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घरेलू मांग पर बड़ा दांव: JSW Steel का FY31 तक ₹2 लाख करोड़ से ज्यादा निवेश का प्लान

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हम 2 लाख करोड़ रुपये से अधिक का निवेश करेंगे। ओडिशा की घोषणा के बाद कुल पूंजीगत व्यय 1 लाख करोड़ रुपये होगा, जिसे 4 से 5 वर्षों में खर्च किया जाएगा

Last Updated- January 26, 2026 | 1:17 PM IST
JSW Steel joint MD & CEO, Jayant Acharya
जेएसडब्ल्यू स्टील के संयुक्त प्रबंध निदेशक और मुख्य कार्य अधिकारी जयंत आचार्य

वैश्विक अस्थिरता और बढ़ती व्यापारिक रुकावटों के बीच जेएसडब्ल्यू स्टील घरेलू मांग पर बड़ा दांव लगा रही है। ऑडियो साक्षात्कार में जेएसडब्ल्यू स्टील के संयुक्त प्रबंध निदेशक और मुख्य कार्य अधिकारी जयंत आचार्य ने ईशिता आयान दत्त को वित्त वर्ष 31 तक जारी और नियोजित निवेशों, स्टील उद्योग के निकट और दीर्घकालिक दृष्टिकोण तथा मूल्य संबंधी कथित मिलीभगत पर सीसीआई जांच की रिपोर्ट के बारे में चर्चा की। संपादित अंश …

वर्ष 26 की तीसरी तिमाही में स्टील के कम दामों का असर शुद्ध बिक्री की आमदनी में दिखाई दिया। चौथी तिमाही पर क्या नजरिया है?

पिछली तिमाही में दाम कई साल के निचले स्तर पर थे। दिसंबर के आखिर से इनमें सुधार शुरू हुआ। सुरक्षा शुल्क भी वक्त पर लगाया गया। सामान्य हालात चौथी तिमाही में जोरदार मांग में मदद करेंगे, जिससे हम कीमतों में सुधार और कोकिंग कोल की लागत में हुई वृद्धि के एक हिस्से की भरपाई कर पाएंगे।

ऐसा लगता है कि आप अपनी विकास योजनाओं को आगे बढ़ा रहे हैं और अब पहले के 5.1 करोड़ टन की तुलना में वित्त वर्ष 31 तक 5.6 करोड़ टन क्षमता पर विचार कर रहे हैं। क्या यह सही है?

हमने केवल ओडिशा परियोजना के पहले चरण की ही घोषणा की है, जो जगतसिंहपुर में होगी। इसके अलावा हमारे पास विलय और अधिग्रहण के अन्य विकल्प होंगे। इसलिए हम वित्त वर्ष 31 तक ओहायो समेत 5.6 करोड़ टन और भारत के मामले में लगभग 5.5 करोड़ टन के करीब होंगे।

वित्त वर्ष 31 तक आप निवेश की क्या योजना बना रहे हैं?

हम 2 लाख करोड़ रुपये से अधिक का निवेश करेंगे। ओडिशा की घोषणा के बाद कुल पूंजीगत व्यय 1 लाख करोड़ रुपये होगा, जिसे 4 से 5 वर्षों में खर्च किया जाएगा। हम अन्य क्षमताओं को भी जोड़ेंगे – ओडिशा में दूसरा चरण, विजयनगर में ब्लास्ट फर्नेस 6, सलाव में नया स्टील संयंत्र तथा जेएफई स्टील और पोस्को के साथ हमारे संयुक्त उद्यम। इसलिए हम लगभग 2.5 करोड़ टन जोड़ेंगे। हम खनन, डिजिटल और डाउनस्ट्रीम क्षमताओं में भी खर्च करेंगे।

क्या कार्बन बॉर्डर एडजस्टमेंट मैकेनिज्म (सीबीएएम) यूरोपीय संघ (ईयू) को आपके निर्यात पर असर डाल रहा है?

सीबीएएम गणना के कुछ तत्वों को अभी भी समझा जा रहा है। लेकिन मेरा मानना है कि कीमतें बढ़ेंगी और हमने 2 से 3 दशकों से अधिक समय के दौरान यूरोप में अपने ग्राहकों के साथ संबंध बनाए हैं। इसलिए वे हमारे जैसे विश्वसनीय आपूर्तिकर्ताओं से आपूर्ति जारी रखेंगे। अलबत्ता घरेलू बाजारों की रक्षा के लिए देश तेजी से टैरिफ का इस्तेमाल कर रहे हैं, चाहे उन्हें व्यापारिक उपायों के रूप में तैयार किया गया हो या सीबीएएम जैसी तंत्रों के रूप में। मेरी राय में भारत दमदार घरेलू मांग के दम पर बेहतर स्थिति में है।

क्या आप 12 प्रतिशत के स्तर से शुरू होने वाले चरणबद्ध संरक्षण शुल्क से सहज हैं?

यह स्वागत योग्य कदम है कि संरक्षण शुल्क को अंतिम रूप दे दिया गया है। हमारे लिए यह समझना महत्त्वपूर्ण है कि स्टील उद्योग देश के अंदरूनी और ग्रामीण इलाकों में आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा देने में अहम भूमिका निभाता है – बुनियादी ढांचे के विकास में सहायता करते हुए और देश के प्रमुख क्षेत्र में रोजगार पैदा करते हुए। इसी वजह से स्टील उद्योग के लिए देश को आगे बढ़ाने के वास्ते उपयुक्त मार्जिन की जरूरत है।

सीसीआई की जांच रिपोर्ट में जेएसडब्ल्यू स्टील सहित कई स्टील कंपनियों द्वारा दामों की मिलीभगत का आरोप लगाया गया है। आप इस पर कैसे प्रतिक्रिया देंगे?

मैं चल रही किसी प्रक्रिया पर टिप्पणी नहीं करना चाहूंगा, लेकिन जेएसडब्ल्यू स्टील सभी लागू प्रतिस्पर्धी कानूनों या देश के किसी भी अन्य कानून के अनुपालन के मामले में पूरी तरह से आश्वस्त है। यह साल 2021 का पुराना मामला है। टीएमटी जैसे उत्पाद में आपूर्ति लगभग 70 प्रतिशत स्तर पर मुख्य रूप से सेकंडरी सेक्टर की रहती है, प्राइमरी ससेक्टर छोटा होता है। यह ऐसा उत्पाद भी है, जहां मूल्य अस्थिरता सबसे अधिक रहती है। मुझे इस मामले में कोई दम नहीं दिखता, लेकिन वैसे भी जेएसडब्ल्यू स्टील सभी कानूनों का पूरी तरह से अनुपालन करती है।

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First Published - January 26, 2026 | 1:17 PM IST

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