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जेट ट्रेनर की खरीद मामले में Rolls Royce के खिलाफ मामला दर्ज

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Last Updated- May 29, 2023 | 10:36 PM IST
CBI

केंद्रीय ​अन्वेषण ब्यूरो (CBI) ने भारतीय वायुसेना और नौसेना के लिए हॉक 115 अत्याधुनिक जेट प्रशिक्षण विमान की खरीद में भ्रष्टाचार के आरोप में ब्रिटिश एरोस्पेस और रक्षा कंपनी रॉल्स रॉयस (Rolls Royce) पीएलसी, इसके वरिष्ठ अधिकारियों और शस्त्र विक्रेताओं के खिलाफ FIR दर्ज की है। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।

FIR के अनुसार, सीबीआई ने मामले में छह साल की जांच पूरी होने के बाद भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 120-बी (आपराधिक साजिश) और भ्रष्टाचार निरोधक कानून के प्रावधानों के तहत रोल्स-रॉयस इंडिया के निदेशक टिम जोन्स, कथित हथियार आपूर्तिकर्ता सुधीर चौधरी और भानु चौधरी तथा ब्रिटिश एयरोस्पेस सिस्टम के खिलाफ मामला दर्ज किया है।

उन्होंने बताया कि 2017 में एक ब्रिटिश अदालत ने भी समझौते को अंजाम देने के लिए कंपनी द्वारा कथित रूप से बिचौलिये को शामिल करने और कमीशन का भुगतान करने का जिक्र किया था।

आरोप है कि 2003-12 के दौरान साजिश में शामिल इन आरोपियों ने 73.42 करोड़ ब्रिटिश पाउंड की लागत से 24 हॉक 115 एजेटी की खरीद के लिए अज्ञात लोक सेवकों के साथ मिलकर ‘अपने आधिकारिक पद का दुरुपयोग’ किया था।

इसके अलावा, उन्होंने निर्माता लाइसेंस शुल्क के नाम पर 30.82 करोड़ अमेरीकी डॉलर और 75 लाख अमेरीकी डॉलर की अतिरिक्त राशि के लिए रॉल्स रॉयस को आपूर्ति की गई सामग्री के बदले हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड के 42 अतिरिक्त विमानों के ‘लाइसेंस निर्माण’ की अनुमति दी।

सीबीआई की प्राथमिकी में आरोप लगाया गया है कि यह सौदा रॉल्स रॉयस द्वारा बिचौलियों को दी गई ‘भारी भरकम रिश्वत, कमीशन और भ्रष्टाचार’ के एवज में किया गया था, जबकि समझौते से संबंधित दस्तावेज में ‘बिचौलियों के भुगतान पर रोक’ की बात कही गई थी।

सीबीआई जांच से पता चला है कि 2006-07 में आयकर विभाग द्वारा किए गए एक सर्वेक्षण के दौरान रॉल्स रॉयस इंडिया कार्यालय से लेन-देन से संबंधित महत्वपूर्ण दस्तावेज जब्त किए गए थे।

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First Published - May 29, 2023 | 10:36 PM IST (बिजनेस स्टैंडर्ड के स्टाफ ने इस रिपोर्ट की हेडलाइन और फोटो ही बदली है, बाकी खबर एक साझा समाचार स्रोत से बिना किसी बदलाव के प्रकाशित हुई है।)

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