प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा है कि आने वाले वर्षों में उनकी सरकार के फैसलों की गति और उनका दायरा बड़ा और व्यापक होगा। केंद्र में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) सरकार के 12 वर्ष पूरे होने के अवसर पर प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि उनकी सरकार द्वारा किए जा रहे सुधार लगातार जारी रहेंगे क्योंकि यह उनके लिए ‘कोई विवशता नहीं बल्कि पक्के इरादे का सवाल’ हैं।
इस मौके पर नई दिल्ली में राजग नेताओं और मुख्यमंत्रियों को संबोधन में प्रधानमंत्री ने कहा कि देश नवीकरणीय और परमाणु ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भरता हासिल करने के करीब है। उन्होंने कहा कि हाल ही में तेल और गैस की खोज के क्षेत्र में ‘अच्छी खबरें’ आई हैं और वर्ष 2014 से 2016 के बीच सरकार के शुरुआती सालों में लिए गए फैसलों की वजह से भारत विनिर्माण केंद्र बनने की राह पर है।
मोदी ने कहा कि आने वाले सालों में भारत पर्यटन और खेल जैसे दो और क्षेत्रों में अच्छा प्रदर्शन करने वाला है और देश ओलिंपिक की मेजबानी की तैयारी भी कर रहा है। प्रधानमंत्री ने कहा कि राज्यों के बीच 1 लाख करोड़ डॉलर की अर्थव्यवस्था बनने, शहरों के बीच नवाचार का केंद्र बनने और क्षेत्रों के बीच सबसे अधिक नौकरियां पैदा करने की ‘स्वस्थ प्रतिस्पर्धा’ ही भारत की तरक्की की कुंजी होगी। प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत की धीमी आर्थिक विकास दर के लिए कांग्रेस का सत्ता में रहते हुए फैसले न ले पाना जिम्मेदार था।
उन्होंने कहा कि इसे गलत तरीके से ‘हिंदू ग्रोथ रेट’ कहा गया जबकि इसे ‘कांग्रेस ग्रोथ रेट’ कहा जाना चाहिए था। उन्होंने कहा कि इस ‘कांग्रेस ग्रोथ रेट’ में सरकारी कामकाज, इरादे और नीति की कमी थी। मोदी ने अपने 37 मिनट के भाषण में कहा कि अटल बिहारी वाजपेयी के नेतृत्व में राजग सरकार पहली बार सत्ता में आई और तभी देश को तेज विकास की झलक मिली। उन्होंने वर्ष 2004-2014 तक कांग्रेस के नेतृत्व वाली संप्रग सरकार का जिक्र किया और कहा, ‘दुर्भाग्य से, 2004 में देश एक बार फिर अस्थिरता के दौर में फंस गया।’ उन्होंने कहा कि वर्ष 2014 में जब राजग सरकार बनी तो देश की किस्मत फिर से बदल गई।
इससे पहले दिन में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने प्रधानमंत्री को ‘भारत के सबसे लंबे समय तक सेवा करने वाले चुने हुए प्रधानमंत्री’ के तौर पर पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू का रिकॉर्ड तोड़ने के लिए सम्मानित करने का प्रस्ताव पारित किया। राजग की बैठक में भी प्रधानमंत्री का सम्मान किया गया।
मंत्रिमंडल के सदस्यों और राजग नेताओं ने खड़े होकर मोदी का अभिवादन किया। कैबिनेट ने ‘विकसित भारत’ के मोदी के दृष्टिकोण का समर्थन किया और राष्ट्रीय सुरक्षा, समावेशी विकास और सामाजिक न्याय पर उनके नेतृत्व की तारीफ की। केंद्र सरकार ने राजग सरकार के 12 साल पूरे होने पर एक बुकलेट भी जारी की जिसमें कहा गया कि पिछले 12 सालों में आयकर बोझ कम होना सरकार के ‘रामराज्य’ के दृष्टिकोण को दिखाता है। इसमें कहा गया कि माल एवं सेवा कर (जीएसटी) लागू करने, फेसलेस टैक्स सिस्टम शुरू करने और डिजिटल इंडिया जैसे सुधारों ने सार्वजनिक तंत्र में भरोसा बनाने में मदद की है, जिससे भारत को 5 लाख करोड़ डॉलर की अर्थव्यवस्था बनने में मदद मिलेगी। मोदी ने गठबंधन की राजनीति के दौर का जिक्र किया। उन्होंने राजग की बैठक में कहा कि अस्थिरता के उस दौर में देश को नुकसान उठाना पड़ा था और अब लोग राजनीतिक स्थिरता और एक स्थिर सरकार के फैसले लेने की क्षमता के महत्त्व को समझने लगे हैं। उन्होंने कहा,‘मेरे लिए जनता ही ईश्वर है।’ प्रधानमंत्री ने कांग्रेस के शासनकाल की आलोचना की।
प्रधानमंत्री को कई देशों के प्रमुखों और राष्ट्राध्यक्षों से बधाई संदेश मिले। हालांकि, कांग्रेस ने कहा कि मोदी भले ही किसी ‘खुद से तय किए गए और संदिग्ध तरीके से बनाए गए’ लक्ष्य तक पहुंच गए हों मगर वे भारत के गले में एक ‘बोझ’ की तरह हैं और ‘लोकतंत्र की हत्या’ के लिए जिम्मेदार हैं। कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने कहा कि जवाहरलाल नेहरू 15 अगस्त, 1947 को भारत के प्रधानमंत्री बने और उन्होंने एक शानदार कैबिनेट का नेतृत्व किया और ऐसी कैबिनेट जैसी दुनिया में शायद ही कभी देखी गई होगी।
उन्होंने सोशल मीडिया ‘एक्स’ पर कहा कि अगले पांच सालों में आधुनिक भारत का निर्माण हुआ। रमेश ने कहा ‘560 से अधिक रियासतों को शांतिपूर्ण ढंग से भारतीय संघ में मिलाया गया, भारत के संविधान पर चर्चा हुई और उसे अपनाया गया, जमींदारी प्रथा खत्म की गई, अनुसूचित जातियों और अनुसूचित जनजातियों के लिए आरक्षण लागू किया गया, कई बहु-उद्देशीय सिंचाई-सह-बिजली परियोजनाएं शुरू की गईं, विज्ञान और तकनीक की क्षमता के लिए बुनियादी ढांचा (परमाणु ऊर्जा सहित) तैयार किया गया और भारत वैश्विक मामलों में एक ताकत के तौर पर उभरा।’
उन्होंने कहा कि पिछले 12 सालों में भारत के शिक्षण संस्थानों को बर्बाद करके वैज्ञानिक सोच को खत्म कर दिया गया है जैसा हाल ही में नीट- सीबीएसई घोटालों से पता चला है। रमेश ने कहा,‘जहां नेहरू 1952, 1957 और 1962 में भारी बहुमत से जीते थे वहीं मोदी 2024 में साधारण बहुमत भी नहीं पा सके और उन्हें खुद को प्रधानमंत्री घोषित करने के लिए भाजपा संसदीय दल को दरकिनार
कर जल्दबाजी में राजग की बैठक बुलानी पड़ी।’