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Business Standard CEO Survey: प्राइवेट कैपिटल एक्सपेंडिचर पर कंपनी जगत सतर्क

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अर्थव्यवस्था में वृद्धि पर सीईओ का रुख मिला-जुला रहा। तकरीबन 35.7 फीसदी प्रतिभागियों का मानना है कि वृद्धि मजबूत बनी रहेगी

Last Updated- September 01, 2025 | 11:29 PM IST
CEO survey

भारतीय कंपनी जगत के 14 मुख्य कार्याधिकारियों (सीईओ) के बीच कराए गए त्वरित सर्वेक्षण में पता चला कि अर्थव्यवस्था में भले ही तेज वृद्धि दिख रही हो मगर कारोबारी दिग्गज निजी निवेश में मजबूत सुधार की संभावनाओं को लेकर सतर्क हैं। बीते सप्ताहांत में कराए गए सर्वेक्षण में केवल 28.6 फीसदी सीईओ ने निजी पूंजीगत खर्च में बेहतर सुधार की उम्मीद जताई जबकि 50 फीसदी ने मामूली सुधार की संभावना जताई। सर्वेक्षण में 21.4 फीसदी का यह भी मानना है कि निवेश गतिविधि में खास तेजी नहीं आएगी, जो वित्त वर्ष 2026 की पहली तिमाही में सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) की 7.8 फीसदी वृद्धि के बावजूद कंपनी जगत में सतर्क माहौल को दर्शाता है।

अर्थव्यवस्था में वृद्धि पर सीईओ का रुख मिला-जुला रहा। तकरीबन 35.7 फीसदी प्रतिभागियों का मानना है कि वृद्धि मजबूत बनी रहेगी जबकि लगभग इतने ही फीसदी उत्तरदाताओं को वृद्धि दर मध्यम रहने की आशंका है। बाकी लोगों का कहना था कि वृद्धि दर पर अभी कुछ कहना जल्दबाजी होगी, जो अनिश्चित परिदृश्य को रेखांकित करता है।

आने वाली तिमाहियों में कौन का क्षेत्र वृद्धि को बढ़ावा देगा, यह पूछे जाने पर ज्यादातर लोगों का झुकाव घरेलू उद्योगों की ओर था। लगभग 21.1 फीसदी ने विनिर्माण एवं सेवा क्षेत्र को वृद्धि का प्रमुख इंजन बताया जबकि अन्य ने बुनियादी ढांचा और पूंजीगत खर्च को वृद्धि को गति देने वाला बताया। लगभग 64.3 फीसदी प्रतिभागियों ने वैश्विक सुस्ती को भारत के वृद्धि परिदृश्य के लिए सबसे बड़ा जोखिम बताया वहीं अन्य ने घरेलू नीतियों के कार्यान्वयन की चुनौतियों की ओर इशारा किया। किसी भी सीईओ ने कमजोर निर्यात को प्राथमिक चिंता नहीं बताई जो घरेलू मांग के प्रति भरोसे को दर्शाता है।

मौद्रिक नीति पर ज्यादातर सीईओ ने दर में कटौती की उम्मीद जताई। करीब 64.3 फीसदी प्रतिभागियों को उम्मीद है कि भारतीय रिजर्व बैंक साल के अंत तक रीपो दर में और कटौती करेगा जबकि 14.3 फीसदी को अब 2026 में ही रीपो में कटौती की संभावना दिख रही है। लगभग 21 फीसदी प्रतिभागियों ने कहा कि केंद्रीय बैंक लंबे समय तक सतर्क रह सकता है।

ब्याज दर घटने से सबसे ज्यादा फायदा उपभोक्ता कंपनियों को मिलने की उम्मीद है। करीब 76.9 फीसदी प्रतिभागियों ने कहा कि मकान, वाहन और कंज्यूमर ड्यूरेबल्स क्षेत्र को दर कटौती का सबसे ज्यादा लाभ मिलेगा। केवल 23.1 फीसदी सीईओ ने कारोबारी निवेश में लाभ मिलने की संभावना जताई जो पूंजीगत खर्च में सुधार की धीमी रफ्तार को रेखांकित करता है।

सर्वेक्षण में शामिल करीब आधे प्रतिभागियों ने कहा कि केंद्रीय बैंक को वृद्धि दर को प्राथमिकता देनी चाहिए जबकि आधे ने वृद्धि और मुद्रास्फीति दोनों को समान प्राथमिकता देने पर जोर दिया। किसी भी सीईओ ने केवल मुद्रास्फीति नियंत्रण को प्राथमिकता नहीं बताई।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की दीवाली से पहले वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) दर घटाने की घोषणा को व्यापक समर्थन मिला। लगभग 43 फीसदी सीईओ ने कहा कि इस कदम से उनके क्षेत्र को काफी फायदा होगा जबकि 36 फीसदी ने मामूली लाभ की उम्मीद जताई। सिर्फ21.4 फीसदी ने कहा कि दर में कटौती से उन्हें मामूली या कोई फायदा नहीं होगा। आईटीसी लिमिटेड के चेयरमैन एवं प्रबंध निदेशक संजीव पुरी ने कहा कि वैश्विक चुनौतियों के बावजूद भारत की जीडीपी वृद्धि ने पहली तिमाही में 7.8 फीसदी की मजबूत वृद्धि दर्ज की जो पिछली 5 तिमाही में सबसे तेज वृद्धि है।

पुरी ने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा, ‘भारत के स्वतंत्रता दिवस पर व्यक्त प्रधानमंत्री का विजन, अगली पीढ़ी के सुधारों, खास तौर पर जीएसटी सुधार को आगे बढ़ाना, खपत, निवेश और रोजगार को बढ़ावा देगा जिससे अर्थव्यवस्था को भी बल मिलेगा। भारत खपत आधारित अर्थव्यवस्था है और जीडीपी वृद्धि का परिदृश्य सभी क्षेत्रों में अवसरों को बढ़ावा देगा।’

अमेरिकी शुल्क को लेकर प्रतिभागियों ने ज्यादा चिंता नहीं दिखाई। 86 फीसदी से अधिक प्रतिभागियों ने कहा कि इससे कारोबार प्रभावित नहीं होगा जबकि बाकी ने संभावित जोखिम की बात स्वीकार की।

सर्वेक्षण के निष्कर्ष से पता चलता है कि सीईओ घरेलू खपत को लेकर आश्वस्त हैं और जीएसटी कटौती का समर्थन करते हैं लेकिन निजी निवेश में सुधार आने की बात कहने से हिचक रहे हैं, जबकि लंबे समय तक वृद्धि को बनाए रखने के लिए निजी निवेश में तेजी अहम है। लार्सन ऐंड टुब्रो के प्रेसिडेंट, पूर्णकालिक निदेशक एवं सीएफओ आर शंकर रमन ने कहा, ‘जैसा कि हाल के जीडीपी वृद्धि अनुमान से देखा जा सकता है, भारतीय अर्थव्यवस्था मजबूत वृद्धि के लिए तैयार है। भारत की प्रमुख इंजीनियरिंग ऐंड इन्फ्रा कंपनी के रूप में, हम एक रोमांचक चरण में प्रवेश कर रहे हैं।’


(मुंबई से देव चटर्जी, सोहिनी दास, सुंदर सेतुरामन और प्राची पिसाल, बेंगलूरु से अनीका चटर्जी और कोलकाता से ईंशिता आयान दत्त)

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First Published - September 1, 2025 | 11:27 PM IST

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