facebookmetapixel
Advertisement
राज्य की प्रतिक्रिया और अभिव्यक्ति की सीमाएं testtestभारत का डिफेंस प्रोडक्शन ऑल-टाइम हाई पर, FY26 में15.6% बढ़कर ₹1.78 लाख करोड़ पर पहुंचाHCL Tech के नतीजों की तारीख तय, 13 जुलाई को आएगा रिपोर्ट कार्ड; डिविडेंड पर भी होगा फैसलारिटर्न कहीं और, निवेश कहीं और! क्या सही फंड चुन रहे हैं निवेशक? एक्सपर्ट से समझेंAI के दम पर नई छलांग की तैयारी में Coforge? शेयर में 50% तक तेजी की उम्मीद, एक्सपर्ट्स बुलिशकच्चा तेल सस्ता हो रहा है, फिर पेट्रोल-डीजल क्यों नहीं?20 लाख रुपये से ज्यादा पैकेज वाली नौकरियों में उछाल, ब्रोकरेज ने बताए 4 पसंदीदा IT स्टॉक्सJio IPO का इंतजार खत्म! ₹4 अरब के मेगा IPO की तैयारी तेज, जल्द दाखिल होंगे ड्राफ्ट पेपरसरकार के आदेश के खिलाफ Telegram का पलटवार, Delhi HC पहुंची याचिकाब्राजील में पेट्रोल से 70% सस्ता, भारत में सिर्फ 20%: क्या फ्लेक्स-फ्यूल बनेगा हिट? बता रहे एक्सपर्ट

कोल इंडिया ने निजी कारोबारियों को सौंपी खदानें, राजस्व बढ़ाने पर जोर

Advertisement

सीआईएल ने 23 कोयला खदानें चिह्नित की हैं, जिन्हें तकनीकी या वित्तीय वजहों से बंद कर दिया गया था, जिनमें से ज्यादातर भूमिगत खदानें हैं।

Last Updated- June 19, 2024 | 11:02 PM IST
कोल इंडिया ई-नीलामी के नियमों को आसान बनाएगी, Coal India will simplify the rules of e-auction

राष्ट्रीय खनन कंपनी कोल इंडिया लिमिटेड (सीआईएल) ने राजस्व साझा करने के मॉडल के तहत बेकार पड़ी खदानें निजी कारोबारियों को आवंटित कर दी हैं। इसका मकसद राजस्व बढ़ाना है।

सीआईएल ने 23 कोयला खदानें चिह्नित की हैं, जिन्हें तकनीकी या वित्तीय वजहों से बंद कर दिया गया था, जिनमें से ज्यादातर भूमिगत खदानें हैं। इन खदानों की कुल मिलाकर सालाना क्षमता 3.414 करोड़ टन सालाना है, जबकि खनन योग्य कुल भंडार 63.5 करोड़ टन होने का अनुमान लगाया गया है।

सीआईएल के वरिष्ठ अधिकारियों ने कहा कि इसके पीछे कोयले का उत्पादन व औद्योगिक हिस्सेदारी बढ़ाने का विचार है। हाल के दिनों में सीआईएल ने अनुबंध आधारित खनन की हिस्सेदारी बढ़ा दी है और कंपनी ने 75 प्रतिशत से अधिक कोयला उत्खनन एमडीओ मार्ग के माध्यम से निजी कारोबारियों को सौंप दिया है।

कंपनी ने एमडीओ की हिस्सेदारी 5 साल में बढ़ाकर 90 प्रतिशत करने की योजना बनाई है। एमडीओ या माइन डेवलपर और ऑपरेटर ठेके के खननकर्ता होते हैं।
सीआईएल के अधिकारी ने कहा कि इसके पीछे मुख्य अवधारणा यह है कि कोयले का घरेलू उत्पादन बढ़ाया जाए और आयात में कमी लाई जाए।

आवंटित की गई खदानों में 7-7 खदानों भारत कोकिंग कोल लिमिटेड और ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड की हैं। वहीं 5 खदानें वेस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड की हैं। जबकि शेष खदानें सीआईएल की अन्य सहायक इकाइयों की हैं।

Advertisement
First Published - June 19, 2024 | 11:02 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement