहा जाता है और बाकी स्वदेशी असमिया भाषी मुसलमान हैं जिनमें गोरिया, मोरिया, जोल्हा, देशी और सैयद जैसे समुदाय आते हैं। भाजपा ने एक भी मुस्लिम उम्मीदवार खड़ा नहीं किया मगर उसकी सहयोगी एजीपी ने 26 सीटों में से 13 मुस्लिम उम्मीदवारों को मैदान में उतारा जिनमें अधिकांश वे निर्वाचन क्षेत्र हैं जहां कांग्रेस जीतने की उम्मीद कर रही थी।

मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा ने एक बार फिर जलुकबारी सीट जीत ली। विधान सभा चुनाव से कुछ सप्ताह पहले कांग्रेस छोड़कर भाजपा में शामिल हुए प्रद्युत बोरदोलोई ने भी दिसपुर से जीत हासिल की और वह अगली सरकार में एक महत्त्वपूर्ण मंत्री बन सकते हैं। शर्मा ने कहा कि राज्य की जनता ने गायक जुबीन गर्ग की मृत्यु का राजनीतिकरण करने के लिए कांग्रेस को करारा जवाब दिया है।

उन्होंने दावा किया कि एक-दो को छोड़कर विपक्ष में कोई हिंदू विधायक नहीं होगा और उन्होंने कांग्रेस के ‘अच्छे’ हिंदू नेताओं से राज्य के भविष्य को सुरक्षित करने और ‘बांग्लादेशी मियाओं’ की ‘आक्रामकता’ से लड़ने के लिए भाजपा में शामिल होने का आग्रह किया। शर्मा ने यह भी कहा कि जब तक सूर्य और चंद्रमा का अस्तित्व रहेगा तब तक भारत एक हिंदू राष्ट्र बना रहेगा। मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया एक्स पर एक पोस्ट में कहा,‘शतक के साथ हैट्रिक!’

कांग्रेस के नेतृत्व वाले असम सोनमिलितो मोर्चा में अखिल गोगोई के नेतृत्व वाली रायजोर दल और लुरिंज्योति गोगोई के नेतृत्व वाली असम जातीय परिषद भी शामिल थी। लोकसभा सांसद गौरव गोगोई ( जिन्होंने कांग्रेस के चुनाव प्रचार का नेतृत्व किया) जोरहाट सीट से भाजपा के मौजूदा विधायक हितेंद्रनाथ गोस्वामी से 23,181 मतों से हार गए। लुरिंज्योति की पार्टी अपनी सीट समेत कोई भी सीट नहीं जीत सकी। असम भाजपा अध्यक्ष दिलीप सैकिया ने इस जीत का श्रेय ‘सभी सनातनी और आदिवासी लोगों’ द्वारा गठबंधन को दिल से स्वीकार करने को दिया।

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First Published - May 4, 2026 | 11:16 PM IST

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