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बेमौसम बारिश और महंगे इनपुट से AC बिक्री ठंडी, कंज्यूमर ड्यूरेबल्स सेक्टर पर दबाव

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पश्चिम एशिया में भू-राजनीतिक संघर्ष और मार्च में पश्चिमी विक्षोभ के कारण हुई बेमौसम बारिश से इनपुट लागत में बढ़ोतरी हुई

Last Updated- April 14, 2026 | 12:27 AM IST
air conditioner shop

पश्चिम एशिया में भू-राजनीतिक संघर्ष और मार्च में पश्चिमी विक्षोभ के कारण हुई बेमौसम बारिश से इनपुट लागत में बढ़ोतरी हुई। परिणामस्वरूप वित्त वर्ष 26 की चौथी तिमाही में टिकाऊ उपभोक्ता वस्तु बनाने वाली कंपनियों की बिक्री पर नकारात्मक असर पड़ा, खास तौर पर एयर कंडीशनर बनाने वाली कपंनियों पर। गर्मियों के अहम सीजन से ठीक पहले, विशेष रूप से एसी की बिक्री के मामले में तांबे की कीमतों में बढ़ोतरी और ऊर्जा दक्षमता रेटिंग में बदलाव ने सितंबर में घोषित जीएसटी दरों में बदलाव के असर को कम कर दिया।

एचएफसी सिक्योरिटीज के विश्लेषकों ने इस सप्ताह की शुरुआत में एक नोट में कहा, ‘इस तिमाही में टिकाऊ उपभोक्ता वस्तुओं की ज्यादातर श्रेणियों में मांग नरम रही। कूलिंग श्रेणियां (रूम एयर कंडीशनर, कूलर, पंखे) पिछले साल के अधिक आधार, उत्तर भारत में बेमौसम बारिश और दक्षिण में गर्मियों की देरी से सुस्त रहीं।’

हालांकि उम्मीद है कि वर्ल्ड कप की मदद से बढ़ी मांग के कारण टेलीविजन की बिक्री में जबरदस्त बढ़ोतरी होगी। गैस की कमी के बीच इंडक्शन कुकटॉप के बढ़ते इस्तेमाल के कारण किचन अप्लायंसेज की बिक्री में भी अच्छी बढ़ोतरी होने की संभावना है। वॉशिंग मशीन, रेफ्रिजरेटर और वॉटर प्यूरीफायर की बिक्री भी ठीक-ठाक रहने की उम्मीद है।

उन्होंने कहा, ‘कंपनियों ने इस तिमाही में लागत का दबाव कम करने के लिए कीमतें बढ़ाईं। लेकिन इनपुट लागत में हुई बढ़ोतरी को पूरी तरह से झेलने के लिए अभी और कीमतें बढ़ाने की जरूरत है। कुल मिलाकर हम टिकाऊ उपभोक्ता क्षेत्र में 7 प्रतिशत राजस्व वृद्धि का अनुमान लगा रहे हैं। अलबत्ता कमोडिटी की लागत के दबाव के कारण एबिटा और एपीएटी (कर के बाद समायोजित लाभ) में सालाना आधार पर क्रमशः 5 प्रतिशत और 16 प्रतिशत की गिरावट की आशंका है।’

इस समूची तिमाही के दौरान बड़े अप्लायंसेज की बिक्री दबाव में रही। कोटक इंस्टीट्यूशनल इक्विटीज के विश्लेषकों ने कहा, ‘हमारी चैनल जांच के अनुसार जनवरी/फरवरी में रूम एयर कंडीशनर की बिक्री जोरदार आधार पर बढ़ी, लेकिन मार्च में देश के कुछ हिस्सों में बेमौसम बारिश के कारण यह कमज़ोर रही।’

अलबत्ता उत्तरी क्षेत्र का प्रदर्शन दक्षिणी क्षेत्र से बेहतर रहा। उन्होंने कहा, ‘हमें उम्मीद है कि चौथी तिमाही में ब्लू स्टार और वोल्टा के राजस्व में सालाना आधार पर क्रमशः 8 प्रतिशत और 5 प्रतिशत की बढ़ोतरी होगी। एलजी में वृद्धि स्थिर रहेगी। लॉयड में 10 प्रतिशत की गिरावट आएगी।’

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First Published - April 13, 2026 | 11:45 PM IST

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