facebookmetapixel
Advertisement
राज्य की प्रतिक्रिया और अभिव्यक्ति की सीमाएं testtestभारत का डिफेंस प्रोडक्शन ऑल-टाइम हाई पर, FY26 में15.6% बढ़कर ₹1.78 लाख करोड़ पर पहुंचाHCL Tech के नतीजों की तारीख तय, 13 जुलाई को आएगा रिपोर्ट कार्ड; डिविडेंड पर भी होगा फैसलारिटर्न कहीं और, निवेश कहीं और! क्या सही फंड चुन रहे हैं निवेशक? एक्सपर्ट से समझेंAI के दम पर नई छलांग की तैयारी में Coforge? शेयर में 50% तक तेजी की उम्मीद, एक्सपर्ट्स बुलिशकच्चा तेल सस्ता हो रहा है, फिर पेट्रोल-डीजल क्यों नहीं?20 लाख रुपये से ज्यादा पैकेज वाली नौकरियों में उछाल, ब्रोकरेज ने बताए 4 पसंदीदा IT स्टॉक्सJio IPO का इंतजार खत्म! ₹4 अरब के मेगा IPO की तैयारी तेज, जल्द दाखिल होंगे ड्राफ्ट पेपरसरकार के आदेश के खिलाफ Telegram का पलटवार, Delhi HC पहुंची याचिकाब्राजील में पेट्रोल से 70% सस्ता, भारत में सिर्फ 20%: क्या फ्लेक्स-फ्यूल बनेगा हिट? बता रहे एक्सपर्ट

आयुष्मान भारत में वरिष्ठ नागरिकों की कवरेज बढ़ी, बीमा कंपनियों पर पर असर नहीं होगा

Advertisement

70 साल से ज्यादा उम्र के लोगों का स्वास्थ्य बीमा कवरेज बहुत कम है, क्योंकि इनके बीमा का प्रीमियम बहुत ज्यादा होता है।

Last Updated- September 12, 2024 | 10:13 PM IST
EPFO Withdrawal Rules

केंद्र सरकार द्वारा 70 साल और उससे अधिक उम्र के लोगों को स्वास्थ्य बीमा के दायरे में लाए जाने से स्वास्थ्य बीमा कंपनियों पर अधिक असर पड़ने की संभावना नहीं है। एमके ग्लोबल फाइनैंशियल सर्विसेज के सीनियर रिसर्च एनॉलिस्ट अविनाश सिंह ने कहा, ‘आयुष्मान भारत में 70 साल से अधिक उम्र के सभी नागरिकों को शामिल किए जाने के सरकार के फैसले का असर स्वास्थ्य बीमा क्षेत्र की कंपनियों पर पड़ने की संभावना नहीं है।’

निजी क्षेत्र की बीमा कंपनी के एक अधिकारी ने कहा, ‘मुझे कारोबार में कमी की बहुत संभावना नहीं दिख रही है क्योंकि 70 साल से ज्यादा उम्र के लोगों का स्वास्थ्य बीमा कवरेज बहुत कम है, क्योंकि इनके बीमा का प्रीमियम बहुत ज्यादा होता है।’

उन्होंने कहा, ‘बीमा कंपनियों के लिए चिंता करने की कोई बात नहीं है। बीमा कंपनियों की कुछ ऐसी पॉलिसियां प्रभावित हो सकती हैं, जिसमें सह भुगतान की व्यवस्था है।’

Advertisement
First Published - September 12, 2024 | 10:13 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement