Banking Sector Q4 Preview: मार्च तिमाही (Q4FY26) के नतीजों से पहले बैंकिंग सेक्टर में बहुत कुछ चल रहा है। एक तरफ मजबूत लोन ग्रोथ और घटते क्रेडिट कॉस्ट बैंकों की कमाई को नई ऊंचाई दे सकते हैं, तो दूसरी तरफ वैश्विक तनाव पूरी कहानी बिगाड़ने की ताकत रखता है। Emkay की रिपोर्ट के मुताबिक, इस तिमाही में बैंकिंग सेक्टर की कमाई में तेज बढ़त देखने को मिल सकती है, जो पिछली तिमाही से बेहतर होगी।
बैंकों की सबसे बड़ी ताकत इस समय उनकी लोन ग्रोथ बन गई है। कॉरपोरेट, MSME और रिटेल लोन में जबरदस्त मांग देखने को मिल रही है। 15 मार्च 2026 तक क्रेडिट ग्रोथ करीब 13.8 प्रतिशत तक पहुंच गई, जो इस बात का संकेत है कि अर्थव्यवस्था में अभी भी तेजी बनी हुई है। सरकारी बैंक इस रेस में आगे हैं, लेकिन प्राइवेट बैंक भी अब तेजी से वापसी कर रहे हैं।
बैंकों के मार्जिन लंबे समय से दबाव में थे, लेकिन अब वे निचले स्तर के करीब पहुंच चुके हैं। आने वाले समय में इनमें स्थिरता देखने को मिल सकती है, जिससे बैंकों की कमाई को सीधा फायदा मिलेगा।
एक और बड़ी राहत यह है कि बैड लोन का दबाव अब कम होता दिख रहा है। अनसिक्योर्ड लोन में तनाव घटा है, जिससे बैंकों की क्रेडिट कॉस्ट कम हो सकती है। यही वजह है कि इस तिमाही में बैंकों के मुनाफे में करीब 11 प्रतिशत तक की सालाना बढ़त का अनुमान लगाया जा रहा है।
हालांकि कहानी इतनी आसान नहीं है। अमेरिका, इजराइल और ईरान के बीच तनाव ने सप्लाई चेन को झटका दिया है। इसका असर महंगाई और आर्थिक विकास पर पड़ सकता है, जो सीधे तौर पर बैंकिंग सेक्टर को प्रभावित करेगा। कुछ छोटे कारोबार और निर्यातक पहले ही दबाव महसूस कर रहे हैं, जिससे लोन चुकाने की क्षमता पर असर पड़ सकता है।
अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या हालात संभलेंगे? सीजफायर की घोषणा के बाद उम्मीद जगी है कि अगर तनाव कम होता है, तो बैंकिंग सेक्टर की रिकवरी फिर से पटरी पर आ सकती है, खासकर साल की दूसरी छमाही में।
Emkay के मुताबिक, इस तिमाही में HDFC Bank, ICICI Bank, SBI, Bank of Baroda, RBL Bank, Federal Bank, Karur Vysya Bank और Ujjivan SFB बेहतर प्रदर्शन कर सकते हैं। वहीं ICICI और Axis Bank में पिछली कमजोरी के बाद रिकवरी के संकेत हैं।
बहरहाल, ब्रोकरेज का कहना है कि IndusInd Bank, IDFC First Bank और Fino Payments Bank के नतीजे इस बार कमजोर रह सकते हैं।
हाल के समय में बैंकिंग शेयरों में आई गिरावट ने निवेशकों को थोड़ा चिंतित जरूर किया है, लेकिन ब्रोकरेज का मानना है कि यही गिरावट एक बड़ा मौका भी हो सकती है। अगर वैश्विक हालात सुधरते हैं, तो बैंकिंग सेक्टर में फिर से तेज रैली देखने को मिल सकती है।
(डिस्क्लेमर: यहां दी गई राय ब्रोकरेज की है। बिज़नेस स्टैंडर्ड इन विचारों से सहमत होना जरूरी नहीं समझता और निवेश से पहले पाठकों को अपनी समझ से फैसला करने की सलाह देता है।)