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ED ने M3M के प्रमोटर रूप बंसल को किया गिरफ्तार, 400 करोड़ रुपये की हेरफेर का आरोप

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अधिकारियों को ऐसे सबूत मिले जिनसे पता चलता है कि IREO ग्रुप और M3M ग्रुप ने धन शोधन करते हुए ₹400 करोड़ से ज्यादा की रकम का हेरफेर किया है

Last Updated- June 09, 2023 | 9:37 PM IST
Enforcement Directorate

प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने M3M नाम की रियल एस्टेट कंपनी के प्रमोटर रूप बंसल को गिरफ्तार किया है। उन्होंने यह गिरफ्तारी इसलिए की क्योंकि उन्हें लगता है कि उसने पैसे की हेरफेर की है, इसलिए उसके खिलाफ धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA) के तहत मामला दर्ज किया गया है। ईडी ने M3M और एक अन्य रियल एस्टेट कंपनी IREO ग्रुप से जुड़े दिल्ली और गुरुग्राम में सात स्थानों पर तलाशी ली।

अधिकारियों ने इन कंपनियों की पड़ताल शुरू कर दी क्योंकि उन्हें लगा कि कंपनियां पैसा एक काम के लिए लेती हैं लेकिन इस्तेमाल किसी और काम के लिए करती हैं। अधिकारियों को ऐसे सबूत मिले जिनसे पता चलता है कि IREO ग्रुप और M3M ग्रुप ने इस तरह से धन शोधन करते हुए ₹400 करोड़ से ज्यादा की रकम का हेरफेर किया है।

पिछले दिनों IREO समूह के खिलाफ कई सारी FIR दर्ज की गई थीं। इसके बाद ही प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने जांच की है। केंद्रीय एजेंसी के अनुसार, उन्हें पता चला कि M3M Group को IREO Group से लगभग ₹400 करोड़ मिले। उन्होंने पैसे छिपाने के लिए कई अलग-अलग कंपनियों का इस्तेमाल किया। IREO के बहीखातों में उन्होंने कहा कि यह पैसा विकास अधिकारों के लिए था। लेकिन एजेंसी को लगता है कि इसमें कुछ गड़बड़ हो सकती है।

ईडी ने कहा कि जमीन M3M समूह की थी और उस जमीन का बाजार मूल्य लगभग 4 करोड़ रुपये था।

सबसे पहले, M3M ग्रुप ने ₹10 करोड़ में पांच अलग-अलग कंपनियों को जमीन विकसित करने के अधिकार बेचे। बताया गया कि ये कंपनियां M3M ग्रुप से संबंधित नहीं हैं। लेकिन जांच के बाद पता चला कि M3M ग्रुप वास्तव में इन पांच कंपनियों को भी नियंत्रित और चला रहा था।

उसके बाद, इन फर्जी कंपनियों ने उसी जमीन को विकसित करने के अधिकार IREO समूह को लगभग 400 करोड़ रुपये में बेच दिए।

IREO ग्रुप ने फर्जी कंपनियों को जो पैसा दिया, उसे फिर M3M ग्रुप को वापस भेज दिया गया। ऐसा उन्होंने कई तरह के लेन-देन और फर्जी कंपनियों का इस्तेमाल कर किया। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने कहा कि M3M समूह और उसके प्रमोटर पंकज बंसल और रूप कुमार बंसल इन फर्जी कंपनियों पर नियंत्रण रखते थे और सभी फैसले करते थे। साथ में इसमें उनके परिवारवाले भी शामिल थे।

IREO और M3M ने निवेशकों और ग्राहकों से लगभग ₹400 करोड़ लिए। उन्होंने इस पैसे का इस्तेमाल करने के बजाय इसे अपने पास रख लिया। M3M ग्रुप ने लोगों को वापस देने के बजाय इस पैसे का इस्तेमाल निवेश और कर्ज चुकाने जैसी अन्य चीजों के लिए किया।

तलाशी के दौरान, ईडी ने 60 करोड़ रुपये से अधिक की कई महंगी कारें, 5.75 करोड़ रुपये के गहने और सोना, 15 लाख रुपये की नकदी और महत्वपूर्ण कागजात और डिजिटल सबूत बरामद किए और अपने साथ ले गए। ईडी ने यह भी कहा कि IREO ग्रुप ने जमीन को विकसित करने के लिए कोई काम नहीं किया।

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First Published - June 9, 2023 | 8:33 PM IST

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