कैरियर ग्लोबल के लिए भारत तेजी से बढ़ता हुआ बाजार है। अमेरिका की यह कंपनी आंध्र प्रदेश के श्री सिटी में 10 करोड़ डॉलर का निवेश कर रही है और उसे उम्मीद है कि अगले साल के आखिर तक यहां काम शुरू हो जाएगा। एक वर्चुअल इंटरव्यू में कंपनी के चेयरमैन और सीईओ डेविड एल गिटलिन ने शार्लीन डिसूजा के साथ बातचीत में बताया कि इस दशक के आखिर तक भारत से कंपनी की कमाई 1 अरब डॉलर तक पहुंच जाएगी। मुख्य अंश:
श्री सिटी में लगाए जा रहे नए संयंत्र में कितना निवेश होगा?
इस पर 10 करोड़ डॉलर का निवेश किया जाना है। हम चाहते हैं कि यह संयंत्र अगले साल के आखिर तक पूरी तरह से चालू हो जाए। भारत सचमुच एक बहुत तेजी से बढ़ने वाला बाजार बन गया है। पिछले चार साल में भारत में हमारी वृद्धि दर 20 प्रतिशत से ज्यादा रही है और पहली तिमाही में इसमें 33 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है। हालांकि, हमें और ज्यादा क्षमता की जरूरत है, खासकर उन हाई-ऐंड चिलर्स के लिए जिन्हें हम डेटा सेंटर और बड़ी कमर्शियल ऑफिस बिल्डिंग्स के लिए बनाते हैं।
हमारे पास पहले से ही गुरुग्राम में एक बड़ा संयंत्र है, पुणे में एक संयुक्त उपक्रम इकाई है और हैदराबाद तथा बेंगलूरु में बेहतरीन तकनीकी प्रतिभा मौजूद है। फिर भी, इस तेजी से बढ़ते बाजार के साथ कदम से कदम मिलाकर चलने के लिए हमें एक बिल्कुल नई, अत्याधुनिक निर्माण इकाई की जरूरत थी। इसलिए, हम यह इकाई श्री सिटी में बना रहे हैं।
क्या आप इस संयंत्र के साथ अन्य बाजारों के लिए भी निर्माण पर ध्यान बढ़ाएंगे?
हमारी योजना दूसरे बाजारों में भी निर्यात करने की है। श्री सिटी का एक मुख्य फायदा यह है कि यह पांच बंदरगाहों से 100 किलोमीटर के दायरे में स्थित है। इससे हमें निर्यात करने का एक अच्छा अवसर मिलता है। हमारा मुख्य ध्यान शुरू में भारत पर रहेगा, लेकिन हम अफ्रीका और पश्चिम एशिया के देशों में भी संभावनाएं देख रहे हैं। हम वहीं से शुरुआत करेंगे और फिर समय के साथ आगे विस्तार के अवसरों का मूल्यांकन करेंगे।
क्या भारत कैरियर का सबसे तेजी से बढ़ने वाला बाजार है?
यह हमारा सबसे तेजी से बढ़ने वाला बाजार रहा है। पिछले चार वर्षों में, भारत ने लगातार उच्चतम विकास दर दी है। हमारी आंतरिक चर्चाओं में से एक यह है कि हम भारत को सालाना प्रतिशत वृद्धि के संदर्भ में सोचने की कोशिश नहीं करते हैं। इसके बजाय हम इस पर ध्यान देते हैं कि भारत जैसे देश में 2 गुना या 3 गुना वृद्धि कैसे हासिल की जाए। अवसर काफी बड़ा है। जब आप डेटा सेंटर और हाइपरस्केलर जैसे क्षेत्रों को देखते हैं (जो लगभग 50 अरब डॉलर के निवेश पर चर्चा कर रहे हैं) तो आपको दायरे का अंदाजा लगने लगता है।
राजस्व के संदर्भ में भारत कैरियर के शीर्ष पांच बाजारों में कब तक शुमार हो जाएगा?
ऐसा संभवत: निकट भविष्य में हो सकेगा। आज, यह संभवतः 22 अरब डॉलर के आधार पर लगभग 50 करोड़ डॉलर है। जिस तरह की विकास दर हम देख रहे हैं, हमें विश्वास है कि यह हमारे बड़े बाजारों में से एक बनने का एक मजबूत अवसर है।
क्या अगले पांच साल में भारत 1 अरब डॉलर का बाजार बन जाएगा?
ऐसा कोई कारण नहीं है कि हम बिक्री में 1 अरब डॉलर तक न पहुंच पाएं। हमें उम्मीद है कि इस दशक के आखिर तक हम इस लक्ष्य तक पहुंच जाएंगे।
श्री सिटी प्लांट के साथ, क्या आपका सभी एचवीएसी (हीटिंग, वेंटिलेशन और एयर कंडीशनिंग) निर्माण भारत में ही होगा?
इससे चीजें काफी हद तक बदल जाएंगी। मेरा मानना है कि भारत में हम जितने भी वाणिज्यिक उत्पाद बेचते हैं, उनमें से लगभग सभी भारत में ही बनाए जाएंगे।