सीक्वॉया की नजर 10-15 सौदों पर
प्राइवेट इक्विटी कंपनी सीक्वॉया कैपिटल इंडिया विभिन्न क्षेत्रों के 10-15 सौदों में निवेश करने पर विचार कर रही है। यह जानकारी कंपनी के प्रबंध निदेशक संदीप सिंघल ने एक साक्षात्कार के दौरान कही है। सिंघल ने बताया कि फिलहाल हम इन सौदों का आकलन कर रहे हैं और इन क्षेत्रों में जैसी संभावना दिखेगी हम […]
किस्त घटा सकते हैं या फिर बैंक से कर सकते हैं बात
होम लोन के लिए कर्ज लेने वालों को इस बात की चिंता हमेशा सताती है कि कहीं वहे डिफॉल्टर न हो जाएं। वे ऐसा चाहते हैं या नहीं, यह अलग बात है, लेकिन हालात ऐसे बन जाते हैं कि वे ऐसा करने को विवश हो जाते हैं। मिसाल के तौर पर 11 जुलाई 2006 को […]
सीमेंट का जोड़ कमजोर, ऑटो उद्योग का संकट घनघोर
सीमेंट सीमेंट कंपनियों के कुल राजस्व में जहां 11.1 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है वहीं मार्जिन में गिरावट आने के कारण इन कंपनियों का शुध्द मुनाफा 18.2 प्रतिशत नीचे जा गिरा।हमने जितनी सीमेंट कंपनियों को खंगाला, उनमें से लगभग सभी खर्चे में हुई में कुल बढाेतरी के कारण अपने मार्जिन पर दबाव महसूस कर रही […]
जमीन और उद्योग का संघर्ष
नंदीग्राम और सिंगुर शब्द, उन स्थानों पर हुई घटनाओं के कारण भारतीयों की जुबान पर चढ़ गए। परियोजनाओं के लिए भूमि अधिग्रहण की सरकारी कोशिशों के कारण ही ये घटनाएं हुई थीं। कोलकाता से 150 किलोमीटर दूर स्थित नंदीग्राम के मामले में राज्य सरकार ने लगभग एक दर्जन गांवों को खाली करवाकर 22,000 एकड़ जमीन […]
बिहार पर बाढ़ का प्रहार
बिहार सरकार ने वर्ष 2007 में आयी बाढ़ को ‘अनप्रिसिडेंट’ यानी कि अभूतपूर्व करार दिया था और इस दौरान किए गए राहत कार्यों के लिए भी सूबे की सरकार ने अपनी पीठ खूब थपथपाई। यहां तक कि सरकारी वेबसाइट पर इस कार्य को खूब बढ़-चढा कर पेश किया गया। लेकिन इस साल गत 22 अगस्त […]
उड़ीसा में दंगों की लपटों में जल रहा निवेश
उड़ीसा में बड़ी औद्योगिक परियोजनाओं के लिए अधिग्रहण की जा रही भूमि पर हो रहे बवाल, माओवादियों का प्रचंड तांडव और हाल ही में कंधमाल और कोरापुट जिले में हुए सांप्रदायिक दंगों ने सूबे के कई मोर्चों पर जबरदस्त आघात किया है। अब तो यहां के उद्योगपति भी महसूस करने लगे हैं कि अभी से […]
सैलानियों की जन्नत जम्मू कश्मीर बना कारोबारियों का जहन्नुम
‘गर बर्रुअत जमीं अस्तु, हमीअस्तु हमीअस्तु हमीअस्तु।’ यानी धरती पर अगर कहीं जन्नत है, तो वह यहीं है, यहीं है, यहीं है। मुगल बादशाह जहांगीर के इन मशहूर अल्फाज को सुनकर ही आज भी दुनिया भर के सैलानी ‘जन्नत’ यानी कश्मीर में खिंचे चले आते हैं। लेकिन अगर यहां के बाशिंदों या कारोबारियों से पूछें, […]
शेयर बाजार खुश हुआ
अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में आई गिरावट को देखकर मंगलवार को भारतीय शेयर बाजारों में खुशी की लहर दौड़ गई। कच्चे तेल की कीमत चार माह के न्यूनतम स्तर पर पहुंचते ही बाजार में लिवाली का दौर शुरू हो गया। कारोबार समाप्ति पर बंबई स्टॉक एक्सचेंज का सेंसेक्स 551.35 अंकों की जोरदार […]
जहां गम भी न हों, आंसू…
सहरसा से अमृतसर जाने वाली रेलगाड़ी जैसे ही प्लेटफॉर्म पर पहुंचती है, स्टेशन पर भयंकर चीख-पुकार मच जाती है। ठसा-ठस भरे प्लेटफॉर्म पर लोग परिजनों को चीख-चीख कर बुला रहे हैं, ताकि जल्द से जल्द गाड़ी में बैठकर इस इलाके से निकल सकें।प्रधानमंत्री ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना सहित राज्य की विभिन्न योजनाओं के तहत काम […]
सेबी का ‘वायदा’, नहीं रहेगा ब्याज जोखिम
एक्सचेंज में कारोबार किए जाने वाले ब्याज दर वायदा कारोबार को दिसंबर-जनवरी में सेबी की अनुमति मिल सकती है, जिससे बैंक और एफआईआई को ब्याज दर के जोखिम से निपटने में मदद मिलेगी। सेबी के अध्यक्ष सी.बी. भावे ने कहा कि मुद्रा वायदा पेश करने में जितना वक्त लगा, ब्याज दर वायदा कारोबार पेश करने […]
