facebookmetapixel
Advertisement
राज्य की प्रतिक्रिया और अभिव्यक्ति की सीमाएं testtestभारत का डिफेंस प्रोडक्शन ऑल-टाइम हाई पर, FY26 में15.6% बढ़कर ₹1.78 लाख करोड़ पर पहुंचाHCL Tech के नतीजों की तारीख तय, 13 जुलाई को आएगा रिपोर्ट कार्ड; डिविडेंड पर भी होगा फैसलारिटर्न कहीं और, निवेश कहीं और! क्या सही फंड चुन रहे हैं निवेशक? एक्सपर्ट से समझेंAI के दम पर नई छलांग की तैयारी में Coforge? शेयर में 50% तक तेजी की उम्मीद, एक्सपर्ट्स बुलिशकच्चा तेल सस्ता हो रहा है, फिर पेट्रोल-डीजल क्यों नहीं?20 लाख रुपये से ज्यादा पैकेज वाली नौकरियों में उछाल, ब्रोकरेज ने बताए 4 पसंदीदा IT स्टॉक्सJio IPO का इंतजार खत्म! ₹4 अरब के मेगा IPO की तैयारी तेज, जल्द दाखिल होंगे ड्राफ्ट पेपरसरकार के आदेश के खिलाफ Telegram का पलटवार, Delhi HC पहुंची याचिकाब्राजील में पेट्रोल से 70% सस्ता, भारत में सिर्फ 20%: क्या फ्लेक्स-फ्यूल बनेगा हिट? बता रहे एक्सपर्ट

सर्दियों में ‘ठंडी’ रहने के बाद फरवरी में Petrol, diesel की बिक्री में जोरदार उछाल

Advertisement
Last Updated- March 01, 2023 | 3:02 PM IST
Petrol diesel price

देश में ईंधन (fuel) की मांग में फरवरी में काफी तेज उछाल देखने को मिला है। सर्दियों में ‘ठंडी’ रहने के बाद बीते माह पेट्रोल और डीजल की खपत में बढ़ोतरी दो अंक में रही है। उद्योग के बुधवार को जारी शुरुआती आंकड़ों से यह जानकारी मिली है।

सार्वजनिक क्षेत्र की पेट्रोलियम कंपनियों की पेट्रोल की बिक्री फरवरी में 12 प्रतिशत बढ़कर 25.7 लाख टन हो गई। इससे पिछले साल के समान महीने में यह 22.9 लाख टन रही थी।

कोविड से प्रभावित 2021 के समान महीने की तुलना में पेट्रोल की बिक्री 1.57 प्रतिशत अधिक रही है। वहीं फरवरी, 2020 की तुलना में इसमें 20 प्रतिशत का इजाफा हुआ है। माह-दर-माह आधार पर पेट्रोल की मांग 13.5 प्रतिशत बढ़ी है। इससे पिछले महीने पेट्रोल की मांग 5.1 प्रतिशत घटी थी।

सबसे अधिक खपत वाले ईंधन डीजल की बिक्री फरवरी में 13 प्रतिशत बढ़कर 65.2 लाख टन पर पहुंच गई। फरवरी, 2021 की तुलना में डीजल की बिक्री 12.1 प्रतिशत तथा 2020 के समान महीने की तुलना में 7.7 प्रतिशत बढ़ी है। मासिक आधार पर बात की जाए, तो जनवरी में डीजल की बिक्री 59.7 लाख टन रही थी।

इस तरह मासिक आधार पर डीजल की मांग में 9.2 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। जनवरी में बर्फबारी की वजह से पहाड़ी इलाकों में ट्रकों की आवाजाही प्रभावित हुई थी। इसके चलते मासिक आधार पर जनवरी में डीजल की बिक्री इससे पिछले महीने की तुलना में 8.6 प्रतिशत घटी थी।

उद्योग सूत्रों का कहना है कि ट्रकों के फिर सड़क पर लौटने और रबी बुवाई सत्र के रफ्तार पकड़ने के साथ डीजल की मांग में उछाल आया है। दिसंबर की तुलना में जनवरी में डीजल की बिक्री घटने की एक और वजह थी। दिसंबर में लोगों ने छुट्टियां मनाने के लिए यात्रा की थी, जिससे डीजल की मांग ऊंची रही थी।

इसके साथ ही फरवरी में वाहन ईंधन एटीएफ की मांग सालाना आधार पर 41.3 प्रतिशत बढ़कर 5,74,200 टन पर पहुंच गई। हालांकि, फरवरी, 2020 की तुलना में एटीएफ की बिक्री कम रही है। माह-दर-माह आधार पर एटीएफ की बिक्री 3.3 प्रतिशत बढ़ी है।

सूत्रों ने कहा कि घरेलू हवाई यात्रा कोविड-पूर्व के स्तर पर पहुंच गई है। हालांकि, कुछ देशों में अंकुशों की वजह से अभी अंतरराष्ट्रीय उड़ानें पीछे हैं। फरवरी, 2023 में सालाना आधार पर रसोई गैस (एलपीजी) की बिक्री 2.43 प्रतिशत बढ़कर 25.3 लाख टन पर पहुंच गई।

फरवरी, 2021 की तुलना में एलपीजी की खपत 12 प्रतिशत और फरवरी, 2020 की तुलना में 22.2 प्रतिशत अधिक रही। मासिक आधार पर एलपीजी की मांग 6.14 प्रतिशत बढ़ी है। जनवरी में एलपीजी की खपत 23.8 लाख टन रही थी।

Advertisement
First Published - March 1, 2023 | 3:02 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement