facebookmetapixel
Advertisement
राज्य की प्रतिक्रिया और अभिव्यक्ति की सीमाएं testtestभारत का डिफेंस प्रोडक्शन ऑल-टाइम हाई पर, FY26 में15.6% बढ़कर ₹1.78 लाख करोड़ पर पहुंचाHCL Tech के नतीजों की तारीख तय, 13 जुलाई को आएगा रिपोर्ट कार्ड; डिविडेंड पर भी होगा फैसलारिटर्न कहीं और, निवेश कहीं और! क्या सही फंड चुन रहे हैं निवेशक? एक्सपर्ट से समझेंAI के दम पर नई छलांग की तैयारी में Coforge? शेयर में 50% तक तेजी की उम्मीद, एक्सपर्ट्स बुलिशकच्चा तेल सस्ता हो रहा है, फिर पेट्रोल-डीजल क्यों नहीं?20 लाख रुपये से ज्यादा पैकेज वाली नौकरियों में उछाल, ब्रोकरेज ने बताए 4 पसंदीदा IT स्टॉक्सJio IPO का इंतजार खत्म! ₹4 अरब के मेगा IPO की तैयारी तेज, जल्द दाखिल होंगे ड्राफ्ट पेपरसरकार के आदेश के खिलाफ Telegram का पलटवार, Delhi HC पहुंची याचिकाब्राजील में पेट्रोल से 70% सस्ता, भारत में सिर्फ 20%: क्या फ्लेक्स-फ्यूल बनेगा हिट? बता रहे एक्सपर्ट

आंध्र प्रदेश बनेगा भारत का पहला गीगा-स्केल इलेक्ट्रिक एयर टैक्सी हब, अनंतपुर में लगेगी ‘Sky Factory’

Advertisement

यह सुविधा दुनिया के सबसे बड़े eVTOL (Electric Vertical Take-Off and Landing) प्रोडक्शन सेंटर्स में से एक होगी

Last Updated- November 18, 2025 | 4:13 PM IST
Air Taxi
Representational Image

आंध्र प्रदेश सरकार ने कर्नाटक की सारला एविएशन के साथ साझेदारी कर भारत का पहला गीगा-स्केल इलेक्ट्रिक एयर टैक्सी मैन्युफैक्चरिंग इकोसिस्टम स्थापित करने की योजना बनाई है। यह सुविधा दुनिया के सबसे बड़े eVTOL (Electric Vertical Take-Off and Landing) प्रोडक्शन सेंटर्स में से एक होगी। प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू द्वारा दो साल के भीतर राज्य में ड्रोन टैक्सी शुरू करने की घोषणा के कुछ ही दिनों बाद यह अपडेट सामने आया है।

अनंतपुर में बनेगी ‘Sky Factory’

यह फैक्ट्री अनंतपुर में तैयार की जाएगी और इसे कैलिफोर्निया और म्यूनिख जैसे ग्लोबल एडवांस्ड एयर-मोबिलिटी हब्स की तर्ज पर विकसित किया जाएगा। इस प्रोजेक्ट को ‘Sky Factory’ नाम दिया गया है और इसमें ₹1,300 करोड़ का निवेश होगा। यह दुनियाभर में सबसे महत्वाकांक्षी eVTOL प्रोजेक्ट्स में से एक है। सरला एविएशन को फंडिंग Accel से मिली है।

CII पार्टनरशिप समिट में बड़ा करार

CII पार्टनरशिप समिट 2025 के दौरान सरला एविएशन और आंध्र प्रदेश एयरपोर्ट डेवलपमेंट कॉरपोरेशन लिमिटेड (APADCL) ने एक बड़ा MoU साइन किया, जिससे भारत का पहला इंटीग्रेटेड eVTOL क्लस्टर बनाने का रास्ता साफ हुआ। नायडू ने समिट में कहा था कि दो साल में राज्य में ड्रोन टैक्सी दौड़ेंगी।

प्रोजेक्ट के पहले चरण में ₹330 करोड़ का निवेश होगा। इसमें थिम्मासमदुरम (कल्याणदुर्ग मंडल) में 150 एकड़ का मैन्युफैक्चरिंग और टेस्टिंग कैंपस होगा। इसमें अत्याधुनिक प्रोडक्शन लाइनें, R&D सेंटर, कंपोज​िट लैब्स, और DGCA-प्रमाणित फ्लाइट टेस्टिंग के लिए 2 किलोमीटर का रनवे होगा। ये पूरा इकोसिस्टम बनाने, टेस्ट करने, सर्टिफाई करने और मेंटेन करने की सुविधा देगा।

साल 2027 तक इस प्रोजेक्ट से 40 हाई-स्किल जॉब्स पैदा होगी। इसमें 140 अप्रत्यक्ष नौकरियां होंगी। इसके अलावा फेज-2 में 350 एकड़ और जोड़े जाएंगे।

एक साल में 1,000 एयर टैक्सी की क्षमता

इस प्रोजेक्ट के पूरी तरह ऑपरेशनल होने के बाद यह Sky Factory दुनिया के सबसे बड़े eVTOL प्रोडक्शन सेंटर्स में से एक होगी। इसमें सालाना 1,000 तक अगली पीढ़ी के एयरक्राफ्ट, “शून्य” हाइब्रिड VTOL, भारतीय तकनीक से बने इलेक्ट्रिकल हार्नेस सिस्टम, लैंडिंग-गियर असेंबली और उन्नत कंपोजिट स्ट्रक्चर शामिल है।

सरला एविएशन के को-फाउंडर और CTO राकेश गोंकार ने कहा, “हम दुनिया की सबसे बड़ी Sky Factory बनाकर भारत को अगली उड़ान क्रांति का नर्व सेंटर बनाना चाहते हैं। हमारा लक्ष्य है, भारत एक ही कैंपस से दुनिया के सबसे उन्नत eVTOL सिस्टम डिजाइन, बनाना, टेस्ट, उड़ाना और ऑपरेट कर सके।” APADCL सरकार की ओर से परियोजना को तेजी से आगे बढ़ाने में मदद करेगी।

यह साझेदारी आंध्र प्रदेश को अडवांस्ड मैन्युफैक्चरिंग, एयरोस्पेस इनोवेशन और ग्रीन मोबिलिटी का प्रमुख केंद्र बनाने की दिशा में अहम कदम है।

सरला एविशएन की 2023 में स्थापना हुई थी। यह 2029 में कमर्शियल उड़ान का लक्ष्य लेकर चल रही है। 2023 में वैश्विक eVTOL विशेषज्ञों द्वारा स्थापित Sarla Aviation एक 6-सीटर इलेक्ट्रिक फ्लाइंग टैक्सी बना रही है, जो भारत के बड़े शहरों में यात्रा समय को कई गुना कम कर देगी।

Advertisement
First Published - November 18, 2025 | 4:09 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement