निजी क्षेत्र के बड़े बैंकों ने वित्त वर्ष 2026 की चौथी तिमाही में ऋण वृद्धि को बनाए रखने के लिए कॉरपोरेट और एमएसएमई ऋण पर जबरदस्त भरोसा किया जबकि खुदरा ऋणों में एकल अंक की वृद्धि हुई।
वे वित्त वर्ष 27 में खुदरा ऋण में तेजी की उम्मीद कर रहे हैं। दरअसल मजबूत खुदरा ऋण वितरण से बही खाते में सार्थक वृद्धि होने की संभावना है। पश्चिम एशिया संकट के बावजूद कॉरपोरेट ऋण वृद्धि मजबूत होने की उम्मीद है।
बड़े निजी क्षेत्र के बैंक के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि अर्थव्यवस्था के कुछ क्षेत्र – डेटा सेंटर, हरित ऊर्जा और रक्षा के साथ ही कुछ बड़े औद्योगिक समूह – जबरदस्त प्रदर्शन कर रहे हैं। इससे बड़े बैंकों को अपने ग्राहक संबंधों के बूते से लिए जाने वाले ऋण में बड़ा हिस्सा मिलने की उम्मीद है। बॉन्ड बाजार में अपेक्षाकृत महंगी स्थितियों ने कॉरपोरेट ऋण मांग को और बल प्रदान किया है। बैंकों ने कॉरपोरेट उधार में अतिरिक्त निवेश करना पसंद किया जबकि खुदरा चैनल ने पूरी तरह से जवाब नहीं दिया। खुदरा पक्ष पर वितरण वृद्धि मजबूत रही है। हालांकि बही खाते पर इसका असर आने में आमतौर पर दो से तीन तिमाही लगती हैं।
दर सुस्ती के शुरुआती चरण में बकाया राशि बढ़ी हुई शेष राशि के स्थानांतरण के रूप में बदल गई थी। दरअसल, ऋण लेने वाले ऋणदाताओं की प्रतिस्पर्धा के दौर में उच्च लागत ऋणों को रिफाइनैंस कराने लगे थे। अभी ब्याज दरें आमतौर पर स्थिर हैं। इसलिए रिफाइनैंस कम हो रहा है। ऋण लेने वाले किसी से ऋण लेकर पुराने ऋण का भुगतान कम ही कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि इसलिए वितरण की पाइपलाइन लोन बुक के विस्तार में अधिक स्पष्ट रूप से दिखाई देने लगी है। देश के तीन सबसे बड़े निजी बैंकों ने वित्त वर्ष 26 की चौथी तिमाही में खुदरा बही खाते वृद्धि व अन्य खंडों के बीच अंतर को स्पष्ट कर दिया है।
एचडीएफसी बैंक ने अपनी खुदरा बही खाते में सालाना आधार पर 6.5 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की। यह उसके छोटे और मध्यम बाजार खंड में 17.2 प्रतिशत वृद्धि और कॉर्पोरेट उधार में 13 प्रतिशत की तुलना में काफी कम है। एचडीएफसी बैंक की कुल ऋण वृद्धि 12 प्रतिशत रही।
ऐक्सिस बैंक में की खुदरा वृद्धि 8 प्रतिशत रही जबकि उसकी एसएमई ऋण में 24 प्रतिशत और कॉरपोरेट ऋण में 38 प्रतिशत की आश्चर्यजनक वृद्धि हुई। उसकी कुल ऋण वृद्धि 19 प्रतिशत रही।
आईसीआईसीआई बैंक की खुदरा बही खाता वृद्धि 9.5 प्रतिशत बढ़ी – यह कॉरपोरेट वृद्धि 9.3 प्रतिशत के अनुरूप थी – लेकिन यह अपने बिजनेस बैंकिंग 24.4 प्रतिशत और ग्रामीण पोर्टफोलियो की 25.6 प्रतिशत के मुकाबले कम रही। आईसीआईसीआई बैंक की कुल ऋण वृद्धि लगभग 16 प्रतिशत रही।
ऐक्सिस बैंक के कार्यकारी निदेशक सुब्रत मोहंती ने परिणाम घोषणा के कार्यक्रम में मीडिया को बताया कि खुदरा वितरण वृद्धि काफी मजबूत रही है और बही खाते पर धीरे-धीरे असर बढ़ने लगा है। उन्होंने कहा ‘खुदरा बही खाते वृद्धि को वितरण वृद्धि दिखाने में थोड़ा समय लगता है।’ थोक बैंकिंग में अवसर इस समय काफी मजबूत हैं। एचडीएफसी बैंक के डिप्टी एमडी कैज़ाद भरूचा ने कहा कि खुदरा हलचल वाहन क्षेत्र को धन मुहैया कराने, व्यक्तिगत लोन और बिजनेस लोन में दिखाई दे रही थी, जिसमें मोटरगेज बुक स्थिर रही है। उन्होंने कॉरर्पोरेट पक्ष के मामले में अवसरों को इंगित किया।
इस क्रम में इलेक्ट्रॉनिक्स, खाद्य प्रसंस्करण, ऑटोमोबाइल , सेमीकंडक्टर आदि को चिह्नित किया। इसके अलावा धन जुटाने के अधिग्रहण, परियोजना फाइनैंस और आपूर्ति श्रृंखला फाइनैंस को भी उजागर किया। उन्होंने कहा, ‘अगले वर्ष में कॉरर्पोरेट और उभरते कॉरपेरट खंड के मजबूत बने रहने की उम्मीद है।’ मध्यम स्तर के निजी बैंकों ने खुदरा ग्राहकों की सतर्कता की ऐसी ही कहानी बताई। फेडरल बैंक के खुदरा ग्राहक बही खाते में वित्त वर्ष 2026 की चौथी तिमाही में सालाना आधार पर 1 प्रतिशत से थोड़ी अधिक वृद्धि हुई जबकि येस बैंक की बुकिंग में 4.7 प्रतिशत की वृद्धि हुई।