facebookmetapixel
Advertisement
राज्य की प्रतिक्रिया और अभिव्यक्ति की सीमाएं testtestभारत का डिफेंस प्रोडक्शन ऑल-टाइम हाई पर, FY26 में15.6% बढ़कर ₹1.78 लाख करोड़ पर पहुंचाHCL Tech के नतीजों की तारीख तय, 13 जुलाई को आएगा रिपोर्ट कार्ड; डिविडेंड पर भी होगा फैसलारिटर्न कहीं और, निवेश कहीं और! क्या सही फंड चुन रहे हैं निवेशक? एक्सपर्ट से समझेंAI के दम पर नई छलांग की तैयारी में Coforge? शेयर में 50% तक तेजी की उम्मीद, एक्सपर्ट्स बुलिशकच्चा तेल सस्ता हो रहा है, फिर पेट्रोल-डीजल क्यों नहीं?20 लाख रुपये से ज्यादा पैकेज वाली नौकरियों में उछाल, ब्रोकरेज ने बताए 4 पसंदीदा IT स्टॉक्सJio IPO का इंतजार खत्म! ₹4 अरब के मेगा IPO की तैयारी तेज, जल्द दाखिल होंगे ड्राफ्ट पेपरसरकार के आदेश के खिलाफ Telegram का पलटवार, Delhi HC पहुंची याचिकाब्राजील में पेट्रोल से 70% सस्ता, भारत में सिर्फ 20%: क्या फ्लेक्स-फ्यूल बनेगा हिट? बता रहे एक्सपर्ट

Loan Fraud Case: चंदा कोचर को मिली बड़ी राहत, हाइकोर्ट ने दिए रिहाई के आदेश

Advertisement
Last Updated- January 09, 2023 | 12:33 PM IST
ICICI Videocon case

चंदा कोचर और उनके पति दीपक कोचर को बॉम्बे हाईकोर्ट से बड़ी राहत मिली है। ICICI बैंक-वीडियोकॉन लोन फ्रॉड केस मामले में हाईकोर्ट ने चंदा कोचर व उनके पति दीपक कोचर को न्यायिक हिरासत से रिहा करने की अनुमति दे दी है। इस मामले में हाईकोर्ट ने कहा है कि कोचर दंपती की गिरफ्तारी कानून के मुताबिक नहीं हुई है।

मामले में कोर्ट ने ICICI बैंक की पूर्व CEO चंदा कोचर और दीपक कोचर  को एक-एक लाख रुपये की जमानत राशि और इतनी ही राशि के एक या अधिक जमानतदार पेश करने को निर्देश दिया। बता दें, CBI ने उनकी रिहाई का विरोध किया है। ICICI बैंक-वीडियोकॉन लोन फ्रॉड केस में सीबीआई ने कोचर दंपती को गिरफ्तार किया था। CBI ने इसी मामले में वीडियोकॉन के प्रमोटर वेणुगोपाल धूत को भी गिरफ्तार किया था। तीनों ही फिलहाल न्यायिक हिरासत में हैं।

क्या है पूरा मामला

ICICI बैंक की पूर्व CEO चंदा कोचर पर बैंक के नियमों का उल्लंघन करते हुए वीडियोकॉन समूह को 3,250 करोड़ रुपये के लोन देने का आरोप लगा था। वीडियोकॉन के प्रमोटर वेणुगोपाल धूत ने 2012 में आईसीआईसीआई बैंक से वीडियोकॉन ग्रुप को लोन मिलने के बाद कथित तौर पर न्यूपॉवर रिन्यूएबल्स प्राइवेट लिमिटेड (NRPL) में करोड़ों रुपये का निवेश किया। आरोप लगा था कि इस निवेश चंदा कोचर के गलत तरीके से लोन देने के बदले में ही दिया गया था। इस फर्म को धूत ने ICICI से लोन मिलने के 6 महीने बाद चंदा कोचर के पति दीपक कोचर और दो रिश्तेदारों के साथ मिलकर शुरू किया था।

जनवरी 2019 को केंद्रीय जांच ब्यूरो सीबीआई ने वेणुगोपाल धूत, चंदा कोचर, उनके पति दीपक कोचर पर आपराधिक साजिश और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम से संबंधित धाराओं में मामला दर्ज किया। फरवरी 2019 में प्रवर्तन निदेशालय(ED) ने भी मनी लॉन्ड्रिंग का मामला दर्ज किया था।

Advertisement
First Published - January 9, 2023 | 11:31 AM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement