facebookmetapixel
test postQ4 में टूटेंगे सारे रिकॉर्ड! हिंदुस्तान जिंक के CEO का दावा: चौथी तिमाही होगी सबसे मजबूतरेट कट का असर! बैंकिंग, ऑटो और रियल एस्टेट शेयरों में ताबड़तोड़ खरीदारीTest Post कैश हुआ आउट ऑफ फैशन! अक्टूबर में UPI से हुआ अब तक का सबसे बड़ा लेनदेनChhattisgarh Liquor Scam: पूर्व CM भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य को ED ने किया गिरफ्तारFD में निवेश का प्लान? इन 12 बैंकों में मिल रहा 8.5% तक ब्याज; जानिए जुलाई 2025 के नए TDS नियमबाबा रामदेव की कंपनी ने बाजार में मचाई हलचल, 7 दिन में 17% चढ़ा शेयर; मिल रहे हैं 2 फ्री शेयरIndian Hotels share: Q1 में 19% बढ़ा मुनाफा, शेयर 2% चढ़ा; निवेश को लेकर ब्रोकरेज की क्या है राय?Reliance ने होम अप्लायंसेस कंपनी Kelvinator को खरीदा, सौदे की रकम का खुलासा नहींITR Filing 2025: ऑनलाइन ITR-2 फॉर्म जारी, प्री-फिल्ड डेटा के साथ उपलब्ध; जानें कौन कर सकता है फाइल

भारत बायोटेक ने रेबीज के टीके वापस मंगाए

Last Updated- January 24, 2023 | 9:36 AM IST
Bharat biotech

हैदराबाद की टीका निर्माता भारत बायोटेक ने सोमवार को कहा कि उसने अपने एंटी-रेबीज टीके चिरोराब के बैच को स्वेच्छा से वापस लेना शुरू किया है।

कंपनी ने एक बयान में कहा है, ‘हमने चिरोराब के बैच नंबर 4188 को स्वेच्छा से वापस लिए जाने का निर्णय लिया है। यह कदम कर्नाटक में ​एक शिपिंग सेवा प्रदाता से चिरोराब की चोरी के कारण उठाया गया है।’

बयान में कहा गया है कि कंपनी ने बैच 4188 की जांच करने के बाद ही जारी किया था, लेकिन कुछ खेपों की चोरी हो गई, जिसकी वजह से कोल्ड चेन स्टोरेज की ​स्थिति को लेकर आशंका गहरा गई है। टीके के पूरे बैच को वापस मंगाने का काम शुरू हो गया है।

कंपनी ने कहा है, ‘हम ‘प्रिंसीपल ऑफ एबंडेंट प्रीकॉशन’ के अनुरूप यह स्वे​च्छिक कदम उठा रहे हैं और मरीजों की सुरक्षा तथा लोगों को हितों का ध्यान रख रहे हैं।’

बयान में कहा गया है, ‘कंपनी ने अनुरोध किया है कि जिस बैच 4188 की बिक्री नहीं की गई हो उसे कंपनी को वापस कर दिया जाए। स्वास्थ्य सेवा प्रदाताओं से अनुरोध है कि वे बैच 4188 वाले चिरोराब टीके का इस्तेमाल नहीं करें।’

टीका वापसी का कार्य चिरोन बेहरिंग वैक्सींस द्वारा शुरू कर दिया गया है। चिरोन बेहरिंग वैक्सींस को मार्च 2019 में भारत बायोटेक ने जीएसके से खरीदा था। नवंबर 2019 में, चिरोन बेहरिंग वैक्सींस रेबीज वैक्सीन चिरोराब फिर से पेश की, जिसे पहले रबीपुर के तौर पर बेचा जा रहा था। इस टीके का निर्माण गुजरात के अंकलेश्वर में डब्ल्यूएचओ द्वारा मान्यताप्राप्त संयंत्र में किया जा रहा है।

चिरोराब की आपूर्ति निविदा प्र​क्रिया के जरिये सरकारी अस्पतालों को की जाती है तथा कई देशों को इसका निर्यात भी होता है।
अंकलेश्वर संयंत्र हर साल रेबीज की 1.5 करोड़ खुराक तैयार कर सकता है। अगस्त 2021 में, भारत बायोटेक ने अंकलेश्वर संयंत्र से कोवैक्सीन टीका वा​णि​ज्यिक तौर पर पेश किया था।

First Published - January 24, 2023 | 9:36 AM IST

संबंधित पोस्ट