facebookmetapixel
Advertisement
राज्य की प्रतिक्रिया और अभिव्यक्ति की सीमाएं testtestभारत का डिफेंस प्रोडक्शन ऑल-टाइम हाई पर, FY26 में15.6% बढ़कर ₹1.78 लाख करोड़ पर पहुंचाHCL Tech के नतीजों की तारीख तय, 13 जुलाई को आएगा रिपोर्ट कार्ड; डिविडेंड पर भी होगा फैसलारिटर्न कहीं और, निवेश कहीं और! क्या सही फंड चुन रहे हैं निवेशक? एक्सपर्ट से समझेंAI के दम पर नई छलांग की तैयारी में Coforge? शेयर में 50% तक तेजी की उम्मीद, एक्सपर्ट्स बुलिशकच्चा तेल सस्ता हो रहा है, फिर पेट्रोल-डीजल क्यों नहीं?20 लाख रुपये से ज्यादा पैकेज वाली नौकरियों में उछाल, ब्रोकरेज ने बताए 4 पसंदीदा IT स्टॉक्सJio IPO का इंतजार खत्म! ₹4 अरब के मेगा IPO की तैयारी तेज, जल्द दाखिल होंगे ड्राफ्ट पेपरसरकार के आदेश के खिलाफ Telegram का पलटवार, Delhi HC पहुंची याचिकाब्राजील में पेट्रोल से 70% सस्ता, भारत में सिर्फ 20%: क्या फ्लेक्स-फ्यूल बनेगा हिट? बता रहे एक्सपर्ट

भारत में Apple के आपूर्तिकर्ता नेटवर्क में हो रहा विस्तार, कर्नाटक का एक्वस ग्रुप भी हुआ शामिल

Advertisement

भारत पहले ही iPhone के लिए Apple का तीसरा सबसे बड़ा आपूर्तिकर्ता बन चुका है। साथ ही वह इसके तीन सबसे बड़े खरीदार देशों में से एक है।

Last Updated- October 28, 2024 | 6:39 AM IST
apple

अनुबंध के आधार पर विनिर्माण करने वाला कर्नाटक का एक्वस ग्रुप भी ऐपल के तंत्र में शामिल हो रहा है। लिहाजा, भारत में इस वैश्विक दिग्गज के आपूर्तिकर्ता के नेटवर्क का विस्तार हो रहा है। इंटेलिजेंस क्षेत्र की कंपनी द ट्रेड विजन (टीटीवी) के रविवार को अपटेड किए किए गए आंकड़ों के अनुसार भारत पहले ही आईफोन के लिए ऐपल का तीसरा सबसे बड़ा आपूर्तिकर्ता बन चुका है। साथ ही वह इसके तीन सबसे बड़े खरीदार देशों में से एक है।

फिलहाल भारत में एक्वस समेत ऐपल के 15 आपूर्तिकर्ता हैं। इनमें से 11 दक्षिण भारत में हैं। खबरों से पता चलता है कि 14 और चीनी आपूर्तिकर्ता मंजूरी के विभिन्न चरणों में हैं और घरेलू साझेदारों की तलाश कर रहे हैं जिससे भारत में ऐपल के आपूर्ति तंत्र में और इजाफा हो सकता है।

टीटीवी के आंकड़ों के अनुसार वर्तमान में आईफोन के शीर्ष तीन आपूर्तिकर्ता चीन, वियतनाम और भारत हैं। उम्मीद जताई जा रही है कि नए भागीदारों के जुड़ने से भारत ऐपल के गैजेट्स की समूची आपूर्तिकर्ता सूची में शीर्ष तीन में स्थान बना लेगा और थाईलैंड को पीछे छोड़ देगा जिसके पास 2024 तक 24 आपूर्तिकर्ता होने का अनुमान है।

दिलचस्प यह है कि अमेरिका-चीन के प्रौद्योगिकी संघर्ष के बीच आपूर्ति श्रृंखला दक्षिण पूर्व एशिया में स्थानांतरित होने के बावजूद ऐपल के चीन के साथ संबंध लगातार गहरे होते जा रहे हैं। चीन में कंपनी का आपूर्तिकर्ता नेटवर्क पिछले साल बढ़कर 52 हो गया जो साल 2022 में 48 था। इसके बाद वियतनाम का स्थान है जहां यह संख्या 35 है। ऐपल के वैश्विक आपूर्तिकर्ताओं की सबसे हालिया सूची में 187 कंपनियां शामिल हैं।

पिछले सप्ताह खबरों से संकेत मिला था कि ऐपल ने मैकबुक कंप्यूटर और ऐपल वॉच के लिए अपने दूसरे देसी आपूर्तिकर्ता एक्वस को परीक्षण के आधार पर शामिल किया है। बिजनेस स्टैंडर्ड ने जब एक्वस से संपर्क किया उसके अधिकारी ने टिप्पणी से इनकार कर दिया।

मार्केट अनुसंधान कंपनी कन्वर्जेंस कैटालिस्ट के सह-संस्थापक जयंत कोला ने कहा, ‘देसी कंपनियों को अपना कौशल बढ़ाने के अलावा धैर्य और गहन निवेश के लिए प्रतिबद्ध होने की जरूरत है। ऐपल जैसी कंपनी के साथ काम करने के लिए उनके पास बहु-वर्षीय रणनीति होनी चाहिए। टाटा जैसी बड़ी कंपनियों को छोड़कर भारतीय कंपनियां दीर्घकालिक, गहन निवेश के लिए नहीं जानी जाती हैं।’

भारत में कंपनी के मौजूदा आपूर्तिकर्ताओं में तमिलनाडु की 7 कंपनियां – टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स, फ्लेक्स, होन हाई प्रिसिजन (फॉक्सकॉन), ग्वांगडोंग लिंगी आईटेक मैन्युफैक्चरिंग कंपनी, ओएन सेमीकंडक्टर कॉर्पोरेशन, पेगाट्रॉन कॉर्पोरेशन, ताइवान सरफेस माउंटिंग टेक्नोलॉजी और जेन डिंग टेक्नोलॉजी होल्डिंग शामिल हैं।

शेष आपूर्तिकर्ताओं में से तीन कर्नाटक (विस्ट्रॉन कॉर्पोरेशन, एक्वस, शेनझेन यूटो पैकेजिंग टेक्नोलॉजी) और एक-एक आपूर्तिकर्ता आंध्र प्रदेश (चेंग उई प्रिसिजन इंडस्ट्री कंपनी), महाराष्ट्र (जाबिल) और उत्तर प्रदेश (सनवोडा इलेक्ट्रॉनिक) में हैं।

Advertisement
First Published - October 28, 2024 | 6:39 AM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement