facebookmetapixel
Advertisement
राज्य की प्रतिक्रिया और अभिव्यक्ति की सीमाएं testtestभारत का डिफेंस प्रोडक्शन ऑल-टाइम हाई पर, FY26 में15.6% बढ़कर ₹1.78 लाख करोड़ पर पहुंचाHCL Tech के नतीजों की तारीख तय, 13 जुलाई को आएगा रिपोर्ट कार्ड; डिविडेंड पर भी होगा फैसलारिटर्न कहीं और, निवेश कहीं और! क्या सही फंड चुन रहे हैं निवेशक? एक्सपर्ट से समझेंAI के दम पर नई छलांग की तैयारी में Coforge? शेयर में 50% तक तेजी की उम्मीद, एक्सपर्ट्स बुलिशकच्चा तेल सस्ता हो रहा है, फिर पेट्रोल-डीजल क्यों नहीं?20 लाख रुपये से ज्यादा पैकेज वाली नौकरियों में उछाल, ब्रोकरेज ने बताए 4 पसंदीदा IT स्टॉक्सJio IPO का इंतजार खत्म! ₹4 अरब के मेगा IPO की तैयारी तेज, जल्द दाखिल होंगे ड्राफ्ट पेपरसरकार के आदेश के खिलाफ Telegram का पलटवार, Delhi HC पहुंची याचिकाब्राजील में पेट्रोल से 70% सस्ता, भारत में सिर्फ 20%: क्या फ्लेक्स-फ्यूल बनेगा हिट? बता रहे एक्सपर्ट

ED के समन पर पेश नहीं हुए अनिल अंबानी, बढ़ सकती है मुश्किलें! एजेंसी ने नया नोटिस जारी किया

Advertisement

ED सूत्रों ने बताया कि एजेंसी ने अंबानी के शुक्रवार को ‘‘डिजिटल माध्यम’’ से हाजिर होने की पेशकश को अस्वीकार कर दिया

Last Updated- November 14, 2025 | 6:25 PM IST
Anil Ambani

रिलायंस ग्रुप के चेयरमैन अनिल अंबानी फेमा मामले में शुक्रवार को प्रवर्तन निदेशालय (ED) के समक्ष पेश नहीं हुए, जिसके बाद एजेंसी ने उन्हें 17 नवंबर के लिए नया नोटिस जारी किया। ED सूत्रों ने बताया कि एजेंसी ने अंबानी के शुक्रवार को ‘‘डिजिटल माध्यम’’ से हाजिर होने की पेशकश को अस्वीकार कर दिया।

अंबानी ने जांच में ‘‘पूर्ण सहयोग’’ का आश्वासन दिया

कारोबारी अनिल अंबानी (66) के एक प्रवक्ता द्वारा जारी बयान में कहा गया है कि उन्होंने संघीय जांच एजेंसी को पत्र लिखकर विदेशी मुद्रा प्रबंधन अधिनियम (फेमा) के तहत की जा रही जांच में ‘‘पूर्ण सहयोग’’ का आश्वासन दिया है। यह जांच जयपुर-रींगस राजमार्ग परियोजना से संबंधित है।

Also Read: मोतीलाल ओसवाल ने इस डिफेंस शेयर पर लगाया बड़ा दांव, 32% रिटर्न का अनुमान

ED ने कुर्क की ₹7,500 करोड़ की संपत्ति

हाल ही में धन शोधन निरोधक कानून के तहत अंबानी और उनकी कंपनियों की 7,500 करोड़ रुपये की संपत्ति कुर्क करने के बाद ईडी ने एक बयान में कहा था कि आर-इंफ्रा के खिलाफ (फेमा के तहत की गई) तलाशी कार्रवाई में पाया गया कि राजमार्ग परियोजना में कथित तौर पर 40 करोड़ रुपये की ‘‘हेराफेरी’’ की गई थी।

एजेंसी ने कहा था, ‘‘सूरत स्थित फर्जी कंपनियों के माध्यम से धन दुबई पहुंचाया गया। इससे 600 करोड़ रुपये से अधिक के व्यापक अंतरराष्ट्रीय हवाला नेटवर्क का पता चला है।’’ सूत्रों ने बताया कि ED ने कुछ कथित हवाला डीलरों सहित कई लोगों के बयान दर्ज किए हैं, जिसके बाद उन्होंने अनिल अंबानी को तलब करने का फैसला किया है। हवाला, धन के अवैध लेन-देन को दर्शाता है, जिसमें अधिकतर नकदी शामिल होती है।

Also Read: MRF Q2FY26 results: मुनाफा 12% तक बढ़ा, ₹3 के अंतरिम डिविडेंड का किया ऐलान

15 साल पराना है मामला

बयान में कहा गया है, ‘‘यह मामला (फेमा मामला) लगभग 15 साल पुराना है और एक सड़क ठेकेदार से जुड़ा है।’’ इसमें कहा गया है कि ‘रिलायंस इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड’ ने 2010 में जेआर टोल रोड (जयपुर-रींगस राजमार्ग) के निर्माण के लिए ईपीसी अनुबंध प्रदान किया था।

बयान के अनुसार, ‘‘यह पूरी तरह से घरेलू अनुबंध था, जिसमें किसी भी तरह का विदेशी मुद्रा घटक शामिल नहीं था।’’ बयान में कहा गया है, ‘‘जेआर टोल रोड पूरी तरह से बनकर तैयार हो चुका है और 2021 से, यह पिछले चार वर्षों से भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) के पास है।’’ अनिल अंबानी रिलायंस इन्फ्रास्ट्रक्चर के बोर्ड के सदस्य नहीं हैं।

(PTI इनपुट के साथ)

Advertisement
First Published - November 14, 2025 | 6:17 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement