facebookmetapixel
Advertisement
राज्य की प्रतिक्रिया और अभिव्यक्ति की सीमाएं testtestभारत का डिफेंस प्रोडक्शन ऑल-टाइम हाई पर, FY26 में15.6% बढ़कर ₹1.78 लाख करोड़ पर पहुंचाHCL Tech के नतीजों की तारीख तय, 13 जुलाई को आएगा रिपोर्ट कार्ड; डिविडेंड पर भी होगा फैसलारिटर्न कहीं और, निवेश कहीं और! क्या सही फंड चुन रहे हैं निवेशक? एक्सपर्ट से समझेंAI के दम पर नई छलांग की तैयारी में Coforge? शेयर में 50% तक तेजी की उम्मीद, एक्सपर्ट्स बुलिशकच्चा तेल सस्ता हो रहा है, फिर पेट्रोल-डीजल क्यों नहीं?20 लाख रुपये से ज्यादा पैकेज वाली नौकरियों में उछाल, ब्रोकरेज ने बताए 4 पसंदीदा IT स्टॉक्सJio IPO का इंतजार खत्म! ₹4 अरब के मेगा IPO की तैयारी तेज, जल्द दाखिल होंगे ड्राफ्ट पेपरसरकार के आदेश के खिलाफ Telegram का पलटवार, Delhi HC पहुंची याचिकाब्राजील में पेट्रोल से 70% सस्ता, भारत में सिर्फ 20%: क्या फ्लेक्स-फ्यूल बनेगा हिट? बता रहे एक्सपर्ट

Coal India अब सिर्फ कोयला नहीं! चिली में Lithium खदान पर बड़ी तैयारी

Advertisement

Coal India चिली में Lithium Mining और ऑस्ट्रेलिया में Critical Minerals कारोबार की तैयारी कर रही है। कंपनी विदेशों में नई सहायक इकाइयां बनाएगी

Last Updated- May 13, 2026 | 9:33 AM IST
Coal production and supply at record level, big step towards self-reliant India कोयला उत्पादन और सप्लाई रिकॉर्ड स्तर पर, आत्मनिर्भर भारत की ओर बड़ा कदम

सरकारी स्वामित्व वाली कोल इंडिया लिमिटेड (सीआईएल) ने चालू वित्त वर्ष में चिली और सिंगापुर में सहायक इकाई स्थापित करने की योजना बनाई है। कंपनी लीथियम, रेयर अर्थ, तांबा और कोकिंग कोल की दिशा में विदेश में संभावनाएं तलाश रही है। यह थर्मल कोल के कारोबार से आगे बढ़कर व्यापक विविधीकरण की योजना का हिस्सा है।

सीआईएल के चेयरमैन और प्रबंध निदेशक बी साईराम ने बिज़नेस स्टैंडर्ड को बताया कि कंपनी ने चिली में एक लीथियम ब्लॉक की पहचान की है और जरूरी काम पूरे कर लिए हैं। इस दिशा में आगे बढ़ने के लिए कंपनी को चिली सरकार से अंतिम मंजूरी का इंतजार है। उन्होंने कहा, ‘अगर चिली सरकार से मंजूरी मिल जाती है तो हम 2-3 साल में वहां खनन प्रक्रिया शुरू कर सकते हैं।’

सिंगापुर की सहायक कंपनी महत्त्वपूर्ण खनिजों, रेयर अर्थ, तांबा और कोकिंग कोल में ऑस्ट्रेलिया के कामकाज के लिए सीआईएल के मंच के रूप में काम करेगी। उन्होंने कहा, ‘हम महत्त्वपूर्ण खनिजों, रेयर अर्थ, कोकिंग कोल और तांबे के क्षेत्र में ऑस्ट्रेलिया के कुछ अच्छे खनन ऑपरेटरों के साथ सहयोग करने का प्रयास कर रहे हैं। इन सभी पर काम चल रहा है।’ साईराम का कहना है कि सहायक इकाइयों का ढांचा सिर्फ खनन के कामकाज के लिए ही नहीं, बल्कि प्रॉसेसिंग, बेनीफिकेशन, लॉजिस्टिक्स, नियामक मंजूरियों और महत्त्वपूर्ण खनिजों की मूल्य श्रृंखला से जुड़े बाजार के हिसाब से होगा।

उन्होंने कहा, ‘खनन एक क्षेत्र है और प्रसंस्करण पूरी तरह से अलग काम है। ये सहायक कंपनियां प्रॉसेसिंग, लॉजिस्टिक्स और बाजार की पहचान सहित पूरी मूल्य श्रृंखला का ध्यान रखेंगी।’ सीआईएल को उम्मीद है कि दोनों सहायक कंपनियां इस वित्त वर्ष में अस्तित्व में आ जाएंगी, जिसमें पहले सिंगापुर इकाई में और उसके बाद चिली में कामकाज शुरू होगा।

Advertisement
First Published - May 13, 2026 | 9:33 AM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement