वित्त वर्ष 2026 की मार्च तिमाही में बजाज फाइनैंस के वित्तीय नतीजे अनुमानों के अनुरूप रहे। प्रावधान खर्च में नरमी की वजह से कर बाद लाभ (पीएटी) सालाना आधार पर 22 फीसदी और तिमाही आधार पर 28 फीसदी बढ़ा। शुद्ध ब्याज आय (एनआईआई) में पिछले साल से 20 प्रतिशत की वृद्धि हुई, जिसे प्रबंधन अधीन परिसंपत्तियों (एयूएम) में 22 प्रतिशत की स्थिर वृद्धि (तिमाही आधार पर 5 प्रतिशत की बढ़त) से मदद मिली। परिचालन लाभ में एक साल पहले की तुलना में 18 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई जबकि तिमाही आधार पर यह 3 फीसदी तक बढ़ा।
ऋण लागत तीसरी तिमाही में 2.9 फीसदी के मुकाबले घटकर 1.6 प्रतिशत रह गई, क्योंकि क्रेडिट गुणवत्ता के मानकों- ग्रॉस स्टेज 3 और नेट स्टेज 3 -में तिमाही आधार पर क्रमशः 21 आधार अंक और 7 आधार अंक की गिरावट आई।
कंपनी का अनुमान है कि वित्त वर्ष 2027 में एयूएम में 22 से 24 प्रतिशत की वृद्धि होगी, शुद्ध ब्याज मार्जिन (एनआईएम) में मामूली कमी आएगी, परिचालन खर्च-शुद्ध कुल आय अनुपात में 25-40 आधार अंक और ऋण लागत 1.45-1.60 प्रतिशत का सुधार होगा। परिसंपत्तियों पर रिटर्न 4.1 प्रतिशत और इक्विटी पर रिटर्न 20 प्रतिशत रहा। प्रबंधन को विश्वास है कि वित्त वर्ष 2027 में मुनाफे में वृद्धि बैलेंस शीट में बढ़ोतरी के मुकाबले अधिक होगी।
एयूएम बढ़कर लगभग 5.1 लाख करोड़ रुपये हो गईं, जिसे मॉर्गेज, कंज्यूमर बी2सी, ग्रामीण बी2सी और गोल्ड लोन से मुख्य मदद मिली। गोल्ड लोन सबसे तेजी से बढ़ने वाला सेगमेंट था। प्रबंधन का अनुमान है कि वित्त वर्ष 2027 के अंत तक यह एयूएम का 5 प्रतिशत हो जाएगा। ग्राहक आधार 12 करोड़ के पार पहुंच गया। एमएसएमई में वृद्धि सुस्त रही, जिसका कारण सख्त अंडरराइटिंग और पोर्टफोलियो में काट-छांट थी।
प्रबंधन को उम्मीद है कि वित्त वर्ष 2027 की दूसरी या तीसरी तिमाही तक एमएसएमई में फिर से तेजी आएगी और यह खंड दो अंक में वृद्धि करेगा। एनआईएम 7 आधार अंक घटकर 9.5 प्रतिशत पर आ गया, हालांकि यील्ड में कमी आई, जिससे उधारी लागत में तिमाही आधार पर 27 आधार अंक की गिरावट की भरपाई हो गई।
ज्यादा वृद्धि, बेहतर परिसंपत्ति गुणवत्ता और कम ऋण लागत। ये ऐसे कारण हैं जिनकी वजह से विश्लेषकों का आम नजरिया सकारात्मक है। निजी परिसंपत्तियों को धीरे-धीरे घटाने की रणनीतिक स्पष्टता और भरोसेमंद अनुमान भी सकारात्मक कारक हैं। एक अहम जोखिम भू-राजनीतिक हालात हैं।
ब्लूमबर्ग के मुताबिक, चौथी तिमाही के नतीजों के बाद जिन 32 विश्लेषकों से राय ली गई, उनमें से 22 का नजरिया सकारात्मक है, जबकि छह का नजरिया नकारात्मक और चार का तटस्थ है। नतीजों के बाद इस शेयर में 2 फीसदी से ज्यादा की तेजी आई है और यह एनएसई पर करीब 939 पर पहुंच गया है। उनका एक साल का औसत कीमत लक्ष्य 1,052.17 रुपये है।