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अदाणी समूह ने अमेरिका में निपटाया मामला, ईरान प्रतिबंध विवाद में OFC को दिए 27.5 करोड़ डॉलर

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अदाणी समूह ने ईरान से जुड़े एलपीजी आयात मामले में अमेरिकी एजेंसी ओएफएसी को 27.5 करोड़ डॉलर देकर प्रतिबंधों के कथित उल्लंघन का विवाद सुलझा लिया है

Last Updated- May 18, 2026 | 10:39 PM IST
Gautam Adani
अदाणी ग्रुप के चेयरमैन गौतम अदाणी | फाइल फोटो

अदाणी समूह ने सोमवार को अमेरिकी वित्त विभाग के ‘विदेशी संपत्ति नियंत्रण कार्यालय’ (ओएफएसी) को 27.5 करोड़ डॉलर का भुगतान कर प्रतिबंधों के कथित उल्लंघन के मामले का निपटारा कर लिया। यह मामला गुजरात के मुंद्रा बंदरगाह के जरिये ईरान से जुड़े तरलीकृत पेट्रोलियम गैस (एलपीजी) के आयात से संबंधित है। कंपनी ने कहा कि उसने मामले की जांच में ‘व्यापक सहयोग’ दिया और निष्कर्षों का ‘स्वेच्छा से खुलासा’ भी किया। 

अरबपति उद्योगपति गौतम अदाणी की अगुआई वाली अदाणी एंटरप्राइजेज लिमिटेड (एईएल) ने ईरान पर अमेरिकी प्रतिबंधों के स्पष्ट उल्लंघन से जुड़ी संभावित सिविल देनदारी के निपटारे के लिए 27.5 करोड़ अमेरिकी डॉलर का भुगतान करने पर सहमति जताई है। 

हालांकि, कंपनी ने कहा कि यह समझौता किसी प्रकार की दोषसिद्धि या गलत काम की पुष्टि नहीं करता और इससे संबंधित सभी देनदारियों का निपटारा कर देता है।

कंपनी ने नवंबर, 2023 से जून, 2025 के बीच दुबई के एक कारोबारी से एलपीजी की खरीद की थी। उस कारोबारी ने खुद को ओमान और इराक से गैस आपूर्ति करने वाला मध्यस्थ बताया था। हालांकि  जांच में सामने आया कि बाजार में प्रवेश करने के लिए गैस की वास्तविक अवैध आपूर्ति ईरान से जुड़ी थी। ओएफएसी के निपटान आदेश के मुताबिक, ‘एईएल के एलपीजी आयात से जुड़े किसी भी पक्ष पर उस समय प्रतिबंध नहीं लगे थे और कंपनी को उपलब्ध कराए गए किसी भी दस्तावेज में एलपीजी के ईरान के होने के स्पष्ट संकेत मिलने की कोई जानकारी नहीं थी।’

हालांकि, ओएफएसी ने कहा कि एईएल और अदाणी पोर्ट्स ऐंड एसईजेड की प्रतिबंध व्यवस्था में ऐसे जोखिमों को पूरी तरह से दूर करने वाले अतिरिक्त उपायों की कमी थी। 

जून, 2025 में प्रतिबंध उल्लंघन के आरोपों से जुड़ी सार्वजनिक रिपोर्ट आने के बाद कंपनी ने सभी एलपीजी आयात तत्काल रोक दिए और जांच शुरू की। बाद में अमेरिका के कानूनी सलाहकारों की मदद से कंपनी की विस्तृत जांच की गई।

ओएफएसी के आदेश के मुताबिक, अदाणी एंटरप्राइजेज ने जांच में पूरा सहयोग किया, बड़ी मात्रा में दस्तावेज उपलब्ध कराए और एजेंसी के सभी सवालों का जवाब दिया। साथ ही कंपनी ने अपने पूरे समूह में प्रतिबंध अनुपालन व्यवस्था को मजबूत करने के लिए कई सुधारात्मक कदम भी उठाए। 

यह अमेरिका में पिछले कुछ दिनों में अदाणी समूह के खिलाफ बंद होने वाला दूसरा मामला है। 

पिछले सप्ताह अदाणी और उनके भतीजे सागर अदाणी ने अमेरिकी बाजार नियामक प्रतिभूति एवं विनिमय आयोग (एसईसी) के उन आरोपों को निपटाने के लिए 1.8 करोड़ डॉलर का भुगतान करने पर सहमति जताई थी। 

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First Published - May 18, 2026 | 10:23 PM IST (बिजनेस स्टैंडर्ड के स्टाफ ने इस रिपोर्ट की हेडलाइन और फोटो ही बदली है, बाकी खबर एक साझा समाचार स्रोत से बिना किसी बदलाव के प्रकाशित हुई है।)

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