facebookmetapixel
Advertisement
M&M का EV प्लान! सिर्फ नई कार नहीं, पूरी फैक्ट्री बदल रही कंपनीराज्य की प्रतिक्रिया और अभिव्यक्ति की सीमाएं testtestभारत का डिफेंस प्रोडक्शन ऑल-टाइम हाई पर, FY26 में15.6% बढ़कर ₹1.78 लाख करोड़ पर पहुंचाHCL Tech के नतीजों की तारीख तय, 13 जुलाई को आएगा रिपोर्ट कार्ड; डिविडेंड पर भी होगा फैसलारिटर्न कहीं और, निवेश कहीं और! क्या सही फंड चुन रहे हैं निवेशक? एक्सपर्ट से समझेंAI के दम पर नई छलांग की तैयारी में Coforge? शेयर में 50% तक तेजी की उम्मीद, एक्सपर्ट्स बुलिशकच्चा तेल सस्ता हो रहा है, फिर पेट्रोल-डीजल क्यों नहीं?20 लाख रुपये से ज्यादा पैकेज वाली नौकरियों में उछाल, ब्रोकरेज ने बताए 4 पसंदीदा IT स्टॉक्सJio IPO का इंतजार खत्म! ₹4 अरब के मेगा IPO की तैयारी तेज, जल्द दाखिल होंगे ड्राफ्ट पेपरसरकार के आदेश के खिलाफ Telegram का पलटवार, Delhi HC पहुंची याचिका

अदाणी के शेयरों में संदिग्ध सौदों के लिए 6 इकाइयां जांच के घेरे में: न्यायालय समिति

Advertisement
Last Updated- May 21, 2023 | 2:46 PM IST
अदाणी समूह ने हिंडनबर्ग के दावों को ‘भ्रामक’ बताकर खारिज कियाHindenburg-Adani Case: Adani Group rejects Hindenburg's claims as 'misleading

उच्चतम न्यायालय द्वारा नियुक्त विशेषज्ञ समिति ने कहा है कि चार विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (एफपीआई) सहित छह इकाइयां अदाणी समूह के शेयरों में संदिग्ध सौदों के लिए जांच के घेरे में हैं।

समिति ने 178 पृष्ठ की अपनी रिपोर्ट में कहा है कि 24 जनवरी को हिंडनबर्ग रिसर्च की रिपोर्ट से पहले अदाणी समूह के शेयरों में ‘शॉर्ट पोजिशन’ (भाव गिरने पर मुनाफा कमाना) बनाई गई और भाव गिरने पर इन सौदों में पर्याप्त मुनाफा दर्ज किया गया।

समिति ने कहा है कि हिंडनबर्ग की रिपोर्ट में अदाणी समूह पर शेयरों के भाव में हेराफेरी करने और धनशोधन के आरोप लगाए जाने के बाद इन शेयरों के भाव में भारी गिरावट आने पर इन शेयर सौदों में मुनाफा कमाया गया।

बाजार नियामक भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) अदाणी समूह के खिलाफ आरोपों की पहले से ही जांच कर रहा था। हिंडनबर्ग रिपोर्ट में गंभीर आरोप लगाए जाने के बाद शीर्ष अदालत ने विशेषज्ञ समिति की नियुक्ति की थी।

इस समिति के प्रमुख उच्चतम न्यायालय के सेवानिवृत्त न्यायाधीश ए एम सप्रे बनाए गए थे जबकि ओ पी भट्ट, के वी कामत, नंदन नीलेकणि और सोमशेखर सुंदरेशन इसके सदस्य़ थे।

हिंडनबर्ग के आरोप सामने आने के बाद अदाणी समूह के शेयरों में भारी गिरावट आई थी। हालांकि, अडाणी समूह ने इन आरोपों को बेबुनियाद बताते हुए खारिज कर दिया था।

रिपोर्ट में कहा गया कि नकदी खंड में अदाणी के शेयरों के संबंध में कोई प्रतिकूल बात नहीं पाई गई, लेकिन छह इकाइयों की ओर से संदिग्ध सौदे हुए। इनमें से चार एफपीआई, एक कॉरपोरेट इकाई और एक व्यक्ति हैं।

रिपोर्ट में छह में से किसी का नाम नहीं बताया गया। इस संबंध में विस्तृत जांच की जा रही है। समिति ने कहा कि इस संबंध में तथ्यात्मक निष्कर्ष अभी बेहद शुरुआती स्तर के हैं और फिलहाल वह साक्ष्य की गुणवत्ता के संबंध में कोई टिप्पणी नहीं कर रही है। इन मामलों की जांच की जा रही है।

Advertisement
First Published - May 21, 2023 | 2:46 PM IST (बिजनेस स्टैंडर्ड के स्टाफ ने इस रिपोर्ट की हेडलाइन और फोटो ही बदली है, बाकी खबर एक साझा समाचार स्रोत से बिना किसी बदलाव के प्रकाशित हुई है।)

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement