मौजूदा चुनौतियों के बावजूद भारत दुनिया की सबसे तेज रफ्तार से वृद्धि करने वाली प्रमुख प्रमुख अर्थव्यवस्था बना हुआ है। यह कहना है सिटीग्रुप की अध्यक्ष एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) जेन फ्रेजर का। फ्रेजर ने गुरुवार को ‘सिटी इंडिया कॉन्फ्रेंस 2026’ में कहा कि भारत को तात्कालिक चुनौतियों को अपनी दीर्वावधि की क्षमता व संभावनाओं पर हावी नहीं होने देना चाहिए।
उन्होंने कहा,‘आर्थिक विकास गति पकड़ता दिख रहा है। वर्तमान चुनौतियों के बावजूद भारत विश्व की सर्वाधिक तेजी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्था बना हुआ है। मौजूदा समय में कुछ चुनौतियां जरूर दिख रही हैं मगर इनकी वजह से भारत का जज्बा कमजोर नहीं होना चाहिए। देश को अपनी दीर्घकालिक क्षमता को ध्यान में रखते हुए लगातार अपनी रफ्तार बनाए रखने पर ध्यान देना चाहिए।’
फ्रेजर ने बुधवार को भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से भी मुलाकात की और भारत में निवेश के अवसरों, पूंजी प्रवाह, वैकल्पिक ऊर्जा और आर्टिफिशल इंटेलिजेंस (एआई) पर चर्चा की। चर्चा मुख्य रूप से भारत के आर्थिक विकास से जुड़े विषयों और आर्थिक विकास से जुड़ी देश की प्राथमिकताओं में सिटी के सहयोग पर हुई। मोदी ने सरकार के वर्ष 2047 तक ‘विकसित भारत’ का प्राप्त करने के अपना दृष्टिकोण साझा किया और आर्थिक विकास और निवेश को गति देने के तरीकों पर चर्चा की।
सिटी के मुताबिक बैठक में भारत में वैश्विक निवेश आकर्षित करने, भारतीय कंपनियों के विदेश में कारोबार विस्तार में सहयोग करने और नवीकरणीय ऊर्जा और एआई जैसे क्षेत्रों में अवसरों सहित कई मुद्दों पर चर्चा हुई। सौर ऊर्जा और हरित हाइड्रोजन सहित वैकल्पिक ऊर्जा स्रोतों के विकास के साथ आर्थिक विकास में एआई और विनियमन की भूमिका पर भी बात हुई। फ्रेजर ने कहा कि सिटी के लिए कर्मचारियों की संख्या के लिहाज से भारत दूसरा सबसे बड़ा भौगोलिक क्षेत्र है और सबसे बड़े बाजारों में एक है। बैंक के वैश्विक स्तर पर अधिकांश ग्राहकों की यहा गहरी दिलचस्पी है। यह दिलचस्पी न केवल प्रौद्योगिकी में बल्कि बाजार में भागीदारी में भी है। उन्होंने कहा,‘हमारे कुछ सबसे बड़े ग्राहक भारतीय हैं और उनकी संख्या काफी अधिक है। मुझे लगता है कि यह वैश्विक स्तर पर भारत की भूमिका को दर्शाता है। मगर जिस बात ने मुझे सबसे ज्यादा प्रभावित किया वह है भुगतान ढांचे का विकास, डिजिटलीकरण, डिजिटल पहचान और जिस रफ्तार से ये सब हुआ वह सब कुछ। बुनियादी ढांचे के निर्माण में भी हमें यही बात दिखी है।’
फ्रेजर ने भारत के त्वरित वाणिज्य पारिस्थितिकी तंत्र का भी जिक्र किया और कहा कि अब विभिन्न श्रेणियों के उत्पाद एक घंटे से भी कम समय में वितरित किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि सुविधा का यह स्तर कई विकसित अर्थव्यवस्थाओं में भी देखने को नहीं मिल रहा है। फ्रेजर ने उन देशों के बीच अंतर बताया जो मौजूदा शक्तियों को संरक्षित करने पर ध्यान केंद्रित करते हैं और जो भविष्य के लिए खुद को बदलने के लिए तैयार हैं।
उन्होंने कहा,‘कुछ देश और कंपनियां अपने पास मौजूद संसाधनों की रक्षा करती हैं और इस प्रक्रिया में इनका (संसाधनों का) महत्त्व स्वयं कम कर देते हैं।’ उन्होंने आगे कहा कि भारत अपनी इस तत्परता के लिए जाना जाता है कि वह ‘जरूरत के हिसाब से निर्माण’ करने को तैयार है भले ही इसके लिए मौजूदा प्रारूप में बदलाव क्यों न करना पड़े। उन्होंने कहा कि भले ही इस तरह के दृष्टिकोण समझ में न आएं मगर इससे कोई फर्क नहीं पड़ता क्योंकि बाद में इसके ठोस नतीजे मिलते हैं।’
टी के भारत में मौजूद और दुनिया भर में फैली टीम व्यवसायों और निवेशकों को भविष्य में भारत की जरूरत पूरी करने और व्यवधानों से निपटने में मदद करने में हरसंभव सहयोग करेंगी।