facebookmetapixel
रेट कट का असर! बैंकिंग, ऑटो और रियल एस्टेट शेयरों में ताबड़तोड़ खरीदारीTest Post कैश हुआ आउट ऑफ फैशन! अक्टूबर में UPI से हुआ अब तक का सबसे बड़ा लेनदेनChhattisgarh Liquor Scam: पूर्व CM भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य को ED ने किया गिरफ्तारFD में निवेश का प्लान? इन 12 बैंकों में मिल रहा 8.5% तक ब्याज; जानिए जुलाई 2025 के नए TDS नियमबाबा रामदेव की कंपनी ने बाजार में मचाई हलचल, 7 दिन में 17% चढ़ा शेयर; मिल रहे हैं 2 फ्री शेयरIndian Hotels share: Q1 में 19% बढ़ा मुनाफा, शेयर 2% चढ़ा; निवेश को लेकर ब्रोकरेज की क्या है राय?Reliance ने होम अप्लायंसेस कंपनी Kelvinator को खरीदा, सौदे की रकम का खुलासा नहींITR Filing 2025: ऑनलाइन ITR-2 फॉर्म जारी, प्री-फिल्ड डेटा के साथ उपलब्ध; जानें कौन कर सकता है फाइलWipro Share Price: Q1 रिजल्ट से बाजार खुश, लेकिन ब्रोकरेज सतर्क; क्या Wipro में निवेश सही रहेगा?Air India Plane Crash: कैप्टन ने ही बंद की फ्यूल सप्लाई? वॉयस रिकॉर्डिंग से हुआ खुलासा

दुबई के Manlift Group का एलान, भारत में करेगा 2.5 करोड़ यूरो का इन्वेस्टमेंट

Last Updated- April 18, 2023 | 7:30 PM IST
Manlift Group

दुबई की कंपनी मैनलिफ्ट ग्रुप (Manlift Group) ने भारत में 2.5 करोड़ यूरो (लगभग 225 करोड़ रुपये) के अतिरिक्त निवेश की योजना बनायी है। कंपनी अगले पांच साल में देश में बड़े पैमाने पर विस्तार का लक्ष्य लेकर चल रही है। एक अधिकारी ने मंगलवार को यह जानकारी दी।

मैनलिफ्ट कंपनियों को ऊंचाई पर काम करने के लिए क्रेन जैसे उपकरण और मशीनरी उपलब्ध कराती है। कंपनी वर्ष 2010 से काम कर रही है और पहले ही सात करोड़ यूरो तक का निवेश कर चुकी है।

मैनलिफ्ट इंडिया, मैनलिफ्ट ग्रुप की इकाई है। यह संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) और कतर में भी सक्रिय है। मैनलिफ्ट ग्रुप, रिवाल समूह का हिस्सा है।

रिवाल होल्डिंग ग्रुप के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (CEO) पेड्रो टोरेस ने पीटीआई-भाषा से कहा, ”भारत हमारे लिए एक बड़ा अवसर है। यहां निर्माण उपकरण और मशीनरी की मांग पहले से ही अधिक है। मैनलिफ्ट का मानना ​​है कि आने वाले वर्षों में यह भारत में और तेजी से बढ़ेगी। हम भविष्य के बारे में आशावादी हैं और यहां अपने परिचालन का विस्तार करेंगे।”

टोरेस ने कहा, ”हम बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए अगले पांच साल में भारत में 2-2.5 करोड़ यूरो निवेश करने की योजना बना रहे हैं। इस पूंजी का उपयोग नए डिपो स्थापित करने और अत्यधिक मांग वाली मशीनरी की मात्रा बढ़ाने के लिए किया जाएगा।”

First Published - April 18, 2023 | 7:30 PM IST

संबंधित पोस्ट