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खरीफ सीजन से पहले सरकार का आश्वासन: बीज, खाद और कीटनाशकों की पर्याप्त उपलब्धता

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भारत के पास खरीफ की उर्वरक की जरूरतें पूरी करने के लिए 46 प्रतिशत शुरुआती स्टॉक है जबकि इसका सामान्य स्तर 30 प्रतिशत है।

Last Updated- April 02, 2026 | 8:48 AM IST
availability of fertilizers at affordable prices despite recent geo-political situations due to Russia - Ukraine war

केंद्र सरकार ने खरीफ की आगामी फसल के लिए बीजों और कृषि रसायनों की पर्याप्त आपूर्ति का आज आश्वासन दिया। भारत के पास खरीफ की उर्वरक की जरूरतें पूरी करने के लिए 46 प्रतिशत शुरुआती स्टॉक है जबकि इसका सामान्य स्तर 30 प्रतिशत है।

कृषि मंत्रालय की अतिरिक्त सचिव मनिंदर कौर द्विवेदी ने पश्चिम एशिया में हालिया घटनाक्रम के मामले में अंतर मंत्रालय ब्रीफिंग को संबोधित किया। उन्होंने बताया कि हमारे आकलन के अनुसार खरीफ फसलों की आगामी बोआई लगभग 391.7 लाख हेक्टेयर होने की उम्मीद है। इसके लिए 300.5 लाख टन उर्वरकों की जरूरत होगी।

द्विवेदी ने कहा, ‘हमारे पास अभी 180 लाख टन का स्टॉक है और यह 46 प्रतिशत है। बहरहाल, व्यावहारिक नियम के अनुसार शुरुआती स्टॉक 30 प्रतिशत होना चाहिए।’

उन्होंने कहा कि सबसे महत्त्वपूर्ण इनपुट में से एक बीज है। उनके आकलन के अनुसार खरीफ 2026 के लिए बीजों की कुल अनुमानित आवश्यकता 166.46 लाख क्विंटल है जबकि उपलब्धता 185.74 लाख क्विंटल है। लिहाजा 19.29 लाख टन बीजों का अधिशेष है।

उन्होंने कीटनाशकों के सिलसिले में कहा कि कुल अनुमानित वार्षिक मांग लगभग 74,266 टन है। इसमें से खरीफ सत्र में लगभग 42,000 टन की जरूरत होती है। इसके मुकाबले फरवरी, 2026 तक देश में कीटनाशकों का उत्पादन लगभग 2,61,099 टन रहा है जो बहुत अधिक है।

द्विवेदी ने बताया कि कृषि और उर्वरक सचिवों ने 30 मार्च को राज्य सचिवों के साथ स्थिति का आकलन करने के लिए बैठक की थी। इस बैठक में राज्यों को कृषि इनपुट्स की अंतिम छोर तक उपलब्धता तय करने के लिए कहा गया था। इसके साथ ही किसानों को अधिक नैनो उत्पादों का उपयोग करने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। उन्होंने कीमतों के मुद्दे पर कहा कि थोक कीमतों की निगरानी की जा रही है और वे पिछले कुछ वर्षों की तरह सामान्य सीमा में हैं। टमाटर, आलू और प्याज की दरें सीमा में हैं और मामूली सुधार दिखा रही हैं।

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First Published - April 2, 2026 | 8:48 AM IST

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