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Zee ऑडिट मामले में Deloitte पर 2 करोड़ रुपये का जुर्माना

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NFRA ने ज़ी एंटरटेनमेंट के ऑडिट में पेशेवर कदाचार के लिए डेलॉयट और चार्टर्ड अकाउंटेंट्स पर जुर्माना लगाया, संबंधित पक्ष लेनदेन और ऑडिट प्रक्रियाओं में कमियां आईं सामने

Last Updated- December 24, 2024 | 11:39 PM IST
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नैशनल फाइनैंशियल रिपोर्टिंग अथॉरिटी (एनएफआरए) ने ज़ी एंटरटेनमेंट एंटरप्राइजेज लिमिटेड (जीईईएल) के वित्त वर्ष 2018-19 और 2019-20 के ऑडिट में पेशेवर कदाचार के मामले में आज डेलॉयट हैस्किन्स ऐंड सेल्स एलएलपी पर दो करोड़ रुपये तथा दो चार्टर्ड अकाउंटेंट (सीए) पर कुल 15 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है। एनएफआरए ने डीबी रियल्टी लिमिटेड के वैधानिक ऑडिट के संबंध में भी दो सीए पर आठ लाख रुपये का जुर्माना लगाया और पांच तथा तीन साल के लिए उन पर रोक लगा दी।

ज़ी के मामले में नियामक एनएफआरए ने पाया कि लेखा ऑडिटरों ने कई चेतावनियों को नजरअंदाज किया और प्रवर्तकों की भूमिका, सावधि जमा कराने का आधार तथा ज़ी और समूह कंपनियों के बीच लेनदेन जैसे महत्वपूर्ण कारकों पर ध्यान नहीं दिया। एनएफआरए ने पाया कि ज़ी ने अपने पैसे का दुरुपयोग किया और ऑडिट समिति, निदेशक मंडल तथा शेयरधारकों की मंजूरी के बिना संबंधित पक्षों के साथ अनधिकृत लेनदेन किया।

एनएफआरए ने अपने आदेश में कहा, ‘हमारे पास यह मानने के कारण हैं कि ऑडिटरों ने सार्वजनिक हित वाली कंपनी के ऑडिट में अपेक्षित गुणवत्ता सुनिश्चित करने में उचित जांच-परख नहीं की और संबंधित कानूनों द्वारा निर्धारित आवश्यकताओं का पालन न करके पेशेवर कर्तव्यों के संचालन में घोर लापरवाही बरती।’

इस आदेश पर प्रतिक्रिया देते हुए डेलॉयट के प्रवक्ता ने कहा, ‘हमें कंपनी और दो सेवानिवृत्त पार्टनरों के खिलाफ एनएफआरए का आदेश मिला है। फिलहाल हम अपने अगले कदम के लिए आदेश की समीक्षा कर रहे हैं। हम ऑडिट गुणवत्ता के उच्चतम मानक बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध हैं।’

एनएफआरए ने केपीएमजी की उप-लाइसेंसधारी बीएसआर ऐंड कंपनी एलएलपी की अपनी दूसरी निरीक्षण रिपोर्ट में पाया कि ऑडिट कंपनी ने ऑडिटर की स्वतंत्रता, दस्तावेज आदि के बारे में पिछले सुझावों पर तो ध्यान दिया था। लेकिन इन उपायों के लिए निरंतर निगरानी की जरूरत होगी क्योंकि सत्यापन के लिए अमल की अवधि एक वर्ष से भी कम थी। उसने कहा कि ऑडिट के कुछ कार्यों में संबंधित पक्ष के लेनदेन के सत्यापन में कमियां पाई गईं।

रिपोर्ट पर प्रतिक्रिया देते हुए बीएसआर ऐंड कंपनी ने कहा, ‘हम स्वीकार करते हैं कि निरीक्षण की यह प्रक्रिया बहुत महत्वपूर्ण है और किसी भी ऑडिट कंपनी को रचनात्मक रूप से नियामक नजरिये पर विचार करने तथा अपनी मौजूदा प्रणालियों और प्रक्रियाओं में गुणात्मक सुधार लाने का अवसर देती है।’

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First Published - December 24, 2024 | 11:39 PM IST

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