रॉयल्टी दर में बदलाव से ONGC और Oil India पर दबाव, कमाई के अनुमान घटे
तेल एवं गैस रॉयल्टी घटाने के बाद उसकी दर दोबारा बढ़ाए जाने से ऑयल इंडिया (ओआईएल) और तेल एवं प्राकृतिक गैस निगम (ओएनजीसी) के एबिटा और ईपीएस (प्रति शेयर कमाई) पर असर पड़ सकता है। तेल कंपनियां कच्चा तेल और प्राकृतिक गैस निकालने पर सरकार को रॉयल्टी देती हैं। मई में, रॉयल्टी को तर्कसंगत बनाने […]
कॉकरोच जनता पार्टी बनी युवाओं के राजनीतिक गुस्से का वायरल प्रतीक
हाल के दिनों में कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) की ऑनलाइन लोकप्रियता में जबरदस्त उछाल देखी गई। इसके इंस्टाग्राम पेज, एक्स अकाउंट और वेबसाइट पर एक हफ्ते में 2.2 करोड़ से अधिक लोगों ने साइन-अप किया। फिर भारत में इसके सभी सोशल मीडिया हैंडल और वेबसाइट को ‘सुरक्षा कारणों’ से ब्लॉक या बंद कर दिया गया। […]
रिकॉर्ड बिक्री और मजबूत मांग से आयशर मोटर्स के नतीजे अनुमान से बेहतर
वित्त वर्ष 2026 की मार्च तिमाही में आयशर मोटर्स के नतीजे अनुमान से बेहतर रहे। उसका राजस्व 6,080 करोड़ रुपये रहा, जो सालाना आधार पर 16.0 फीसदी ज्यादा है, लेकिन तिमाही आधार पर 0.6 फीसदी कम है। सकल मार्जिन 44.4 फीसदी पर स्थिर रहा। कर पश्चात लाभ 11.6 फीसदी बढ़कर 1,520 करोड़ रुपये पर पहुंच […]
मौजूदा परिस्थितियां फिर से पुराने रुझान को दोहरा रही हैं?
ईरान युद्ध के 11 हफ्ते के बाद, अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी (आईईए) ने जो चेतावनियां जारी की हैं वे बेहद गंभीर हैं। होर्मुज स्ट्रेट में गतिरोध जारी है। पश्चिम एशिया के ऊर्जा ढांचे को गंभीर नुकसान पहुंचा है और इसे ठीक होने में कई वर्ष लगेंगे। वैश्विक तेल की आपूर्ति घटकर 9.5 करोड़ बैरल प्रतिदिन तक […]
बजाज फाइनैंस के नतीजों से गदगद हुए विश्लेषक: मुनाफे में 22% का उछाल, निवेशकों की बढ़ी दिलचस्पी
वित्त वर्ष 2026 की मार्च तिमाही में बजाज फाइनैंस के वित्तीय नतीजे अनुमानों के अनुरूप रहे। प्रावधान खर्च में नरमी की वजह से कर बाद लाभ (पीएटी) सालाना आधार पर 22 फीसदी और तिमाही आधार पर 28 फीसदी बढ़ा। शुद्ध ब्याज आय (एनआईआई) में पिछले साल से 20 प्रतिशत की वृद्धि हुई, जिसे प्रबंधन अधीन […]
लोकतंत्र या चुनावी तानाशाही? वैश्विक सूचकांकों में भारत की रेटिंग और परिसीमन की पेचीदगियां
कई स्वतंत्र राजनीतिक वैज्ञानिकों के अनुसार, पिछले 12 वर्षों में भारत की लोकतांत्रिक स्थिति कमजोर हुई है। राजनीतिक वैज्ञानिक भारत को ‘हाइब्रिड शासन’ कहते हैं, जिसका अर्थ है कि यह न तो पूर्ण लोकतंत्र है और न ही पूर्ण निरंकुश शासन। भारत तीन सर्वमान्य वैश्विक लोकतंत्र सूचकांकों में निम्न स्थान पर है। इकनॉमिस्ट डेमोक्रेसी इंडेक्स […]
विंडफॉल टैक्स बदलाव से तेल कंपनियों पर दबाव, डीजल-एटीएफ मार्जिन में गिरावट का खतरा
सरकार ने निर्यात पर भारी लाभ की कर दरों में बदलाव किया है; इसके तहत डीजल पर कर की दर बढ़ाकर करीब 55.5 रुपये प्रति लीटर (या 95 डॉलर प्रति बैरल) कर दी गई है, जो पहले की दर करीब 21.5 रुपये प्रति लीटर (36 डॉलर प्रति बैरल) से काफी ज्यादा है। एविएशन टर्बाइन फ्यूल […]
हथियारों और तेल के भंडार की लड़ाई: ईरान युद्ध कब रुकेगा, किसी को नहीं पता
छोटी लड़ाइयां सामरिक कुशलता से जीती जा सकती हैं, लेकिन लंबी लड़ाइयां आमतौर पर रसद और औद्योगिक क्षमता से जीती जाती हैं। ईरान युद्ध अब अपने चौथे सप्ताह में प्रवेश कर चुका है। अब इसकी जीत और हार इस बात पर टिकी हो सकती है कि दोनों पक्षों में से किसके पास किस तरह के […]
क्या फिर लौट रहा है 1939 जैसा दौर? दूसरे विश्व युद्ध और वर्तमान तेल संकट की डराने वाली समानताएं
द्वितीय विश्व युद्ध और वर्तमान भू-राजनीतिक स्थिति के बीच कुछ समानताएं स्पष्ट हैं। द्वितीय विश्व युद्ध की शुरुआत अलग-अलग क्षेत्रीय संघर्ष से हुई जो अंतत: एक विशाल वैश्विक संघर्ष में तब्दील हो गए। इतिहासकार द्वितीय विश्व युद्ध की शुरुआत सितंबर 1939 से मानते हैं, जब जर्मनी (और सोवियत संघ) ने पोलैंड पर आक्रमण किया तथा […]
अमेरिकी टैरिफ का झटका: सोलर निर्यात पर दबाव, घरेलू क्षमता में ओवरसप्लाई का खतरा
भारत में अक्षय ऊर्जा को बढ़ावा दिए जाने की वजह से सौर उद्योग तेजी से बढ़ रहा है और आगामी बड़े लक्ष्यों का मतलब है कि मौजूदा पूंजीगत खर्च से और ज्यादा क्षमता विकसित होगी। आपूर्ति श्रृंखला में कुछ हद तक आपूर्ति-मांग में अंतर और अत्यधिक क्षमता का जोखिम है। मॉड्यूल क्षमता घरेलू इंस्टॉलेशन की […]









