जावा, बीएसए और येज्दी जैसे मशहूर मोटरसाइकल ब्रांड की मूल कंपनी ‘क्लासिक लीजेंड्स’ ने अपनी निर्यात नीति में बड़ा बदलाव किया है। मुनाफे में आ चुकी कंपनी अब अमेरिका के बजाय यूरोप और दुनिया के अन्य बाजारों पर ध्यान बढ़ा रही है। दरअसल, अमेरिकी अनिश्चितताओं के कारण कंपनी की करीब 5,000 मोटरसाइकिलें रास्ते में ही फंस गई थीं।
क्लासिक लीजेंड्स के सह-संस्थापक अनुपम थरेजा ने बिजनेस स्टैंडर्ड से कहा कि जो मोटरसाइकलें पहले अमेरिका जानी थीं, उन्हें अब मेक्सिको और यूरोप जैसे अन्य बाजारों में भेजा जा रहा है क्योंकि वहां इनकी जोरदार मांग है। उन्होंने कहा, ‘अमेरिकी बाजार की स्थिति अभी पूरी तरह स्पष्ट नहीं है। जैसे ही वहां अनिश्चितता खत्म होगी, हम फिर से शुरुआत करेंगे लेकिन फिलहाल वह बाजार व्यावहारिक नहीं है।’
अमेरिकी बाजार की इस बाधा के बावजूद नए बाजारों में कदम रखने से कंपनी के निर्यात की रफ्तार मजबूत बनी हुई है। वर्तमान में कंपनी की कुल बिक्री में निर्यात की हिस्सेदारी लगभग 10 प्रतिशत है। कंपनी इसे और बढ़ाने की योजना बना रही है। देश के अंदर भी इसकी मांग में तेजी देखी जा रही है। थरेजा ने कहा, ‘आने वाले समय में हमारा निर्यात दो से चार गुना तक बढ़ेगा, लेकिन हमारा घरेलू बाजार भी बहुत तेजी से बढ़ रहा है। इसलिए कुल बिक्री में निर्यात की हिस्सेदारी में कोई बहुत बड़ा बदलाव नहीं आएगा।’
निर्यात पर ऐसे वक्त जोर दिया जा रहा है जब कंपनी घरेलू बाजार में भी शानदार वृद्धि कर रही है। फेडरेशन ऑफ ऑटोमोबाइल डीलर्स एसोसिएशन (फाडा) के आंकड़ों के मुताबिक वित्त वर्ष 2025-26 में क्लासिक लीजेंड्स की खुदरा बिक्री 40 प्रतिशत उछलकर 45,409 वाहन हो गई जो पिछले वित्त वर्ष में 32,482 थी। थरेजा ने बताया कि कच्चे माल की बढ़ती कीमतों और नियामकीय दबावों के बावजूद कंपनी ने पूरे साल मुनाफा दर्ज किया है। खासकर साल की आखिरी तिमाही का प्रदर्शन बेहद शानदार रहा। उन्होंने कहा, ‘हम सिर्फ घाटे से उबरकर मुनाफे में ही नहीं आए हैं बल्कि हमने पूरे साल शानदार मुनाफा कमाया है।’