देश की प्रमुख विमानन कंपनी एयर इंडिया अपने मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) और प्रबंध निदेशक (एमडी) कैंपबेल विल्सन के मंगलवार को औपचारिक रूप से इस्तीफा दे दिया। इसके बाद विमानन कंपनी का अगला प्रमुख ढूंढ रही है।
विमानन कंपनी ने बताया कि एयर इंडिया के बोर्ड ने विल्सन के उत्तराधिकारी को ढूंढने के लिए एक समिति गठित की है जो आने वाले महीनों में इसका चयन करेगी। विल्सन तब तक विमानन कंपनी के प्रमुख बने रहेंगे जब तक उनका उत्तराधिकारी नियुक्त नहीं हो जाता।
विल्सन का इस्तीफा उस समय आया है जब विमानन कंपनी को अहमदाबाद में पिछले साल हुए विमान दुर्घटना के बाद जांच का सामना करना पड़ रहा है, जिसमें 260 लोगों की मौत हो गई थी।
इसके अलावा एयर इंडिया लगातार नुकसान दर्ज कर रही है। हालांकि यह साथ ही अपने विमानन बेड़े के विस्तार, नेटवर्क में वृद्धि और सेवा में सुधार पर भी काम कर रही है। एयर इंडिया ने एक बयान में कहा कि विल्सन ने 2024 में ही एयर इंडिया के अध्यक्ष एन. चंद्रशेखरन को 2026 तक इस्तीफा देने की अपनी इच्छा जताई थी।
चंद्रशेखरन ने बयान में कहा, ‘यह भी सराहनीय है कि एयर इंडिया टीम ने कई बाहरी चुनौतियों का सामना किया जिसमें कोविड के बाद आपूर्ति श्रृंखला की लंबी बाधाएं शामिल हैं। साथ ही प्रमुख भू-राजनीतिक और अन्य समस्याएं भी थीं।’
विल्सन के 2022 में नियुक्त होने के बाद से विमानन कंपनी में कई बड़े बदलाव आए हैं। इसमें एयर इंडिया और विस्तारा की पूर्ण-सेवा विमानन कंपनियों का विलय शामिल है, इसके बाद 2024 में कम लागत वाली विमानन कंपनियों एयर इंडिया एक्सप्रेस और एआईएक्स कनेक्ट (पूर्व में एयर एशिया इंडिया) का विलय हुआ। विल्सन ने एक बयान में कहा, ‘इस दौरान विमानन कंपनी का पूरी तरह से आधुनिकीकरण हुआ, उच्च सेवा मानकों को लागू किया गया। साथ ही बेड़े में 100 अतिरिक्त विमान जोड़े गए। पुराने विमानों का पूर्ण आंतरिक सुधार लगभग पूरा हो चुका है और नए कस्टम डिजाइन किए गए इंटीरियर के साथ बड़े विमानों की डिलीवरी अब शुरू हो चुकी है।’
एयर इंडिया के पास 191 विमान हैं और उसने 570 विमानों का ऑर्डर दिया है। वर्ष 2023 में 470 विमानों का ऑर्डर दिया गया था जिसमें एयरबस और बोइंग दोनों तरह के विमान शामिल हैं और बाकी ऑर्डर 2024 में दिए गए।