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केंद्र सरकार ने कच्चे तेल और एटीएफ पर विंडफॉल टैक्स में और कटौती की

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कच्चे तेल और एटीएफ पर विंडफॉल टैक्स आधा कर दिया गया

Last Updated- December 01, 2023 | 10:19 AM IST
'पेट्रोलियम राष्ट्रीय संपत्ति', तेल क्षेत्र (नियमन एवं विकास) संशोधन विधेयक 2024 पर संसद में बोली सरकार 'Petroleum is national asset', government said in Parliament on Oil Sector (Regulation and Development) Amendment Bill 2024

सरकार ने कच्चे पेट्रोलियम पर Windfall Tax 1,300 रुपये से घटाकर 5,000 रुपये प्रति टन कर दिया है। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, जेट ईंधन (एटीएफ) पर लेवी भी 1.11 लाख रुपये प्रति किलोलीटर से घटाकर 1.06 लाख रुपये प्रति किलोलीटर कर दी गई है।

केंद्र ने इससे पहले 16 नवंबर को डीजल और कच्चे तेल पर विंडफॉल टैक्स कम कर दिया था। कच्चे तेल पर विंडफॉल टैक्स 9,800 रुपये प्रति टन से घटाकर 6,300 रुपये ($ 75.70) प्रति टन कर दिया गया था, जबकि डीजल के लिए इसे 2 रुपये प्रति लीटर से घटाकर 1 रुपये प्रति लीटर कर दिया गया। जेट ईंधन और पेट्रोल निर्यात पर टैक्स शून्य रहा।

अक्टूबर में सरकार ने कच्चे तेल पर Windfall Tax 9,050 रुपये से बढ़ाकर 9,800 रुपये प्रति टन कर दिया था। इसके अतिरिक्त, विमानन टरबाइन ईंधन पर विंडफॉल टैक्स, जो पहले 1 रुपये प्रति लीटर था, समाप्त कर दिया गया।

यह भी पढ़ें: कच्चे तेल की मांग 2030 तक 11.2 करोड़ बैरल प्रतिदिन होने का अनुमान: S&P

इससे पहले, 18 अक्टूबर को केंद्र ने कच्चे तेल पर विंडफॉल टैक्स को 12,100 रुपये प्रति टन से घटाकर 9,050 रुपये प्रति टन कर दिया था।

भारत ने पिछले साल जुलाई में कच्चे तेल उत्पादकों पर विंडफॉल टैक्स लगाया था और गैसोलीन, डीजल और विमानन ईंधन के निर्यात पर लेवी बढ़ा दी थी क्योंकि निजी रिफाइनर स्थानीय स्तर पर बेचने के बजाय विदेशी बाजारों में मजबूत रिफाइनिंग मार्जिन से लाभ कमाना चाहते थे।

उस समय, पेट्रोल और ATF पर 6 रुपये प्रति लीटर और डीजल पर 13 रुपये प्रति लीटर का निर्यात शुल्क लगाया गया था। OIL और प्राकृतिक गैस निगम (ONGC) जैसी कंपनियों द्वारा उत्पादित कच्चे तेल पर 23,250 रुपये प्रति टन विंडफॉल प्रॉफिट टैक्स भी लगाया गया था।

यदि वैश्विक बेंचमार्क की दरें 75 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर बढ़ जाती हैं तो घरेलू कच्चे तेल पर विंडफॉल टैक्स लगाया जाता है। इसी तरह, डीजल, एटीएफ और पेट्रोल के निर्यात पर कर लगता है यदि उत्पाद मार्जिन 20 डॉलर प्रति बैरल से अधिक हो।

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पिछले दो सप्ताह में तेल की औसत कीमतों के आधार पर हर 2 हफ्तों में टैक्स दरों की समीक्षा की जाती है।

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First Published - December 1, 2023 | 10:19 AM IST

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