facebookmetapixel
Advertisement
राज्य की प्रतिक्रिया और अभिव्यक्ति की सीमाएं testtestभारत का डिफेंस प्रोडक्शन ऑल-टाइम हाई पर, FY26 में15.6% बढ़कर ₹1.78 लाख करोड़ पर पहुंचाHCL Tech के नतीजों की तारीख तय, 13 जुलाई को आएगा रिपोर्ट कार्ड; डिविडेंड पर भी होगा फैसलारिटर्न कहीं और, निवेश कहीं और! क्या सही फंड चुन रहे हैं निवेशक? एक्सपर्ट से समझेंAI के दम पर नई छलांग की तैयारी में Coforge? शेयर में 50% तक तेजी की उम्मीद, एक्सपर्ट्स बुलिशकच्चा तेल सस्ता हो रहा है, फिर पेट्रोल-डीजल क्यों नहीं?20 लाख रुपये से ज्यादा पैकेज वाली नौकरियों में उछाल, ब्रोकरेज ने बताए 4 पसंदीदा IT स्टॉक्सJio IPO का इंतजार खत्म! ₹4 अरब के मेगा IPO की तैयारी तेज, जल्द दाखिल होंगे ड्राफ्ट पेपरसरकार के आदेश के खिलाफ Telegram का पलटवार, Delhi HC पहुंची याचिकाब्राजील में पेट्रोल से 70% सस्ता, भारत में सिर्फ 20%: क्या फ्लेक्स-फ्यूल बनेगा हिट? बता रहे एक्सपर्ट

मोतीलाल नगर पुनर्विकास में 1 लाख करोड़ रुपये लगाएगा अदाणी समूह, देश की सबसे बड़ी क्लस्टर परियोजना

Advertisement

इस परियोजना से समूह को लगभग 17 लाख वर्ग मीटर का फ्री सेल घटक मिलने का अनुमान है

Last Updated- April 17, 2026 | 10:54 PM IST
Adani Group Market cap

अदाणी समूह मुंबई के गोरेगांव पश्चिम में मोतीलाल नगर पुनर्विकास परियोजना में लगभग 1 लाख करोड़ रुपये का निवेश करेगा। इस परियोजना से समूह को लगभग 17 लाख वर्ग मीटर का फ्री सेल घटक मिलने का अनुमान है। फ्री सेल घटक परियोजना का वह हिस्सा होता है, जिसे डेवलपर मौजूदा बाजार भाव पर खुले बाजार में बेच सकता है। अदाणी समूह की कंपनी एस्टेटव्यू डेवलपर्स इस परियोजना पर काम करेगी।

इस 1 लाख करोड़ रुपये के निवेश में से 36,000 करोड़ रुपये परियोजना के तहत पुनर्वास पर खर्च होने का अनुमान है, जो लगभग 10.5 लाख वर्ग मीटर का होगा। पुनर्वास वाला यह हिस्सा विकास के बाद महाराष्ट्र आवास और क्षेत्र विकास प्राधिकरण (म्हाडा) को सौंपा जाएगा, जो महाराष्ट्र में विभिन्न आय वर्ग के लिए किफायती आवास मुहैया करने वाला सरकारी निकाय है।

अदाणी समूह की रियल एस्टेट इकाई अदाणी रियल्टी के एक अधिकारी ने कहा कि नियोजित निवेश के लिए पैसों का इंतजाम समूह और परियोजना की बिक्री से किया जाएगा। अधिकारी ने इस परियोजना को क्षेत्र और मूल्य के हिसाब से भारत की सबसे बड़ी क्लस्टर पुनर्विकास परियोजना बताया।

अदाणी की कंपनी इस परियोजना के लिए निर्माण और विकास एजेंसी है, जिसे म्हाडा के मुंबई बोर्ड द्वारा कार्यान्वित किया जा रहा है। कंपनी म्हाडा की मंजूरी के बिना पैसे जुटाने का कार्य और/या विकास अधिकार हस्तांतरित नहीं कर सकती है। यह म्हाडा की देखरेख में काम करेगी।

अदाणी की कंपनी परियोजना की पूरी लागत वहन करेगी और म्हाडा को लगभग 10.5 लाख वर्ग मीटर का पुनर्वास स्पेस सौंपेगी। म्हाडा जमीन का मालिक है और कब्जा प्रमाण पत्र प्राप्त होने के बाद सोसाइटियों को लीज होल्ड अधिकार हस्तांतरित करेगा। यह परियोजना 143 एकड़ में फैली है और इसमें मोतीलाल नगर 1 और मोतीलाल नगर 2 और 3 का पुनर्विकास शामिल होगा। निर्माण चरणबद्ध तरीके से किया जाएगा। म्हाडा ने अगले सात वर्षों के भीतर परियोजना को पूरा करने का लक्ष्य रखा है।

परियोजना के तहत 3,702 पात्र लाभार्थियों को लगभग 1,600-1600 वर्ग फुट के मुफ्त मकान/फ्लैट मिलेंगे जबकि 328 पात्र वाणिज्यिक कब्जाधारकों को 987-987 वर्ग फुट वाणिज्यिक स्पेस मिलेगा। म्हाडा के उपाध्यक्ष और मुख्य कार्याधिकारी संजीव जायसवाल ने कहा कि महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने निवासियों की मांग के अनुसार परियोजना की प्रारंभिक बोली में उल्लिखित 1,600 वर्ग फुट निर्मित क्षेत्र के बजाय प्रत्येक को 1,600 वर्ग फुट कारपेट क्षेत्र का आवास देने के प्रस्ताव को मंजूरी दी है।

इसके अतिरिक्त लगभग 1,600 झुग्गीवासियों को भी झुग्गी पुनर्वास प्राधिकरण (एसआरए) प्रावधानों के तहत 300 वर्ग फुट आवास के साथ पुनर्वासित किया जाएगा। म्हाडा और अदाणी समूह का लक्ष्य मोतीलाल नगर को शहर के भीतर ‘15 मिनट सिटी’ के रूप में पुनर्विकसित करने का है जिसमें सभी सुविधाएं 15 दिन की दूरी पर उपलब्ध हों। इसमें स्कूल, क्लीनिक, अस्पताल, बाजार, वाणिज्यिक परिसर, हरित पार्क, वरिष्ठ नागरिक क्षेत्र, खेल के मैदान, जॉगिंग ट्रैक, साइकिलिंग ट्रैक, सांस्कृतिक हॉल और जिम जैसी आवश्यक सुविधाएं 15 मिनट की पैदल दूरी पर उपलब्ध होंगी।

अदाणी समूह ने मार्च 2025 में मोतीलाल नगर के पुनर्विकास का अधिकार हासिल किया था और जुलाई 2025 में म्हाडा के साथ समझौते पर हस्ताक्षर किए थे। रियल एस्टेट डेटा एनालिटिक्स प्लेटफॉर्म स्क्वैयर यार्ड्स डेटा इंटेलिजेंस के अनुसार दिसंबर 2025 तक गोरेगांव पश्चिम में संपत्ति की औसत दर 33,639 रुपये प्रति वर्ग फुट और मार्च 2025 में 32,946 रुपये प्रति वर्ग फुट थी।

यह परियोजना अदाणी समूह का दूसरा बड़ा रियल एस्टेट निवेश है। समूह धारावी पुनर्विकास परियोजना पर भी काम कर रहा है, जो देश की सबसे बड़ा झुग्गी पुनर्वास परियोजना है। धारावी परियोजना के तहत 95,790 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से लगभग 72,000 आवासीय और वाणिज्यिक किरायेदारों का पुनर्वास किया जाएगा। निर्माण कार्य इस साल मॉनसून के बाद शुरू होने वाला है।

Advertisement
First Published - April 17, 2026 | 10:49 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement