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स्वप्न दासगुप्ता बने पश्चिम बंगाल के नए वित्त मंत्री, तापस रॉय को मिला उद्योग एवं वाणिज्य विभाग

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कोलकाता की रासबिहारी विधान सभा सीट से निर्वाचित स्वप्न दासगुप्ता ने लंदन यूनिवर्सिटी के स्कूल ऑफ ओरिएंटल ऐंड अफ्रीकन स्टडीज से इतिहास में डॉक्टरेट की डिग्री हासिल की है

Last Updated- June 11, 2026 | 12:04 AM IST
Swapna Dasgupta
स्वप्न दासगुप्ता के पास वित्तीय और कंपनी क्षेत्र में काम करने का अच्छा अनुभव है

वरिष्ठ पत्रकार स्वप्न दासगुप्ता पश्चिम बंगाल में वित्त मंत्रालय की कमान संभालेंगे। राज्य के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने बुधवार को दासगुप्ता को वित्त मंत्रालय संभालने की जिम्मेदारी दी। तापस रॉय को उद्योग एवं वाणिज्य विभाग सौंपा गया है।

कोलकाता की रासबिहारी विधान सभा सीट से निर्वाचित स्वप्न दासगुप्ता ने लंदन यूनिवर्सिटी के स्कूल ऑफ ओरिएंटल ऐंड अफ्रीकन स्टडीज से इतिहास में डॉक्टरेट की डिग्री हासिल की है। वह वर्ष 2015 में यूनिट ट्रस्ट ऑफ इंडिया (सूटी) के प्रशासक के नामित व्यक्ति (नॉमिनी) के तौर पर लार्सन ऐंड टुब्रो के निदेशक मंडल (बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स) में शामिल हुए थे। मगर वर्ष 2016 में राज्य सभा का सदस्य बनने के बाद  उन्होंने यह पद छोड़ दिया।

राज्य के वित्त मंत्री का पद संभालने के बाद दासगुप्ता ने कहा कि वित्त विभाग संभालने के लिए अर्थशास्त्री होना जरूरी नहीं है। उन्होंने कहा कि अपने मौजूदा पेशेवर काम की वजह से उन्हें राज्य की माली हालत की पहले से ही अच्छी-खासी जानकारी है।

बंगाल के वित्त मंत्री के तौर पर 70 वर्षीय दासगुप्ता को केंद्र में एक अनुकूल सरकार (भारतीय जनता पार्टी के नेतृत्व वाली राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन) सरकार का फायदा मिलेगा। वर्ष 1977 के बाद राज्य के पूर्व वित्त मंत्रियों (जिनमें माकपा के अशोक मित्रा, असीम दासगुप्ता और तृणमूल कांग्रेस के अमित मित्रा शामिल हैं) को शायद ही कभी केंद्र में अनुकूल सरकार के साथ काम करने का फायदा मिला।

बंगाल के वित्त मंत्री के तौर पर दासगुप्ता को आयुष्मान भारत और ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना जैसी योजनाओं को लागू करने में केंद्र का समर्थन भी मिलेगा। राज्य के वित्त मंत्री का पद संभालने के बाद दासगुप्ता ने कहा कि नए कर लगाए बिना अधिक से अधिक राजस्व जुटाना एक बड़ी चुनौती होगी। उन्होंने कहा कि उन्होंने राज्य की वित्तीय स्थिति का शुरुआती आकलन किया है और उन्हें वित्तीय स्थिति की मोटी-मोटी जानकारी है। राज्य के नए वित्त मंत्री ने कहा कि बजट बनाने की प्रक्रिया से पहले वह सभी हितधारकों के साथ कुछ बातचीत भी करेंगे।

वर्ष 2024 में तृणमूल कांग्रेस छोड़कर भाजपा में शामिल हुए तापस रॉय ने कहा कि उनकी प्राथमिकता बंगाल में निवेशकों का भरोसा फिर से कायम करना होगी। रॉय पिछले महीने हुए विधान सभा चुनाव में मानिकतला विधान सभा सीट पर जीत दर्ज की।

रॉय ने कहा,‘मेरी प्राथमिकता राज्य में टाटा समूह को राज्य में दोबारा बड़े पैमाने पर लाना होगा।’उन्होंने वर्ष 2008 में सिंगूर में टाटा मोटर्स द्वारा टाटा नैनो संयंत्र छोड़ने का जिक्र किया। तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी के नेतृत्व में हुए विरोध प्रदर्शनों के कारण टाटा समूह ने सिंगूर से निकलने का फैसला किया था। 30 मई को भाजपा की राज्य इकाई के प्रमुख समिक भट्टाचार्य ने कहा कि बंगाल में भाजपा सरकार ‘टाटा को वापस लाएगी’। डेरेक ओ ब्रायन और राज्य के पूर्व वित्त मंत्री अमित मित्रा समेत तृणमूल कांग्रेस के नेताओं ने बंगाल में टाटा समूह की अलग-अलग कंपनियों द्वारा किए गए निवेश और विस्तार का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि इस समूह की राज्य में पहले से ही बड़ी और बढ़ती हुई मौजूदगी है।

मुख्यमंत्री अधिकारी ने सूरी से विधायक एवं राज्य भाजपा के पूर्व महासचिव जगन्नाथ चट्टोपाध्याय को उच्च शिक्षा विभाग सौंपा जबकि उत्तर बंगाल के नेता दीपक बर्मन को स्कूली शिक्षा की जिम्मेदारी दी गई है। पेशे से डॉक्टर शरद्वत मुखर्जी को स्वास्थ्य विभाग सौंपा गया है। भाजपा के वरिष्ठ नेता दूध कुमार मंडल को कृषि विभाग संभालने के लिए कहा गया है। अधिकारी ने गृह विभाग अपने पास ही रखा है।

(साथ में एजेंसियां)

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First Published - June 11, 2026 | 12:04 AM IST

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