इन्फोसिस ने अपने मध्य स्तर से लेकर वरिष्ठ स्तर के मैनेजरों से कहा है कि वे ग्राहक से जुड़ाव के मामले में आर्टिफिशल इंटेलिजेंस (एआई) टूल्स का सक्रिय रूप से इस्तेमाल करें ताकि वॉल्यूम और राजस्व बढ़ सके। सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) सेवा क्षेत्र की देश की दूसरी सबसे बड़ी कंपनी व्यापक आर्थिक हालात संबंधी चुनौतियों के बीच लंबे समय से मांग में कमी से जूझ रही है। मामले से जुड़े एक सूत्र ने यह जानकारी दी।
यह आदेश स्तर 6 (6ए और 6बी) तथा उससे ऊपर वाले प्रबंधकों पर लागू होता है। लिहाजा, तकनीकी आर्किटेक्ट और प्रोजेक्ट मैनेजरों से उम्मीद है कि वे एआई दखल से दिखने वाले फायदों का प्रदर्शन करेंगे। कंपनी ने अपने कर्मचारियों को एआई क्षमता के तीन स्तर में भी बांटा है – एआई जागरूक (क्लासिकल एआई की बुनियादी समझ), एआई बिल्डर (जो क्लाउड आधारित मॉडल का इस्तेमाल करते हैं) और एआई मास्टर (जो शुरू से ही मॉडल बनाते हैं)।
इन्फोसिस आईटी कंपनियों के उस बढ़ते समूह में शामिल है, जो अपने शीर्ष नेतृत्व को डिलिवरी में एआई को और ज्यादा शामिल करने के लिए प्रेरित कर रही हैं। उसका जोर मौजूदा ग्राहकों से ज्यादा काम हासिल करने के लिए दक्षता और उत्पदकता को बेहतर बनाना है। इन्फोसिस, टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज़ (टीसीएस) और विप्रो से टिप्पणी के लिए किए गए अनुरोध पर कोई जवाब नहीं मिला।
यह आदेश अब भी एप्रेजल का हिस्सा नहीं है, जैसा कि कई उत्पाद कंपनियों में हो रहा है। लेकिन यह उम्मीद बढ़ रही है कि भविष्य की वृद्धि काफी हद तक एआई के असरदार इस्तेमाल पर निर्भर करेगी।
हाल में संपन्न नैसकॉम टेक्नॉलजी लीडरशिप फोरम के दौरान टीसीएस के मुख्य कार्य अधिकारी और प्रबंध निदेशक के कृत्तिवासन ने कहा था कि वरिष्ठ प्रमुखों को निर्माण करने के लिए एआई के और ज्यादा टूल्स का इस्तेमाल करने की जरूरत है, नहीं तो वे पुराने पड़ जाएंगे। उन्होंने चेतावनी दी थी कि हालांकि कनिष्ठ लोग एआई के इस्तेमाल में ज्यादा कुशल हैं, लेकिन वरिष्ठ प्रबंधन अब भी सृजन करने के बजाय पढ़ और सुन रहा है।