facebookmetapixel
Advertisement
राज्य की प्रतिक्रिया और अभिव्यक्ति की सीमाएं testtestभारत का डिफेंस प्रोडक्शन ऑल-टाइम हाई पर, FY26 में15.6% बढ़कर ₹1.78 लाख करोड़ पर पहुंचाHCL Tech के नतीजों की तारीख तय, 13 जुलाई को आएगा रिपोर्ट कार्ड; डिविडेंड पर भी होगा फैसलारिटर्न कहीं और, निवेश कहीं और! क्या सही फंड चुन रहे हैं निवेशक? एक्सपर्ट से समझेंAI के दम पर नई छलांग की तैयारी में Coforge? शेयर में 50% तक तेजी की उम्मीद, एक्सपर्ट्स बुलिशकच्चा तेल सस्ता हो रहा है, फिर पेट्रोल-डीजल क्यों नहीं?20 लाख रुपये से ज्यादा पैकेज वाली नौकरियों में उछाल, ब्रोकरेज ने बताए 4 पसंदीदा IT स्टॉक्सJio IPO का इंतजार खत्म! ₹4 अरब के मेगा IPO की तैयारी तेज, जल्द दाखिल होंगे ड्राफ्ट पेपरसरकार के आदेश के खिलाफ Telegram का पलटवार, Delhi HC पहुंची याचिकाब्राजील में पेट्रोल से 70% सस्ता, भारत में सिर्फ 20%: क्या फ्लेक्स-फ्यूल बनेगा हिट? बता रहे एक्सपर्ट

₹24,500 करोड़ का नोटिस! सरकार ने RIL को भेजा, ONGC के ब्लॉक से गैस निकालने का आरोप

Advertisement

सरकार का यह नोटिस दिल्ली हाईकोर्ट के हालिया फैसले के बाद आया है।

Last Updated- March 04, 2025 | 6:27 PM IST
Reliance Industries Limited

मुकेश अंबानी की कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड (RIL) को तेल मंत्रालय से 2.81 अरब डॉलर (लगभग 24,500 करोड़ रुपये) का नोटिस मिला है। यह नोटिस कंपनी की KG-D6 गैस फील्ड से जुड़े पुराने विवाद को लेकर भेजा गया है। RIL ने मंगलवार को शेयर बाजार को बताया कि भारत सरकार के पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने KG-D6 प्रोडक्शन शेयरिंग कॉन्ट्रैक्ट (PSC) के तहत रिलायंस, बीपी एक्सप्लोरेशन और निको (NIKO) लिमिटेड पर यह दावा किया है।

सरकार का यह नोटिस दिल्ली हाईकोर्ट के हालिया फैसले के बाद आया है। जुलाई 2018 में, RIL ने भारत सरकार के खिलाफ मध्यस्थता में जीत हासिल की। यह मामला KG-D6 कॉन्सोर्टियम से जुड़ा था, जहां सरकार ने ONGC के ब्लॉक से गैस खींचने का आरोप लगाया था। इस फैसले में RIL को लगभग 1.55 अरब डॉलर का फायदा मिला।

RIL ने कहा है कि वह इस फैसले को चुनौती देगी और कंपनी को इससे कोई नुकसान होने की उम्मीद नहीं है।

बैटरी प्रोजेक्ट में भी जुर्माने की मांग

इसके अलावा, रिलायंस की नई ऊर्जा शाखा, रिलायंस न्यू एनर्जी बैटरी स्टोरेज लिमिटेड (RNEBSL) को भी सरकार से नोटिस मिला है। भारी उद्योग मंत्रालय (MHI) ने कंपनी पर जुर्माना लगाने की बात कही है।

यह जुर्माना प्रोडक्शन लिंक्ड इंसेंटिव (PLI) योजना के तहत बैटरी निर्माण परियोजना में देरी के कारण लगाया गया है। मंत्रालय के मुताबिक, 1 जनवरी 2025 से हर दिन 0.1% (50 करोड़ रुपये की गारंटी राशि के आधार पर) का जुर्माना लगेगा। अब तक 3.1 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया जा चुका है।

RIL ने सरकार से समय सीमा बढ़ाने की मांग की है और कहा है कि वह 2026 तक बैटरी गीगा फैक्ट्री बनाने और 2025 तक सोडियम-आयन बैटरी उत्पादन शुरू करने की योजना बना रही है।

RIL के शेयरों में गिरावट

इस खबर के बाद, मंगलवार को RIL के शेयर 0.8% गिरकर 1,161.70 रुपये प्रति शेयर पर बंद हुए। सोमवार को भी कंपनी के शेयर 2.4% गिरे थे।

Advertisement
First Published - March 4, 2025 | 6:22 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement